डीजल पंपों की जगह सोलर पंप लगाने की रफ्तार बढ़ी, PM-KUSUM ने दिया बड़ा सहारा; दोनों कंपनियां बढ़ा रहीं उत्पादन और नए कारोबार पर फोकस
Solar Pump Market India: भारत में खेती की सिंचाई व्यवस्था तेजी से बदल रही है। डीजल और पारंपरिक बिजली से चलने वाले पंपों की जगह सोलर पंपों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। सरकार की PM-KUSUM जैसी योजनाओं ने इस बदलाव को गति दी है। यही वजह है कि सोलर पंप उद्योग आने वाले वर्षों में बड़े कारोबारी अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
उद्योग के अनुमानों के अनुसार, भारत का सोलर पंप बाजार FY2019 के करीब ₹170 करोड़ से बढ़कर FY2025 में लगभग ₹16,450 करोड़ हो गया। FY2030 तक इसके करीब ₹27,110 करोड़ पहुंचने का अनुमान है। इस मांग में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे बड़ी है।
80 लाख डीजल पंप बदलने की संभावना
सोलर पंपों का सबसे बड़ा अवसर मौजूदा डीजल पंपों को बदलने से जुड़ा है। उद्योग के अनुमानों के मुताबिक देश में करीब 80 लाख कृषि डीजल पंप हैं। इन्हें धीरे-धीरे सोलर पंप में बदलने की संभावित जरूरत करीब ₹1.2 लाख करोड़ के अवसर में बदल सकती है।
इसके अलावा बड़ी संख्या में किसानों के पास सिंचाई के लिए अपना पंप नहीं है। इस संभावित नई मांग को जोड़ने पर सोलर कृषि पंपों का कुल संभावित बाजार करीब ₹3.6 लाख करोड़ आंका गया है। यह वर्तमान बाजार का आकार नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में बनने वाली संभावित मांग का अनुमान है।
PM-KUSUM में अब तक कितना काम?
PM-KUSUM को सोलर कृषि पंपों के विस्तार की सबसे अहम सरकारी योजनाओं में माना जाता है। हालांकि इसके आंकड़े समझना जरूरी है। योजना के Component-B के तहत 14 लाख स्टैंडअलोन सोलर कृषि पंप लगाने का लक्ष्य है। वहीं Component-C में मौजूदा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सोलराइजेशन और फीडर स्तर पर सोलराइजेशन भी शामिल है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 तक Component-B में करीब 11.8 लाख सोलर पंप इंस्टॉल किए जा चुके थे। यानी अकेले स्टैंडअलोन पंप वाले हिस्से में लक्ष्य के मुकाबले बड़ा काम हो चुका है, जबकि व्यापक कृषि सोलराइजेशन की संभावनाएं अभी बनी हुई हैं।
Shakti Pumps: पंप इंस्टॉलेशन में तेजी
इस सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में Shakti Pumps का नाम है। कंपनी के मुताबिक उसने अब तक 2.6 लाख से अधिक सोलर पंप लगाए हैं, जिनमें करीब 1.9 लाख PM-KUSUM के तहत हैं। FY26 में कंपनी ने 86,086 सोलर पंप इंस्टॉल किए, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 20% ज्यादा हैं।
FY27 की पहली तिमाही में भी कंपनी की इंस्टॉलेशन रफ्तार बढ़ी। Q1FY27 में 27,678 सोलर पंप लगाए गए, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह संख्या 17,557 थी। यानी सालाना आधार पर करीब 57.6% की बढ़ोतरी हुई।
22 जुलाई 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक करीब ₹1,000 करोड़ था। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों से मिलने वाले ऑर्डर इसमें अहम हैं।
सिर्फ पंप नहीं, सोलर कंपोनेंट में भी उतर रही Shakti
Shakti Pumps अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के साथ कारोबार को ज्यादा इंटीग्रेटेड बनाने पर काम कर रही है। कंपनी पंप और मोटर के अलावा कंट्रोलर, इन्वर्टर और दूसरे सिस्टम कंपोनेंट का उत्पादन करती है।
कंपनी 2.2 GW क्षमता वाला सोलर DCR सेल और PV मॉड्यूल प्लांट भी विकसित कर रही है। इसका उद्देश्य सोलर पंप कारोबार में जरूरी प्रमुख कंपोनेंट की सप्लाई पर अपनी निर्भरता कम करना है।
कंपनी ने FY29 तक करीब ₹5,000 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पंप और मोटर की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी बड़ा निवेश किया जा रहा है।
लेकिन बढ़ते कारोबार का असर मुनाफे पर अभी साफ नहीं दिख रहा। Q1FY27 में Shakti Pumps का राजस्व 37.9% बढ़कर ₹858.7 करोड़ हुआ, जबकि EBITDA 42.3% घटकर ₹82.9 करोड़ और शुद्ध लाभ 46.7% घटकर ₹51.6 करोड़ रह गया। कच्चे माल की लागत और मार्जिन पर दबाव इसका एक प्रमुख कारण रहा।
Oswal Pumps: सरकारी योजना से आगे बढ़ने की तैयारी
दूसरी प्रमुख कंपनी Oswal Pumps भी सोलर पंप बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। कंपनी सोलर और ग्रिड से जुड़े सबमर्सिबल पंप, मोनोब्लॉक पंप, इलेक्ट्रिक मोटर और सोलर PV मॉड्यूल समेत कई उत्पाद बनाती है।
FY26 में कंपनी के राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा कृषि क्षेत्र से आया। कंपनी के मुताबिक उसने 13 राज्यों में कुल 1,19,402 सोलर पंपिंग सिस्टम लगाए हैं।
Q1FY27 में Oswal Pumps ने कुल 43,077 पंप सप्लाई किए। इनमें 19,724 सोलर और 23,353 गैर-सोलर पंप थे। 31 जुलाई 2026 तक कंपनी के पास 22,025 पंप का ऑर्डर था।
हालांकि तिमाही वित्तीय प्रदर्शन पर दबाव रहा। Q1FY27 में राजस्व 7.9% घटकर ₹473.6 करोड़ रहा। EBITDA 47.2% घटकर ₹74.3 करोड़ और शुद्ध लाभ 43.1% घटकर ₹53.8 करोड़ रह गया। कंपनी ने इसके पीछे टेंडर में प्रतिस्पर्धी कीमतों, प्रोजेक्ट अवॉर्ड की टाइमिंग और PM-KUSUM के रोलआउट में देरी जैसे कारण बताए हैं।
रूफटॉप और इंडस्ट्रियल सोलर पर भी दांव
Oswal Pumps अब केवल कृषि पंप कारोबार पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी रूफटॉप सोलर, Commercial & Industrial यानी C&I सोलर, इंडस्ट्रियल पंप और जल क्षेत्र से जुड़े कारोबार में विस्तार कर रही है।
कंपनी ने FY27 में 2 लाख घरेलू सोलर इंस्टॉलेशन का लक्ष्य रखा है। C&I कारोबार में उसके पास 72 MW का ऑर्डर बुक है, जबकि 359 MW की पाइपलाइन बताई गई है।
बड़ा बाजार, लेकिन मुनाफे की चुनौती भी
सोलर पंपों की मांग बढ़ने की तस्वीर साफ है, लेकिन दोनों कंपनियों के हालिया नतीजे बताते हैं कि इस सेक्टर में सिर्फ बिक्री और इंस्टॉलेशन बढ़ना ही पर्याप्त नहीं है।
Shakti Pumps ने जहां Q1FY27 में मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज की, वहीं Oswal Pumps के राजस्व में गिरावट रही। दोनों कंपनियों के शुद्ध लाभ में तेज गिरावट आई। इसका मतलब है कि कच्चे माल की लागत, टेंडर में कीमतों की प्रतिस्पर्धा और प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने जैसे मुद्दे आगे भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
भारत में सोलर सिंचाई का विस्तार अभी जारी है। लाखों डीजल पंपों को सोलर में बदलने की संभावित जरूरत और सरकारी सोलराइजेशन योजनाएं इस उद्योग के लिए बड़ा अवसर बना रही हैं।
लेकिन कंपनियों के लिए असली परीक्षा यह होगी कि वे इस बढ़ती मांग को समय पर ऑर्डर पूरा करने, बेहतर मार्जिन और मजबूत कैश फ्लो में कितनी अच्छी तरह बदल पाती हैं।
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