कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा परिसर में सोमवार सुबह एक कैंटीन कर्मचारी की मौत से हड़कंप मच गया। पश्चिम बंगाल विधानसभा कैंटीन कर्मचारी उमेश चंद्र दास को परिसर के कैंटीन सेक्शन स्थित रेस्ट रूम के शौचालय में अचेत अवस्था में पाया गया। सूचना मिलने के बाद विधानसभा के सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। citeturn211832search0turn211832search1
मृतक की पहचान उमेश चंद्र दास के रूप में हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह करीब 15 वर्षों से विधानसभा कैंटीन में अस्थायी कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे थे। सोमवार सुबह वह कैंटीन सेक्शन के रेस्ट रूम के शौचालय में अचेत अवस्था में मिले। इसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने विधानसभा अधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर्मियों को इसकी जानकारी दी। मामले की सूचना हेयर स्ट्रीट थाने को भी दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। citeturn211832search0turn211832search4
अचेत हालत में मिले कर्मचारी, अस्पताल पहुंचाने पर मृत घोषित
पुलिस के अनुसार, कर्मचारी को शौचालय से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया था। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती पुलिस जांच में शरीर पर किसी तरह के स्पष्ट बाहरी चोट के निशान सामने नहीं आए हैं। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मृत्यु के कारणों की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। citeturn211832search0turn211832search1
हेयर स्ट्रीट पुलिस के साथ होमिसाइड विंग ने संभाली जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की होमिसाइड विंग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल की परिस्थितियों की पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि उमेश चंद्र दास शौचालय तक किस परिस्थिति में पहुंचे और वहां अचेत अवस्था में मिलने के पीछे क्या कारण था। फिलहाल किसी आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के आधार पर आगे की दिशा तय करेगी। citeturn211832search0turn211832search2

15 साल से विधानसभा कैंटीन में कर रहे थे काम
उमेश चंद्र दास के बारे में पुलिस की ओर से बताया गया है कि वह लंबे समय से विधानसभा कैंटीन से जुड़े हुए थे। करीब डेढ़ दशक तक एक ही परिसर में काम करने वाले कर्मचारी की इस तरह मौत की खबर सामने आने के बाद विधानसभा परिसर में मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच भी हलचल बढ़ गई। घटना के बाद संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई और पुलिस की टीम ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि घटना विधानसभा जैसे उच्च-सुरक्षा वाले परिसर के भीतर हुई है। पुलिस अब घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध रिकॉर्ड और परिस्थितियों की जांच कर रही है। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मामले में अभी तक किसी तरह की शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं है और शुरुआती जांच में बाहरी चोट के स्पष्ट निशान भी नहीं मिले हैं। ऐसे में जांच एजेंसियां पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं। citeturn211832search0turn211832search1
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
मौत के कारणों को लेकर फिलहाल कई संभावनाओं पर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस की प्राथमिकता मृतक की मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करना है। पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने आने पर यह पता चल सकेगा कि मौत किस वजह से हुई। जांच अधिकारी घटनास्थल से जुड़े लोगों और परिस्थितियों की जानकारी भी जुटा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस स्तर पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। इसलिए मौत को लेकर किसी भी तरह की अटकल से बचते हुए जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। होमिसाइड विंग की मौजूदगी में जांच आगे बढ़ने से मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल उमेश चंद्र दास की मौत का कारण आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हुआ है। citeturn211832search0turn211832search4

