पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 8 मई 2027 तक राज्य में एक लाख सरकारी नियुक्तियां देने का लक्ष्य घोषित किया है। बुधवार को नवान्न सभागार में सहकारिता निरीक्षक पद पर चयनित 152 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपने के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई कथित अनियमितताओं और गलतियों को दोहराया नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है, लेकिन जिन पदों पर नियुक्ति होगी, वहां पारदर्शिता बरती जाएगी।
सहकारिता निरीक्षक के 152 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र
नवान्न सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सहकारिता निरीक्षक पद के लिए चयनित 152 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में सरकारी नियुक्तियों की मौजूदा स्थिति और आगे के लक्ष्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य निर्धारित समयसीमा में एक लाख नियुक्तियों का लक्ष्य हासिल करना है। इसके लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों और भर्ती की प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर भरोसा दिया कि उनकी सरकार पिछली सरकार के समय सामने आई कथित गलतियों को नहीं दोहराएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर बेरोजगार व्यक्ति को नौकरी देने का दावा नहीं कर सकती और सभी लोग सरकारी सेवा में जाना भी नहीं चाहते। इसके बावजूद उपलब्ध पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शी रखने की बात उन्होंने दोहराई।
सहकारिता क्षेत्र को अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया
अपने संबोधन में सुवेंदु अधिकारी ने सहकारिता क्षेत्र को अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने इसे केंद्र सरकार, राज्य सरकार और पंचायत एवं नगर निकायों के बाद आम लोगों के लिए आर्थिक गतिविधियों का एक वैकल्पिक आधार बताया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सहकारिता के जरिए आम लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने की संभावना रहती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल में राज्य के सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सरकार इस क्षेत्र को मजबूत करने और इसके माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। सहकारिता निरीक्षकों की नियुक्ति को इसी प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के कदम के रूप में पेश किया गया।
ओबीसी आरक्षण से भर्ती अटकने का आरोप
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर पिछली सरकार की प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ओबीसी आरक्षण से जुड़ी जटिलताओं के कारण कई परीक्षाएं आयोजित होने के बाद भी अभ्यर्थियों की मौखिक परीक्षा और नियुक्ति की प्रक्रिया वर्षों तक अटकी रही। उनके अनुसार, सत्ता परिवर्तन नहीं होता तो इन नियुक्तियों का रास्ता खुलना मुश्किल था।
यह आरोप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपने राजनीतिक और प्रशासनिक वक्तव्य में लगाए। उपलब्ध जानकारी में संबंधित परीक्षाओं, लंबित मामलों या आरक्षण से जुड़े न्यायिक आदेशों का अलग से विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
अब तक 63,496 नियुक्ति पत्र दिए जाने का दावा
मुख्यमंत्री ने नई सरकार के कार्यकाल में अब तक विभिन्न विभागों में कुल 63,496 लोगों को नियुक्ति पत्र दिए जाने का आंकड़ा पेश किया। उनके मुताबिक, इनमें 60,838 नियुक्तियां स्थायी पदों पर हुई हैं। सरकार की ओर से साझा किए गए विभागवार आंकड़ों में शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी, पुलिस, ग्राम पंचायत, सहकारिता विभाग और कांस्टेबल के पद शामिल हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार नियुक्तियों का ब्योरा इस प्रकार है:
- शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी: 33,409
- पुलिस: 12,147
- ग्राम पंचायत: 7,190
- सहकारिता विभाग: 152
- कांस्टेबल: 10,233, जिनमें 3,444 महिलाएं शामिल हैं।
ये आंकड़े मुख्यमंत्री की ओर से कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए हैं। विभागवार संख्या के आधार पर सरकार ने अब तक की नियुक्तियों का विवरण सामने रखा और आगे भी रिक्त पदों पर भर्ती जारी रखने की बात कही।
एक लाख नियुक्तियों के लक्ष्य की समयसीमा
सुवेंदु अधिकारी ने 8 मई 2027 तक एक लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। इसका अर्थ है कि सरकार को अगले महीनों में विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से की जाएंगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में एक लाख के लक्ष्य के तहत विभागवार रिक्तियों, नई भर्ती विज्ञप्तियों या चयन परीक्षाओं की तारीखों का विवरण नहीं दिया गया है।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह घोषणा महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी पद के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना और पात्रता शर्तों का इंतजार करना होगा। लक्ष्य की घोषणा को अपने आप में भर्ती विज्ञापन या आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत नहीं माना जा सकता।

भर्ती में पारदर्शिता पर सरकार का जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार नियुक्तियों में पिछली गलतियों को नहीं दोहराना चाहती। सहकारिता निरीक्षक के 152 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपना और एक लाख नियुक्तियों का लक्ष्य घोषित करना सरकार की रोजगार नीति के प्रमुख बिंदुओं के रूप में सामने आया है। अब इस लक्ष्य की प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि विभागों में भर्ती प्रक्रिया कितनी तेजी से और किस तरह पूरी की जाती है।
