रोहतास: कोचस चौक और थाना से महज करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर पिछले मंगलवार दिनदहाड़े कंचन ज्वेलर्स में हुई घटना के विरोध में शुक्रवार को स्थानीय व्यवसायियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। घटना को लेकर कारोबारियों में नाराजगी दिखी और उन्होंने महात्मा गांधी परिसर में एक दिवसीय धरना देकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी चिंता जताई। बाजार बंद रहने से कारोबार प्रभावित रहा और व्यवसायियों ने घटना के विरोध में सामूहिक रूप से अपनी आवाज उठाई।
बाजार बंद कर जताया विरोध
व्यवसायियों का कहना है कि बाजार के प्रमुख हिस्से में और थाना से इतनी कम दूरी पर ज्वेलरी प्रतिष्ठान में दिनदहाड़े हुई घटना ने व्यापारिक समुदाय के बीच सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विरोध स्वरूप बड़ी संख्या में दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। उनका कहना था कि व्यापारिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित माहौल जरूरी है और ऐसी घटनाओं से कारोबारियों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
बाजार बंद के साथ ही व्यवसायियों ने महात्मा गांधी परिसर में एक दिवसीय धरना आयोजित किया। धरने के माध्यम से घटना के प्रति रोष प्रकट किया गया और व्यापारियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। कार्यक्रम में स्थानीय व्यापारिक समुदाय के कई लोग शामिल हुए।
रविंद्र सिन्हा की अध्यक्षता में हुआ धरना
धरने की अध्यक्षता रविंद्र सिन्हा ने की, जबकि संचालन दिलीप केसरी ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में डॉ. अनिल सिंह, अजय सिंह यादव, मुन्ना पासवान, सोनू शर्मा, भागेलु साह, उमाशंकर गुप्ता, अंतु केसरी, सकल साह और प्रमोद कुमार मंटू समेत अन्य लोग शामिल रहे। वक्ताओं ने घटना के बाद व्यापारियों के बीच बने माहौल और बाजार की सुरक्षा से जुड़े सवालों पर अपनी बात रखी।

धरने में मौजूद व्यवसायियों ने इस बात पर जोर दिया कि बाजार में काम करने वाले कारोबारी और उनके कर्मचारी रोजाना बड़ी मात्रा में व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े रहते हैं। ऐसे में प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भरोसा बनाए रखना जरूरी है। कंचन ज्वेलर्स की घटना के बाद व्यापारियों का सामूहिक रूप से सामने आना इसी चिंता को दर्शाता है।
व्यापारियों की एकजुटता दिखी
कार्यक्रम के दौरान व्यवसायियों की एकजुटता भी नजर आई। रविंद्र पाठक, केशव साह, रंगलाल साह और शंभु कानू समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर मौजूद रहे। अलग-अलग व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जुड़े लोगों ने धरने में भाग लेकर घटना के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। बाजार बंद रखने और धरना देने के फैसले से यह स्पष्ट हुआ कि घटना को लेकर स्थानीय कारोबारी समुदाय में गंभीर नाराजगी है।
व्यवसायियों के मुताबिक, बाजार में व्यापार का माहौल तभी बेहतर रह सकता है जब कारोबारी खुद को सुरक्षित महसूस करें। दिनदहाड़े ज्वेलरी प्रतिष्ठान में हुई घटना ने इस चिंता को और बढ़ाया है। इसी वजह से व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर विरोध जताने का फैसला लिया।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
कोचस में हुई इस घटना के बाद सबसे बड़ा मुद्दा बाजार क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर सामने आया है। थाना से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर घटना होने का उल्लेख करते हुए व्यवसायियों ने इसे गंभीर विषय बताया। उनका विरोध सिर्फ घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने व्यापारिक क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता सार्वजनिक रूप से सामने रखी।

फिलहाल, व्यवसायियों के इस विरोध कार्यक्रम ने स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर चर्चा तेज कर दी है। धरने में शामिल लोगों ने सामूहिक रूप से अपनी नाराजगी दर्ज कराई। बाजार बंद और धरने के जरिए व्यापारियों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था उनके लिए प्रमुख चिंता का विषय है।
