डेहरी आन सोन/रोहतास: चक्रवाती तूफान अर्णव के प्रभाव से पिछले तीन दिनों से जारी बारिश के बीच सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को इंद्रपुरी सोन बराज पर पानी का स्तर बढ़ने के बाद जल संसाधन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बराज का ट्रेंड राइजिंग बना हुआ है, यानी जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। स्थिति को देखते हुए सोन नदी के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
इंद्रपुरी बराज प्रमंडल के सहायक अभियंता संजय झा के अनुसार बराज के कुल 69 फाटकों में से पांच फाटक खोले गए हैं। ऊपरी जल ग्रहण क्षेत्र से बराज तक 26,910 क्यूसेक पानी प्राप्त हो रहा है। इसमें से 26,430 क्यूसेक पानी सोन नदी में छोड़ा जा रहा है। जलस्तर और पानी के प्रवाह पर विभाग की लगातार नजर बनी हुई है।
26,910 क्यूसेक पानी बराज तक पहुंचा
विभागीय जानकारी के मुताबिक ऊपरी जल ग्रहण क्षेत्र से प्राप्त पानी की मात्रा में बढ़ोतरी के कारण बराज संचालन को जल प्रवाह के अनुरूप नियंत्रित किया जा रहा है। 26,910 क्यूसेक पानी की आमद के मुकाबले 26,430 क्यूसेक पानी सोन नदी में छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य बराज पर पानी के दबाव और नदी के प्रवाह की स्थिति को देखते हुए जल निकासी बनाए रखना है।
सहायक अभियंता ने बताया कि बराज के पश्चिमी संयोजक नहर में 274 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं पूर्वी संयोजक नहर को बंद कर दिया गया है। नहरों में पानी के प्रवाह का संचालन भी उपलब्ध जल और विभागीय व्यवस्था के अनुसार किया जा रहा है।

सोन तटीय इलाकों में अलर्ट
सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता बढ़ाई है। विभाग की ओर से सोन तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों और तटीय क्षेत्र में काम करने वालों को जलस्तर में बदलाव पर नजर रखने की जरूरत है।
पिछले तीन दिनों से बारिश और ऊपरी जल ग्रहण क्षेत्र से आने वाले पानी के कारण सोन बराज पर स्थिति बदल रही है। बराज का ट्रेंड राइजिंग रहने से विभाग के सामने पानी के प्रवाह की निगरानी और फाटकों के संचालन को लेकर सतर्कता बनाए रखना जरूरी हो गया है। अधिकारी लगातार जलस्तर और पानी की आमद की स्थिति का आकलन कर रहे हैं।
फाटकों और नहरों के संचालन पर नजर
इंद्रपुरी बराज सोन नदी की जल व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यहां जल प्रवाह बढ़ने पर बराज के फाटकों और नहरों के संचालन के जरिए पानी की निकासी को नियंत्रित किया जाता है। मौजूदा स्थिति में 69 फाटकों में पांच फाटक खोले गए हैं, जबकि पश्चिमी संयोजक नहर में सीमित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। पूर्वी संयोजक नहर को बंद रखा गया है।
विभागीय स्तर पर जल प्रवाह के आंकड़ों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि ऊपरी जल ग्रहण क्षेत्र से पानी की आमद बढ़ती है तो बराज पर जलस्तर की स्थिति भी बदल सकती है। इसलिए अधिकारियों ने तटीय क्षेत्रों को अलर्ट पर रखा है। फिलहाल विभाग की प्राथमिकता जलस्तर की निगरानी, सुरक्षित निकासी और संभावित जोखिम वाले इलाकों में समय रहते सूचना पहुंचाना है।

बारिश के असर से बढ़ी निगरानी
अर्णव तूफान के कारण मौसम में बदलाव और लगातार बारिश का असर सोन नदी के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। तीन दिनों से जारी बारिश के बाद ऊपरी जल ग्रहण क्षेत्र से पानी की आमद बढ़ी है। इसके कारण इंद्रपुरी बराज पर ट्रेंड राइजिंग बना हुआ है। जल संसाधन विभाग ने इसी स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रखा है।
स्थानीय स्तर पर भी लोगों से नदी और बराज के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने तथा जलस्तर में अचानक बदलाव की स्थिति में प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। फिलहाल विभागीय आंकड़ों के अनुसार पानी की निकासी जारी है और बराज के पांच फाटकों को खोलकर स्थिति पर नियंत्रण रखा जा रहा है। आगे जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर फाटकों और नहरों के संचालन में आवश्यक परिवर्तन किया जा सकता है।
