व्रत में क्या खाएं: व्रत या उपवास के दौरान जब हल्की भूख लगती है तो कई लोग फल, मखाना, साबूदाना के साथ केले या आलू के चिप्स खाना पसंद करते हैं। दोनों ही स्वाद में अच्छे लगते हैं और जल्दी भूख भी शांत कर देते हैं। लेकिन सवाल यह है कि व्रत में केले के चिप्स और आलू के चिप्स में से कौन सा विकल्प बेहतर है?
अक्सर लोग सोचते हैं कि केले से बने चिप्स ज्यादा हेल्दी होंगे, लेकिन सिर्फ चिप्स का केला या आलू से बना होना ही पूरी तस्वीर नहीं बताता। इन्हें किस तेल में और कितनी देर तक तला गया है, इनमें नमक कितना है और आप कितनी मात्रा खा रहे हैं—ये सभी बातें महत्वपूर्ण हैं।
केले के चिप्स को हेल्दी समझना सही नहीं
केला अपने प्राकृतिक रूप में फाइबर, पोटैशियम और विटामिन बी6 जैसे पोषक तत्व देता है। लेकिन जब इसी केले को चिप्स के रूप में ज्यादा तेल में तला जाता है, तो इसकी पौष्टिकता का पूरा फायदा नहीं मिलता। बाजार में मिलने वाले कई केले के चिप्स में तेल और नमक की मात्रा काफी अधिक हो सकती है।
इसलिए यह मान लेना कि केले के चिप्स फल से बने हैं तो इन्हें जितना चाहें उतना खाया जा सकता है, सही नहीं होगा।
आलू के चिप्स से मिलती है तुरंत एनर्जी
आलू कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है और इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। इसी वजह से व्रत में आलू से बनी चीजें लंबे समय से खाई जाती हैं।
लेकिन जब आलू को पतले स्लाइस में काटकर डीप फ्राई किया जाता है और उसमें ज्यादा नमक डाला जाता है, तो यह एक हाई-कैलोरी स्नैक बन जाता है। इसलिए आलू के चिप्स को भी सीमित मात्रा में ही खाना बेहतर है।
असली फर्क तेल और बनाने के तरीके से पड़ता है
केले और आलू के चिप्स में से कौन बेहतर है, इसका जवाब केवल उनकी सामग्री देखकर नहीं दिया जा सकता।
मान लीजिए केले के चिप्स बहुत ज्यादा तेल में तले गए हैं और आलू के चिप्स कम तेल में तैयार किए गए हैं। ऐसी स्थिति में सिर्फ केला होने की वजह से केले के चिप्स को ज्यादा हेल्दी नहीं माना जा सकता।
यानी चिप्स का चुनाव करते समय तेल की मात्रा और बनाने का तरीका सबसे अहम चीजों में शामिल है।
सेंधा नमक है तो क्या ज्यादा चिप्स खा सकते हैं?
व्रत के दौरान सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सेंधा नमक वाली चीजें असीमित मात्रा में खाई जा सकती हैं।
चिप्स में नमक की मात्रा ज्यादा होने पर सोडियम का सेवन बढ़ सकता है। इसलिए व्रत में भी नमक वाली चीजों को सीमित मात्रा में खाना बेहतर है। खासकर जिन लोगों को ब्लड प्रेशर या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, उन्हें अपने खानपान को लेकर डॉक्टर या डाइट एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार चलना चाहिए।
व्रत में कितने चिप्स खाने चाहिए?
चाहे केले के चिप्स हों या आलू के, इन्हें बार-बार मुट्ठी भरकर खाना सही आदत नहीं है। थोड़ी मात्रा में खाने के बाद रुकना बेहतर है।
अगर व्रत के दौरान बार-बार भूख लग रही है तो केवल चिप्स पर निर्भर रहने के बजाय फल, दही, दूध, मखाना या थोड़े मेवे जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। संतुलित व्रत के भोजन में सिर्फ कार्बोहाइड्रेट के बजाय प्रोटीन और फाइबर वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करना ज्यादा उपयोगी रहता है।
बाजार के बजाय घर के बने चिप्स बेहतर विकल्प
अगर व्रत में चिप्स खाने का मन है तो घर पर तैयार किए गए चिप्स बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इससे आप तेल और नमक की मात्रा अपने हिसाब से नियंत्रित कर सकते हैं।
केले या आलू को पतले टुकड़ों में काटकर कम तेल में सेंका जा सकता है और ऊपर से जरूरत के अनुसार थोड़ा सेंधा नमक डाला जा सकता है। डीप फ्राई करने के बजाय कम तेल में तैयार करना कुल कैलोरी और वसा का सेवन कम रखने में मदद कर सकता है।
तो व्रत में केले के चिप्स खाएं या आलू के?
अगर दोनों विकल्प ज्यादा तेल और नमक में बने हैं, तो किसी को भी हेल्दी स्नैक नहीं कहा जा सकता। कम तेल और कम नमक में तैयार किए गए केले के चिप्स कुछ मामलों में बेहतर विकल्प हो सकते हैं, लेकिन मात्रा सबसे महत्वपूर्ण है।
व्रत के दौरान अगर चिप्स खाना ही है तो कम तेल और कम नमक वाला विकल्प चुनें और इसे सीमित मात्रा में खाएं। रोजाना की भूख मिटाने के लिए फल, मखाना, दही या मेवे जैसे अधिक पौष्टिक विकल्पों को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और खानपान संबंधी जानकारी पर आधारित है। किसी बीमारी, विशेष डाइट या स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में अपने डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह लें।