हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 22 नवंबर से 23 दिसंबर तक चलेगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रशासन ने 14 कोषांग बनाकर घाट, सफाई, बिजली, स्वास्थ्य और सुरक्षा समेत अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की हैं।
छपरा: विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2026 को लेकर सारण जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार मेला 22 नवंबर से 23 दिसंबर तक आयोजित होगा। 32 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
मेले की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने 14 कोषांगों का गठन किया है।
प्रशासन ने अलग-अलग कोषांगों के लिए वरीय और नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। अधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समय से कार्ययोजना तैयार करने और निर्धारित समय में तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
मेले में संस्कृति और खेल का भी रहेगा रंग
सोनपुर मेले के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए पूरे 32 दिनों का कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े आयोजन होंगे तथा स्थानीय कलाकारों को भी मंच देने की योजना है।
प्रस्तावित कार्यक्रमों में भागवत कथा, रामलीला और घाट पर गंगा आरती जैसे आयोजन शामिल हैं। इसके अलावा नौका दौड़, कुश्ती और पतंगबाजी जैसी गतिविधियां भी कराई जाएंगी। आयोजन स्थलों और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित कोषांग को दी गई है।
कार्तिक पूर्णिमा पर घाटों पर विशेष सुरक्षा
सोनपुर और पहलेजा घाट पर स्नान करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। चिह्नित घाटों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
कार्तिक पूर्णिमा के दौरान भीड़ बढ़ने को देखते हुए नदी में नाव, नाविक, गोताखोर और एसडीआरएफ टीम की तैनाती की जाएगी। पुरानी गंडक पुल घाट, साधुगाछी घाट, काली घाट समेत अन्य स्नान स्थलों पर भी निगरानी रखी जाएगी।
दो जोन और 10 सब-जोन में होगी सफाई
मेले में सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को दो जोन और 10 सब-जोन में बांटने की योजना है। घाट, सड़क, नालियों, शिविरों और डाकबंगला क्षेत्र समेत प्रमुख जगहों पर नियमित सफाई कराई जाएगी।
कूड़ा उठाव के साथ डंपिंग स्थल के रखरखाव की व्यवस्था भी की जाएगी। वहीं मेले में आने वाले लोगों के लिए पेयजल, शौचालय और स्नानघर की उपलब्धता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित टीम की होगी।
बिजली और रोशनी की रहेगी व्यवस्था
मेले में रात के समय पर्याप्त रोशनी के लिए अस्थायी विद्युतीकरण की व्यवस्था की जाएगी। सोनपुर और पहलेजा घाट, नया गंडक पुल, घुराना बाइपास, पुराना गंडक पुल, काली घाट और हरिहरनाथ मंदिर के आसपास पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी।
जरूरत पड़ने पर जनरेटर, फ्लैशलाइट, हैलोजन और बल्ब की अतिरिक्त व्यवस्था भी रखने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य शिविर और एंबुलेंस रहेंगी तैनात
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। मेले में पशुओं की मौजूदगी को देखते हुए पशु चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराने की तैयारी है।
अस्थायी थाना और पुलिस पोस्ट से होगी निगरानी
भीड़ और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए अस्थायी थाना और पुलिस पोस्ट बनाए जाएंगे। जरूरत के अनुसार पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती होगी।
हरिहरनाथ मंदिर, दोनों गंडक पुल, नखास क्षेत्र, स्नान घाट और पहलेजा घाट जैसे प्रमुख स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा प्रदर्शनी, स्टॉल और दुकानों की निगरानी, प्रचार-प्रसार, मीडिया समन्वय, सोशल मीडिया, स्मारिका और शिकायतों के लिए भी अलग-अलग व्यवस्था की गई है।
समय पर पूरी करनी होगी तैयारियां
प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने कोषांग की बैठक कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया है। उद्देश्य है कि सोनपुर मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराया जा सके।