Nalanda news। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और एसआईआर को रद्द करने की मांग को लेकर भाकपा-माले की ओर से शुक्रवार को लगातार बारिश और खराब मौसम के बीच बिहार शरीफ में प्रतिवाद मार्च निकाला गया। मार्च कमरुद्दीन गंज स्थित माले जिला कार्यालय से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अस्पताल मोड़ पहुंचा, जहां नुक्कड़ सभा आयोजित की गई।
मार्च का नेतृत्व माले जिला सचिव श्रीनिवास शर्मा, उमेश पासवान, रामदास अकेला, किसान महासभा के जिला सचिव मुनी लाल यादव, रेणु देवी, रामाधीन प्रसाद, महेंद्र राम, अनिल पटेल, रामप्रीत केवट, किशोर साव, मकसुद शर्मा, जनार्दन प्रसाद, बखोरी प्रसाद, सर्वेश कुमार, विनोद रजक, सुभाष शर्मा, अवधेश यादव, सुनील पासवान और मनोज यादव समेत अन्य नेताओं ने किया।
अस्पताल मोड़ पर आयोजित हुई नुक्कड़ सभा
अस्पताल मोड़ पर आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए माले नेताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।
माले नेताओं ने रखीं कई मांगें
माले नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी, एसआईआर रद्द करने, प्रक्रिया के दौरान हटाए गए मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने तथा कथित फर्जी नामों को मतदाता सूची से हटाने की मांग की। इसके अलावा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की वर्तमान प्रणाली में बदलाव और नियुक्ति करने वाली समिति में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की मांग भी उठाई गई।
एसआईआर के बाद हुए चुनाव रद्द करने की मांग
नेताओं ने एसआईआर के बाद हुए चुनावों को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक देशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे भाकपा-माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य समेत अन्य प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की भी निंदा की।