मुख्य सड़कों पर 4 से 5 फीट पानी, 75 से अधिक गांव प्रभावित; नाव की कमी के बीच जुगाड़ के सहारे आवागमन
राघोपुर/वैशाली: गंगा नदी के जलस्तर में लगातार तेजी से हो रही वृद्धि के कारण राघोपुर प्रखंड में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। बाढ़ का पानी प्रखंड की सभी 20 पंचायतों में फैल चुका है। मुख्य सड़कों पर कई फीट पानी जमा होने के कारण पंचायतों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। इससे करीब ढाई लाख की आबादी के सामने आवागमन के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।
रुस्तमपुर-वीरपुर मुख्य मार्ग पर 4 से 5 फीट पानी
राघोपुर का प्रमुख रुस्तमपुर से वीरपुर तक जाने वाला मार्ग कई जगहों पर बाढ़ के पानी में डूब गया है। कहीं करीब चार फीट तो कहीं पांच फीट तक पानी जमा होने के कारण इस रास्ते पर आवागमन पूरी तरह ठप है।
बाढ़ का पानी जुड़ावनपुर थाना परिसर, बाजार, प्रखंड परिसर, रेफरल अस्पताल मोहनपुर, किसान भवन और कई विद्यालयों में भी प्रवेश कर चुका है। इससे सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों के कामकाज पर भी असर पड़ा है।
सिक्सलेन पुल के पास भी फैला बाढ़ का पानी
सिक्सलेन पुल के पाया नंबर 13 से 56 तक बाढ़ का पानी फैल गया है। कई जगह तीन से चार फीट तक पानी जमा होने से जाफराबाद और जहांगीरपुर के लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
इसके अलावा फतेहपुर-खालसा घाट, पहाड़पुर-जमींदारी घाट, रुस्तमपुर लोहा पुल से निर्माणाधीन सिक्सलेन पुल, शिवनगर चौक-विश्राम टोला, रामपुर लंका और चक सिंगार-रामपुर करारी बरारी जाने वाले मार्गों पर भी पानी चढ़ गया है।
जान जोखिम में डालकर नदी का पानी पार कर रहे लोग
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पर्याप्त संख्या में नाव उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई लोग जुगाड़ की नाव बनाकर या बाढ़ के पानी में उतरकर एक जगह से दूसरी जगह जाने को मजबूर हैं।
दैनिक जरूरतों का सामान लाने के लिए भी लोगों को जोखिम उठाना पड़ रहा है। पशुपालकों की परेशानी और बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें पशुओं के लिए चारा लाने के लिए भी बाढ़ के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
जुड़ावनपुर थाना परिसर में पानी घुसने से पुलिसकर्मियों को भी कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
20 पंचायतों के 75 से अधिक गांव प्रभावित
राघोपुर की करीब ढाई लाख आबादी बाढ़ की स्थिति से प्रभावित बताई जा रही है। पिछले कई दिनों से निचले इलाकों में पानी जमा था, जबकि पिछले दो दिनों में प्रखंड के अन्य गांवों में भी बाढ़ का पानी फैल गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी तक अंचल स्तर पर मुख्य रूप से नाव की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों ने सूखा राशन, पॉलीथिन शीट और अन्य सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
सांप-बिच्छू के डर से रातभर जाग रहे ग्रामीण
बाढ़ का पानी घरों और आसपास के इलाकों में पहुंचने के बाद लोगों में सांप-बिच्छू का डर भी बना हुआ है। 20 पंचायतों के करीब 75 से अधिक गांवों में पानी घुसने से कई परिवार रातभर जागकर अपने बच्चों और सामान की सुरक्षा करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बाढ़ के पानी में जहरीले जीवों का खतरा और बढ़ जाता है, जिससे परिवारों की चिंता बनी हुई है।
राघोपुर में 71 ट्रांसफार्मरों की बिजली बंद
बाढ़ के कारण विद्युत विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर राघोपुर प्रशाखा के अंतर्गत 71 ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है।
जेई रूपेश कुमार यादव के अनुसार, बाढ़ का पानी ट्रांसफार्मरों और बिजली के पोल के निचले हिस्से तक पहुंच गया था। इससे करंट फैलने और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद की गई है।
पंचायतवार बंद किए गए ट्रांसफार्मरों की संख्या इस प्रकार है:
- वीरपुर: 16 ट्रांसफार्मर
- जुड़ावनपुर, बरारी और करारी: 15
- जाफराबाद: 13
- चक सिंगार, लंका टोला और रामपुर: 12
- जहांगीरपुर: 6
- राघोपुर: 5
- पहाड़पुर पश्चिमी: 2
- फतेहपुर: 2
बिजली आपूर्ति बंद होने से इन पंचायतों के सैकड़ों घरों में अंधेरा है। मोबाइल चार्ज करने, पेयजल और रोजमर्रा के कामों में भी लोगों को परेशानी हो रही है।
जेई ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद सुरक्षा जांच की जाएगी और इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी।