गया जंक्शन से गांधी मैदान तक सुविधा-सुरक्षा का इंतजाम, CCTV-ड्रोन निगरानी और मेडिकल कैंप की व्यवस्था; पर्यटक सूचना केंद्रों पर मिलेंगे गाइड
पटना, 24 सितंबर 2026। पितरों के तर्पण और पिंडदान के लिए देश-विदेश से गया जी और पुनपुन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए पितृपक्ष मेला-2026 शुक्रवार से शुरू हो रहा है। मेला 10 अक्टूबर तक चलेगा।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए बिहार पर्यटन विभाग ने गया जी और पुनपुन में सुविधाओं से लेकर सुरक्षा और सूचना व्यवस्था तक कई तैयारियां की हैं।

गया के गांधी मैदान में 2500 लोगों की क्षमता वाली टेंट सिटी तैयार की गई है। यहां श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। भीड़ और सुरक्षा पर नजर रखने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम, CCTV कैमरे, वॉच टावर, मेडिकल कैंप और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था भी की गई है।
गया जंक्शन पर भी मदद का इंतजाम, पर्यटक सूचना केंद्र सक्रिय
पितृपक्ष मेले के दौरान बड़ी संख्या में लोग ट्रेन से गया पहुंचते हैं। इसे देखते हुए गया रेलवे स्टेशन परिसर में पर्यटक सूचना केंद्र और अस्थायी पर्यटक सहायता केंद्र की व्यवस्था की गई है।
पर्यटन विभाग के अनुसार यहां श्रद्धालुओं और पिंडदानियों को जरूरी जानकारी और सहयोग देने के लिए गाइडों की प्रतिनियुक्ति की गई है। टेंट सिटी में भी पर्यटक गाइड उपलब्ध रहेंगे।
यानी बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पिंडदान स्थलों, यात्रा और पर्यटन से जुड़ी जानकारी के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सूचना व्यवस्था को भी मेले की तैयारियों का हिस्सा बनाया गया है।
ई-रिक्शा से लेकर फल्गु महाआरती तक, कई व्यवस्थाएं
पितृपक्ष मेले के दौरान गया में ई-रिक्शा परिचालन, तोरण द्वार, एयर बैलून, वृत्तचित्र, नो-एंट्री वाले स्थानों पर टेंट और फल्गु महाआरती जैसी व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन को राशि उपलब्ध कराई गई है।

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा देने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है।
यात्रा पैकेज और ई-पिंडदान की सुविधा भी
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से पितृपक्ष मेला आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यात्रा पैकेज और ई-पिंडदान की व्यवस्था की गई है।
इससे उन लोगों को भी विकल्प मिलेगा जो किसी कारणवश स्वयं गया नहीं पहुंच पा रहे हैं और ई-पिंडदान की सुविधा लेना चाहते हैं।
पहली बार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी दिखाएंगे पितृपक्ष मेला
इस बार पर्यटन विभाग ने मेले के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया को भी बड़े स्तर पर जोड़ने की पहल की है।
विभाग की ओर से ‘पितृपक्ष मेला-2026: एक इन्फ्लुएंसर की नजर से’ प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसके माध्यम से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वीडियो और रील के जरिए पितृपक्ष मेले की गतिविधियों और अनुभवों को लोगों तक पहुंचाएंगे।
इसका मकसद मेले और गया के पर्यटन स्थलों की पहुंच सोशल मीडिया के जरिए देश-दुनिया के दर्शकों तक बढ़ाना है।
पुनपुन में भी अस्थायी पर्यटक शिविर, गाइड रहेंगे तैनात
पितृपक्ष मेला सिर्फ गया जी तक सीमित नहीं है। पटना जिले के पुनपुन अंचल में भी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार पुनपुन में अस्थायी पर्यटक शिविर बनाया जा रहा है। यहां विभिन्न सुविधाओं के लिए जिला प्रशासन को राशि उपलब्ध कराई गई है। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए प्रशिक्षित पर्यटक गाइडों की प्रतिनियुक्ति भी की गई है।
पुनपुन में दो दिवसीय लेजर शो भी होगा
पुनपुन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इस बार दो दिवसीय लेजर शो का आयोजन भी प्रस्तावित है। इसके अलावा यहां पितृपक्ष मेले से संबंधित ब्रोशर भी श्रद्धालुओं के बीच निःशुल्क वितरित किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए सबसे जरूरी बात—जानकारी लेकर ही निकलें
पितृपक्ष मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग आते हैं। ऐसे में पहली बार गया या पुनपुन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटक सूचना केंद्र और सहायता केंद्र उपयोगी हो सकते हैं।

पर्यटन विभाग ने मेले से संबंधित ब्रोशर तैयार कराया है, जिसे श्रद्धालुओं और पिंडदानियों के बीच निःशुल्क वितरित किया जाएगा। इससे उन्हें मेला क्षेत्र और उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी।
पितृपक्ष मेला सिर्फ पिंडदान नहीं, गया के पर्यटन कारोबार के लिए भी बड़ा मौका
पितृपक्ष मेला धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है, लेकिन इसके साथ बिहार के पर्यटन क्षेत्र का भी बड़ा जुड़ाव है। गया आने वाले श्रद्धालु यदि बेहतर सूचना, परिवहन, ठहरने और स्थानीय पर्यटन की सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं तो इसका लाभ स्थानीय होटल, परिवहन, गाइड और अन्य सेवा क्षेत्र को भी मिल सकता है।
इस बार पर्यटन विभाग की तैयारियों में टेंट सिटी, पर्यटक सूचना केंद्र, गाइड, यात्रा पैकेज, ई-पिंडदान, डिजिटल प्रचार और सुरक्षा निगरानी जैसी अलग-अलग व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। इससे साफ है कि विभाग मेले को केवल धार्मिक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़े पर्यटन अवसर के रूप में भी देख रहा है।
हालांकि इतने बड़े आयोजन में व्यवस्था की असली परीक्षा मेला शुरू होने के बाद भीड़ के दबाव, यातायात, स्वच्छता, सहायता केंद्रों की सक्रियता और श्रद्धालुओं को मिलने वाली वास्तविक सुविधाओं से होगी।
10 अक्टूबर तक चलेगा पितृपक्ष मेला
पितृपक्ष मेला-2026 शुक्रवार से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलेगा। गया जी और पुनपुन में पर्यटन विभाग की ओर से की गई तैयारियों का उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।
श्रद्धालुओं के लिए एक नजर में प्रमुख इंतजाम
- गया गांधी मैदान: 2500 क्षमता की टेंट सिटी
- सुरक्षा: CCTV, पुलिस कंट्रोल रूम, वॉच टावर और ड्रोन निगरानी
- स्वास्थ्य: मेडिकल कैंप
- गया रेलवे स्टेशन: पर्यटक सूचना और सहायता केंद्र
- गाइड: गया और टेंट सिटी में गाइडों की प्रतिनियुक्ति
- यात्रा: पर्यटन निगम के यात्रा पैकेज
- ई-पिंडदान: ऑनलाइन सुविधा
- पुनपुन: अस्थायी पर्यटक शिविर और प्रशिक्षित गाइड
- प्रचार: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रतियोगिता
- पुनपुन: दो दिवसीय लेजर शो
- जानकारी: पितृपक्ष मेला ब्रोशर का निःशुल्क वितरण
पितृपक्ष मेला सिर्फ पिंडदान का आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की धार्मिक विरासत और पर्यटन की वैश्विक पहचान से जुड़ा बड़ा अवसर भी है। गया जी और पुनपुन में की गई तैयारियों का मकसद श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालना भर नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर सुविधा, सही जानकारी और सुरक्षित माहौल देना है। - अब शुक्रवार से जब आस्था का सैलाब गया जी और पुनपुन की ओर उमड़ेगा, तब टेंट सिटी, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटक सहायता केंद्र, गाइड और दूसरी सुविधाओं की असली परीक्षा होगी। अगर जमीनी स्तर पर तैयारियां उसी तरह असरदार साबित हुईं जैसा दावा किया गया है, तो पितृपक्ष मेला-2026 श्रद्धालुओं के लिए सुविधा और बिहार पर्यटन के लिए नई पहचान—दोनों की मिसाल बन सकता है।