झारखंड: देवघर में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने मेला क्षेत्र में मिलने वाले भोजन और अन्य खाद्य पदार्थों की अधिकतम कीमतें तय कर दी हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु से मनमाने दाम न वसूले जा सकें।
प्रशासन के इस फैसले के बाद अब श्रद्धालु देवघर में सिर्फ ₹80 से ₹90 में भरपेट भोजन कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे बाहर से आने वाले लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी।
₹80-90 में मिलेगा भरपेट भोजन
जिला प्रशासन द्वारा जारी रेट लिस्ट के अनुसार, सामान्य भोजनालयों में ₹80 में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस थाली में दाल, चावल, सब्जी, भुजिया और चटनी शामिल रहेगी। वहीं, मारवाड़ी बासा में इसी तरह का भोजन ₹90 में मिलेगा।

प्रशासन का कहना है कि तय दर से अधिक कीमत वसूलने वाले होटल या भोजनालय संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को उचित कीमत पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।
अन्य खाद्य पदार्थों के भी तय किए गए दाम
सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि कई अन्य खाद्य पदार्थों की भी अधिकतम कीमत निर्धारित की गई है। इसमें रोटी, दाल, विभिन्न प्रकार की सब्जियां, सत्तू पराठा, मटर पनीर, पालक पनीर, पनीर बटर मसाला सहित कई व्यंजन शामिल हैं।
प्रशासन का मानना है कि तय रेट लिस्ट लागू होने से होटल और भोजनालयों में एकरूपता बनी रहेगी और श्रद्धालुओं को अनावश्यक आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा।

दुकानों के बाहर रेट लिस्ट लगाना होगा अनिवार्य
जिला प्रशासन ने सभी होटल, रेस्टोरेंट और भोजनालय संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपनी दुकान के बाहर रेट लिस्ट प्रमुखता से प्रदर्शित करें। इससे श्रद्धालु पहले ही खाने-पीने की कीमत जान सकेंगे और किसी तरह की गलतफहमी या विवाद की स्थिति नहीं बनेगी।
अगर कोई दुकानदार तय दर से अधिक पैसे वसूलता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता पर भी रहेगा विशेष ध्यान

श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया है। सभी भोजनालयों को साफ वातावरण बनाए रखने, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और ताजा खाद्य सामग्री का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थ बेचने पर पूरी तरह रोक रहेगी। सभी प्रतिष्ठानों के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग का लाइसेंस लेना भी अनिवार्य किया गया है।
व्यावसायिक गैस सिलेंडर और अग्निशामक यंत्र रखना होगा जरूरी
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह भी निर्देश दिया है कि होटल और भोजनालयों में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग नहीं किया जाएगा। सभी संचालकों को व्यावसायिक गैस सिलेंडर का ही इस्तेमाल करना होगा।

इसके अलावा हर प्रतिष्ठान में अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) रखना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत
हर वर्ष श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। भीड़ बढ़ने के साथ कई बार खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ जाते हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा तय की गई नई रेट लिस्ट श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि मेला के दौरान लगातार निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई होटल, रेस्टोरेंट या भोजनालय निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है या तय कीमत से अधिक पैसे वसूलता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

श्रावणी मेला 2026 को व्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को उचित कीमत पर भोजन मिलेगा, बल्कि मेला क्षेत्र में पारदर्शिता और बेहतर व्यवस्था भी सुनिश्चित हो सकेगी।
