नई दिल्ली: देश की प्रमुख आईटी सेवा कंपनियों में शामिल टेक महिंद्रा ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कर्मचारियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी ने जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान 5,446 कर्मचारियों को जोड़ा। यह दो साल में किसी एक तिमाही में कंपनी की सबसे बड़ी कर्मचारी वृद्धि बताई जा रही है। इस बढ़ोतरी के बाद 30 सितंबर 2026 तक कंपनी का कुल कार्यबल 1,52,206 कर्मचारियों का हो गया।
लंबे समय तक लागत, कर्मचारियों की उपयोगिता और ऑपरेटिंग मार्जिन सुधारने पर ध्यान देने के बाद यह भर्ती आईटी क्षेत्र में कंपनी की बदलती रणनीति का संकेत देती है। हालांकि, किसी एक तिमाही में कर्मचारियों की संख्या बढ़ना अपने आप में भविष्य की भर्ती या कारोबार की रफ्तार की गारंटी नहीं है। इसे कंपनी के राजस्व, नए सौदों, कर्मचारियों की उपयोगिता और ग्राहकों की मांग के साथ समझना जरूरी है।
पहली तिमाही में घटी थी कर्मचारियों की संख्या
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में टेक महिंद्रा के कर्मचारियों की संख्या में 863 की कमी आई थी। दूसरी तिमाही में हुई भर्ती ने इस गिरावट की भरपाई की और चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कुल कर्मचारी संख्या में 4,583 की शुद्ध वृद्धि दर्ज हुई। यह बदलाव बताता है कि कंपनी की भर्ती नीति में तिमाही-दर-तिमाही अंतर रहा है।
कंपनी की ओर से जारी तिमाही नतीजों के अनुसार, सितंबर तिमाही के अंत में कार्यबल 1,52,206 था। पिछले 12 महीनों के आधार पर कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने की दर यानी लॉन्ग-टर्म एट्रिशन 11.7 प्रतिशत रही, जो पिछली तिमाही के 11.8 प्रतिशत से थोड़ी कम है। एट्रिशन दर में कमी कंपनी के लिए कर्मचारियों को बनाए रखने के लिहाज से सकारात्मक संकेत हो सकती है, हालांकि इसकी वास्तविक तस्वीर भर्ती, कर्मचारियों के अनुभव और कौशल की मांग के साथ ही स्पष्ट होती है।

कंपनी की भर्ती रणनीति में क्या बदल रहा है?
टेक महिंद्रा के प्रबंधन ने हाल के समय में कारोबार की गुणवत्ता, कर्मचारियों की उत्पादकता और लाभप्रदता को प्राथमिकता दी है। आईटी सेवा कंपनियां आम तौर पर ग्राहक परियोजनाओं की जरूरत, उपलब्ध काम, कर्मचारियों की उपयोगिता और भविष्य की मांग के आधार पर भर्ती में बदलाव करती हैं। ऐसे में दूसरी तिमाही की बड़ी भर्ती को केवल सामान्य विस्तार के रूप में देखने के बजाय कंपनी के कारोबारी अवसरों और कौशल संबंधी जरूरतों के संदर्भ में देखना चाहिए।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक मोहित जोशी ने तिमाही नतीजों से जुड़ी चर्चा में कहा कि कंपनी इस वर्ष भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) से भर्ती करने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रही है। कंपनी अमेरिका और यूरोप के विश्वविद्यालयों से भी प्रतिभाओं को जोड़ रही है। इससे संकेत मिलता है कि भर्ती का दायरा केवल अनुभवी पेशेवरों तक सीमित नहीं है, बल्कि कैंपस से प्रतिभा तलाशने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
कर्मचारियों की संख्या के साथ कारोबार में भी बढ़त
टेक महिंद्रा ने सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में 16,180 करोड़ रुपये का समेकित राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.6 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का कर-पश्चात लाभ 32.7 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1,586 करोड़ रुपये रहा। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर राजस्व में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
कंपनी ने लगातार चौथी तिमाही में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्य के नए सौदे हासिल किए। नए सौदों का कुल अनुबंध मूल्य लगभग 1.023 अरब डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर 25.4 प्रतिशत अधिक है। बड़े सौदों को वास्तविक राजस्व में बदलने में समय लग सकता है, लेकिन लगातार मजबूत सौदा-प्राप्ति भविष्य की परियोजनाओं और संसाधनों की योजना बनाने में मदद कर सकती है।

कंपनी का ब्याज और कर से पहले का लाभ (ईबीआईटी) 2,387 करोड़ रुपये रहा और ईबीआईटी मार्जिन 14.8 प्रतिशत पर पहुंच गया। कंपनी ने कहा कि मार्जिन में लगातार बारहवीं तिमाही में विस्तार हुआ है। भर्ती में तेजी और मार्जिन सुधार को साथ रखकर देखने पर यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि कंपनी नए कर्मचारियों को उत्पादक परियोजनाओं में कितनी तेजी से लगा पाती है।
आईटी सेक्टर में भर्ती की तस्वीर एक जैसी नहीं
दूसरी बड़ी आईटी कंपनियों के आंकड़े बताते हैं कि उद्योग में भर्ती की गति सभी जगह समान नहीं है। इसी अवधि में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने 4,258 कर्मचारी जोड़े, जबकि एचसीएलटेक के कार्यबल में लगभग 6,450 की वृद्धि हुई। दूसरी ओर, विप्रो के कर्मचारियों की संख्या में तिमाही आधार पर कमी दर्ज की गई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनियां बाजार की मांग, परियोजनाओं की जरूरत, लागत और अपने कारोबारी लक्ष्यों के अनुसार अलग-अलग फैसले ले रही हैं।
आईटी क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्लाउड, डेटा, साइबर सुरक्षा और डिजिटल बदलाव से जुड़ी सेवाएं नए अवसर पैदा कर रही हैं। साथ ही, एआई के इस्तेमाल से कुछ पारंपरिक कामों की प्रकृति और आवश्यक कर्मचारियों की संख्या भी बदल सकती है। इसलिए भविष्य में भर्ती का आकलन केवल कुल कर्मचारियों की संख्या से नहीं, बल्कि किन कौशलों की मांग है, कर्मचारियों को किस तरह प्रशिक्षित किया जा रहा है और नई तकनीक से उत्पादकता कितनी बढ़ रही है—इन पहलुओं से भी किया जाएगा।
नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए क्या मायने?
टेक महिंद्रा की भर्ती से आईटी क्षेत्र में अवसरों की संभावनाओं का संकेत मिलता है, लेकिन इससे किसी खास पद या स्थान पर तत्काल वैकेंसी होने की पुष्टि नहीं होती। नौकरी तलाश रहे उम्मीदवारों को कंपनी की आधिकारिक करियर वेबसाइट पर उपलब्ध पदों, आवश्यक कौशल, अनुभव और आवेदन की शर्तों की जांच करनी चाहिए। केवल तिमाही भर्ती के आंकड़ों के आधार पर नौकरी मिलने की संभावना का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

नए स्नातकों के लिए प्रोग्रामिंग की बुनियादी समझ, समस्या सुलझाने की क्षमता, संचार कौशल और डेटा व एआई से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान पर काम करना उपयोगी हो सकता है। अनुभवी पेशेवरों को अपने क्षेत्र के साथ-साथ क्लाउड, साइबर सुरक्षा, डेटा इंजीनियरिंग और एआई टूल्स जैसे उभरते कौशलों में दक्षता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। किसी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम या नौकरी के प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और शर्तों की जांच करना भी जरूरी है।
आगे किन संकेतों पर रहेगी नजर?
आने वाली तिमाहियों में टेक महिंद्रा की भर्ती की निरंतरता, कर्मचारियों की उपयोगिता, एट्रिशन दर, नए सौदों का राजस्व में रूपांतरण और मार्जिन का प्रदर्शन अहम संकेतक होंगे। अगर ग्राहक परियोजनाओं में विस्तार जारी रहता है, तो कंपनी को अतिरिक्त कौशल और संसाधनों की जरूरत पड़ सकती है। दूसरी ओर, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता या ग्राहकों के खर्च में बदलाव भर्ती की गति को प्रभावित कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, दूसरी तिमाही में 5,446 कर्मचारियों की बढ़ोतरी टेक महिंद्रा के लिए दो साल की सबसे बड़ी तिमाही भर्ती का संकेत है। बढ़ता राजस्व, मजबूत नए सौदे और मार्जिन में सुधार इस कदम को कारोबारी संदर्भ देते हैं। फिर भी, दीर्घकालिक तस्वीर इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपनी नई प्रतिभाओं को उत्पादक काम में कैसे लगाती है और बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप कौशल कैसे विकसित करती है।
