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साहित्यकार शालिग्राम सिंह ‘अशांत’ का निधन, 24 कृतियों से छोड़ी अमिट छाप

वरिष्ठ साहित्यकार और शिक्षाविद शालिग्राम सिंह ‘अशांत’ के निधन से सारण के साहित्यिक और शैक्षणिक जगत में शोक है। उन्होंने 24 कृतियों के जरिए हिंदी साहित्य को समृद्ध किया।

26 अक्टूबर: पंडित गोदावरीश मिश्र की जन्मजयंती और सामाजिक चेतना की विरासत

26 अक्टूबर 1886 को जन्मे पंडित गोदावरीश मिश्र ओडिया साहित्य, शिक्षा और सामाजिक जागरण से जुड़े महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व थे। उनकी जन्मजयंती पर उनके साहित्यिक और सार्वजनिक योगदान को याद करें।

26 अक्टूबर: नवगीत के प्रवर्तक ठाकुर प्रसाद सिंह की जन्मजयंती

26 अक्टूबर 1924 को बिहार के डुमरांव में जन्मे कवि ठाकुर प्रसाद सिंह को नवगीत धारा के प्रमुख प्रवर्तकों में गिना जाता है। उनकी साहित्यिक विरासत और हिंदी कविता में नवगीत के महत्व को जानिए।

25 अक्टूबर 1980: साहिर लुधियानवी का निधन और अमर काव्य-विरासत

25 अक्टूबर 1980 को साहिर लुधियानवी के निधन से उर्दू साहित्य और हिंदी सिनेमा ने एक महान कवि-गीतकार खोया। उनके प्रगतिशील लेखन, यादगार फिल्मी गीतों और सम्मान की विरासत पर एक नजर।

25 अक्टूबर 1938: मृदुला गर्ग का जन्म और हिंदी साहित्य में विशिष्ट योगदान

25 अक्टूबर 1938 को जन्मीं मृदुला गर्ग हिंदी की प्रमुख लेखिका हैं। ‘मिलजुल मन’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित उनके साहित्यिक योगदान को जानिए।

24 अक्टूबर 1894: बंगाली साहित्यकार विभूतिभूषण मुखोपाध्याय का जन्मदिवस

24 अक्टूबर 1894 को मिथिला क्षेत्र के पंडौल में जन्मे बंगाली लेखक विभूतिभूषण मुखोपाध्याय के जीवन, साहित्यिक योगदान और प्रमुख सम्मानों की कहानी।

24 अक्टूबर 1775: बहादुर शाह ज़फर का जन्म—1857 के संग्राम के प्रतीक

दिल्ली में 24 अक्टूबर 1775 को जन्मे बहादुर शाह ज़फर भारत के अंतिम मुगल सम्राट, उर्दू के शायर और 1857 के विद्रोह के प्रतीकात्मक नेता बने।

24 अक्टूबर 1991: इस्मत चुग़ताई—उर्दू साहित्य की बेबाक आवाज़

इस्मत चुग़ताई की पुण्यतिथि पर उनके जीवन, ‘लिहाफ़’, प्रगतिशील लेखन, स्त्री अनुभवों और उर्दू साहित्य में उनके स्थायी योगदान को याद करें।

23 अक्टूबर 1958: बोरिस पास्तरनाक को साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया

23 अक्टूबर 1958 को बोरिस पास्तरनाक को साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया। जानिए डॉक्टर जिवागो, सोवियत सेंसरशिप और पुरस्कार विवाद का इतिहास।

23 अक्टूबर 2012: साहित्यकार सुनील गंगोपाध्याय की पुण्यतिथि, बंगाली आधुनिक चेतना के अग्रदूत

23 अक्टूबर 2012 को दिवंगत हुए सुनील गंगोपाध्याय ने कविता, उपन्यास और बाल साहित्य के जरिए आधुनिक बंगाली साहित्य को नई दिशा दी। ‘कृत्तिबास’, ‘सेई समय’ और काकाबाबू उनकी विरासत के अहम हिस्से हैं।

23 अक्टूबर: अरविंद अडिगा जयंती—‘द व्हाइट टाइगर’ से वैश्विक पहचान पाने वाले लेखक

23 अक्टूबर 1974 को जन्मे अरविंद अडिगा के उपन्यास ‘द व्हाइट टाइगर’ ने 2008 का मैन बुकर पुरस्कार जीता। जानें उनके जीवन, पत्रकारिता और प्रमुख साहित्यिक कृतियों के बारे में।

22 अक्टूबर 1946: दीपक चोपड़ा – चिकित्सा, चेतना और आध्यात्मिकता पर चर्चित लेखक

दीपक चोपड़ा के जीवन, चिकित्सा प्रशिक्षण, ध्यान, मन-शरीर संबंध और आध्यात्मिकता पर लेखन के साथ उनके विचारों को वैज्ञानिक प्रमाणों के संदर्भ में समझें।

22 अक्टूबर 1954: जीवनानंद दास – आधुनिक बांग्ला कविता का अनूठा स्वर

जीवनानंद दास के जीवन, बनलता सेन और रूपसी बांग्ला जैसी रचनाओं, आधुनिक बांग्ला कविता में उनके योगदान और 22 अक्टूबर 1954 को हुए निधन की कहानी।

22 अक्टूबर 1873: स्वामी रामतीर्थ – व्यावहारिक वेदांत के प्रेरक दार्शनिक

स्वामी रामतीर्थ के जीवन, वेदांत दर्शन, विदेशों में भारतीय विचारों के प्रचार और आत्मविश्वास व मानवता की एकता पर आधारित संदेश को जानें।

22 अक्टूबर 1870: इवान बुनिन – नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले रूसी लेखक

22 अक्टूबर 1870 को जन्मे इवान बुनिन रूसी लेखक और कवि थे, जिन्हें 1933 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला।

19 अक्टूबर 1745: ‘गुलिवर्स ट्रेवल्स’ के लेखक जोनाथन स्विफ्ट का निधन

जोनाथन स्विफ्ट की प्रसिद्ध कृति ‘गुलिवर्स ट्रेवल्स’ और उनके तीखे सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्य की विरासत को जानिए। स्विफ्ट का निधन 19 अक्टूबर 1745 को डबलिन में हुआ था।

19 अक्टूबर 1971: रामअवध द्विवेदी – हिंदी आलोचना के प्रख्यात साहित्यकार और लेखक

रामअवध द्विवेदी हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार, समालोचक और लेखक थे। जानिए उनका जीवन, प्रमुख रचनाएँ, हिंदी आलोचना में योगदान और 19 अक्टूबर 1971 को हुआ निधन।

19 अक्टूबर 1911: मजाज़ लखनवी—उर्दू शायरी की रोमानी और क्रांतिकारी आवाज़

असरारुल हक़ ‘मजाज़’ के जीवन, उनकी रोमानी और क्रांतिकारी शायरी, प्रगतिशील लेखक आंदोलन और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के तराने की कहानी।

1851 में ‘मोबी-डिक’ का पहला प्रकाशन: लंदन में ‘द व्हेल’ नाम से आई थी मेलविल की कृति

हरमन मेलविल का उपन्यास 18 अक्टूबर 1851 को लंदन में The Whale नाम से प्रकाशित हुआ। जानिए मोबी-डिक की कहानी, इसके प्रकाशन इतिहास और विश्व साहित्य में इसकी विरासत।

रावुरि भारद्वाज की पुण्यतिथि: तेलुगु साहित्य के ज्ञानपीठ सम्मानित लेखक की विरासत

18 अक्टूबर 2013 को दिवंगत हुए रावुरि भारद्वाज तेलुगु साहित्य के प्रमुख उपन्यासकार, लघु-कथा लेखक और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता थे। उनकी रचना ‘पाकुडु रాళ्लु’ ने फिल्म जगत के पर्दे के पीछे की दुनिया को साहित्य में दर्ज किया।