थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पास शुक्रवार को एक स्कूल में हुई अंधाधुंध गोलीबारी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। नोंथबुरी प्रांत के देबसिरिन नोंथबुरी स्कूल में एक छात्र ने अचानक शिक्षकों और स्कूल स्टाफ पर गोलियां चला दीं। इस दर्दनाक हमले में कुल सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 अन्य घायल हुए हैं। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छात्र-छात्राएं अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए और कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका पुलिस और राहत टीमों से भर गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह स्कूल में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं। इसी दौरान आरोपी छात्र हथियार लेकर परिसर में पहुंचा और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। अचानक गोलियों की आवाज सुनते ही कक्षाओं में मौजूद छात्र और शिक्षक घबरा गए। कई लोगों ने खुद को कमरों में बंद कर लिया, जबकि कुछ सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
स्कूल स्टाफ और छात्र बने निशाना
थाईलैंड के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में स्कूल के कई कर्मचारी और शिक्षक मारे गए। पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्र ने घटना के बाद खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी मौत हो गई। घायलों को तुरंत आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई लोगों का इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि स्कूल पहुंचने से पहले आरोपी ने अपने दादा-दादी की भी हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि उसने अपने दादा की लाइसेंसी पिस्तौल का इस्तेमाल किया। हालांकि पुलिस अभी इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और हमले के पीछे की असली वजह का पता लगाने में जुटी है।
प्रधानमंत्री ने जताया शोक
घटना के बाद थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित एजेंसियों को घटना की निष्पक्ष जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
फायरिंग के कुछ समय बाद स्कूल के बाहर का दृश्य बेहद भावुक था। परिजन अपने बच्चों की जानकारी के लिए स्कूल के बाहर जमा रहे। कई लोग रोते-बिलखते दिखाई दिए, जबकि राहतकर्मी घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटे रहे। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।
हथियार कानूनों पर फिर उठे सवाल
थाईलैंड में हथियार रखने को लेकर अपेक्षाकृत सख्त नियम लागू हैं। अवैध हथियार रखने पर कड़ी सजा का प्रावधान है, लेकिन इसके बावजूद समय-समय पर गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रही हैं। इस ताजा हमले के बाद एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और हथियारों की उपलब्धता को लेकर बहस तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सख्त कानून पर्याप्त नहीं हैं। स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब थाईलैंड किसी बड़े हमले से दहला हो। फरवरी 2026 में दक्षिणी थाईलैंड के हात याई जिले के एक स्कूल में भी गोलीबारी हुई थी, जिसमें एक शिक्षक की मौत और एक छात्र घायल हुआ था। इससे पहले अक्टूबर 2022 में नोंग बुआ लामफू प्रांत में एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने डे-केयर सेंटर में बंदूक और चाकू से हमला कर दर्जनों लोगों, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल थे, की हत्या कर दी थी। उस घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था।
ताजा घटना के बाद थाईलैंड सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। वहीं, पुलिस हमले के पीछे की परिस्थितियों और आरोपी की मानसिक स्थिति से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पूरे देश में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है और लोग मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।