पटना: सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को बापू सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की। राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लौह पुरुष के योगदान को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत सरकार के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बिहार में बनेगी सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की धरती पर सरदार वल्लभभाई पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने पटेल को आजाद भारत के सबसे मजबूत गृह मंत्री के रूप में याद किया और कहा कि देश को एकजुट करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पटेल की राजनीतिक दृढ़ता और राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि आजादी के समय देश में 567 रियासतें थीं। उनके अनुसार, यदि सरदार पटेल नहीं होते और उनकी नीतियां कमजोर होतीं, तो भारत का वर्तमान स्वरूप वैसा नहीं होता जैसा आज दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने पटेल की भूमिका को देश की एकता और अखंडता से जोड़ते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।
अमित शाह को बताया ‘दूसरा लौह पुरुष’
सम्राट चौधरी ने देश को पूरी तरह नक्सली मुक्त करने के संकल्प का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ‘दूसरा लौह पुरुष’ बताया। उन्होंने कहा कि देश को अब ‘सोने की चिड़िया’ नहीं, बल्कि ‘सोने का शेर’ बनाना है, जो पूरी दुनिया में अपनी ताकत का संदेश दे। मुख्यमंत्री के संबोधन में राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और विकास को प्रमुख विषय के रूप में रखा गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत, कला संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी, मंत्री रामकृपाल यादव, मंत्री शीला मंडल और भगवान सिंह कुशवाहा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सरदार पटेल के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया।
जिला अस्पतालों से पटना रेफर करने की व्यवस्था पर भी बोले
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार के फैसलों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले जिला अस्पतालों से मरीजों को बड़ी संख्या में पीएमसीएच और आईजीआईएमएस पटना रेफर किया जाता था। अब सरकार ने इस रेफरल सिस्टम को खत्म करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी डॉक्टर बिना स्पष्ट जानकारी दिए जिला अस्पताल से मरीज को पटना रेफर नहीं कर सकेगा।
सम्राट चौधरी ने बताया कि पहले जिला अस्पतालों में एक हजार ऑपरेशन भी नहीं होते थे, जबकि अब वहां 52 तरह के ऑपरेशन किए जा रहे हैं और ऑपरेशन की संख्या 20 हजार तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर महीने अनुमंडल और जिला अस्पतालों में कम से कम एक लाख मरीजों के ऑपरेशन हों। मुख्यमंत्री ने इसे बिहार को स्वास्थ्य क्षेत्र में आगे ले जाने की सरकार की योजना से जोड़ा और कहा कि अगले चार वर्षों में राज्य को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य है।
विकसित बिहार के लक्ष्य का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकसित भारत और समृद्ध बिहार का सपना साकार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने सरदार पटेल की जयंती के मौके पर राष्ट्रीय एकता की भावना को विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया।

बापू सभागार में आयोजित समारोह में सरदार पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के संदेश के साथ राज्य की नीतियों तथा विकास के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद बिहार में सरदार पटेल की प्रस्तावित प्रतिमा को लेकर कार्यक्रम में विशेष चर्चा रही। वहीं, स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े उनके वक्तव्य में जिला अस्पतालों को मजबूत करने और अनावश्यक रेफरल पर रोक की नीति को प्रमुखता दी गई।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में सरदार पटेल के योगदान को याद करने के साथ राज्य सरकार के विकास और प्रशासनिक लक्ष्यों को भी सामने रखा गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में एकता, सुरक्षा, स्वास्थ्य और विकसित बिहार की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया।
