कोलकाता : पश्चिम बंगाल में वर्ष 2027 की माध्यमिक परीक्षा फरवरी के बजाय मार्च में आयोजित किए जाने की तैयारी है। शिक्षकों और शिक्षिकाओं की बड़ी संख्या में जनगणना कार्य में ड्यूटी लगाए जाने की संभावना को देखते हुए पश्चिम बंगाल मध्य शिक्षा परिषद ने परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार परीक्षा 2 मार्च से शुरू होकर 16 मार्च तक चल सकती है। हालांकि, अंतिम कार्यक्रम सरकारी मंजूरी के बाद ही जारी होगा।
2 से 16 मार्च तक परीक्षा का प्रस्ताव
मध्य शिक्षा परिषद के प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 2027 की माध्यमिक परीक्षा 2 मार्च से 16 मार्च के बीच आयोजित की जा सकती है। परिषद के अध्यक्ष डॉ. लालू दास ने प्रस्तावित कार्यक्रम को मंजूरी के लिए राज्य के शिक्षा आयुक्त के पास भेजा है। फिलहाल इसे अंतिम समय-सारिणी नहीं माना जा रहा है।
प्रस्ताव में परीक्षा प्रतिदिन सुबह 10:45 बजे से दोपहर 2 बजे तक कराने की बात कही गई है। इसमें पहले 15 मिनट परीक्षार्थियों को केवल प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए दिए जाने का प्रस्ताव है। सुबह 11 बजे से उत्तर लिखने की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रस्तावित माध्यमिक परीक्षा कार्यक्रम
- 2 मार्च 2027: प्रथम भाषा
- 3 मार्च 2027: द्वितीय भाषा
- 5 मार्च 2027: इतिहास
- 8 मार्च 2027: भूगोल
- 12 मार्च 2027: गणित
- 13 मार्च 2027: भौतिक विज्ञान
- 15 मार्च 2027: जीवन विज्ञान
- 16 मार्च 2027: ऐच्छिक विषय
जनगणना की ड्यूटी बनी बदलाव की मुख्य वजह
परीक्षा की तारीखों में बदलाव के पीछे मुख्य कारण वर्ष 2027 की जनगणना को बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जनवरी 2027 से 1 मार्च तक जनगणना के दूसरे चरण के तहत घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने का काम प्रस्तावित है। इस कार्य में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं और प्रशासनिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने की संभावना है।

ऐसे में फरवरी में माध्यमिक परीक्षा कराने पर परीक्षा संचालन और जनगणना, दोनों के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने में प्रशासन को कठिनाई हो सकती है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए परिषद ने परीक्षा को मार्च में कराने का प्रस्ताव तैयार किया है।
उच्च माध्यमिक परीक्षा से भी रखा गया तालमेल
परिषद ने परीक्षा कार्यक्रम तैयार करते समय उच्च माध्यमिक सेमेस्टर परीक्षाओं के केंद्रों और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को भी ध्यान में रखा है। उद्देश्य यह है कि दोनों परीक्षाओं के संचालन के दौरान केंद्रों और संसाधनों की कमी के कारण कोई बड़ी प्रशासनिक परेशानी न हो।
इसके अलावा माध्यमिक परीक्षा का परिणाम समय पर जारी करने और मूल्यांकन प्रक्रिया को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने पर भी ध्यान दिया गया है। परिषद की ओर से राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की सुविधा को भी कार्यक्रम तैयार करते समय ध्यान में रखने की बात कही गई है।
अंतिम फैसला सरकारी मंजूरी के बाद
फिलहाल माध्यमिक परीक्षा 2027 का मार्च वाला कार्यक्रम प्रस्तावित है। शिक्षा विभाग की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद ही अंतिम समय-सारिणी जारी की जाएगी। इसलिए विद्यार्थियों को अभी प्रस्तावित तारीखों को अंतिम कार्यक्रम मानने के बजाय शिक्षा विभाग और मध्य शिक्षा परिषद की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो फरवरी के बजाय मार्च में परीक्षा आयोजित होगी। इससे जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों की उपलब्धता और परीक्षा संचालन, दोनों के बीच प्रशासनिक समन्वय बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
