त्योहारों से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, एक्सपायरी बेसन से लेकर फंगस लगे मिल्क पाउडर तक मिले; बिरयानी महल, हरि लाल वेंचर्स और बीकानेर कारखाने में भी जांच, जानिए कहां क्या गड़बड़ी मिली
पटना, 12 अक्टूबर 2026। त्योहारों पर घर में मिठास घोलने के लिए खरीदी जाने वाली मिठाई कहीं सेहत के लिए खतरा न बन जाए! दीपावली और अन्य त्योहारों की तैयारियों के बीच पटना में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य संरक्षा विभाग की कार्रवाई ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विभाग की जांच में कहीं एक्सपायरी बेसन, मैदा और आटा मिला, तो कहीं खराब हालत में रखा स्किम्ड मिल्क पाउडर, जिसमें सड़न, दुर्गंध और फंगस की वृद्धि पाई गई। एक प्रतिष्ठान से करीब एक लाख रुपये मूल्य की मिठाइयां जब्त कर नष्ट कराई गईं। वहीं, अनियमितताओं के आधार पर कुछ मिठाई कारखानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं, जबकि कोजी स्वीट्स का लाइसेंस निलंबित कर संचालक से जवाब मांगा गया है।
खाद्य संरक्षा विभाग की यह कार्रवाई केवल कुछ दुकानों पर छापेमारी की खबर नहीं है। यह हर उस ग्राहक के लिए चेतावनी है, जो त्योहारों पर परिवार, बच्चों और मेहमानों के लिए मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य सामग्री खरीदता है। हालांकि, जांच में गड़बड़ी मिलने का अर्थ यह नहीं है कि किसी प्रतिष्ठान का हर उत्पाद असुरक्षित है। लेकिन एक्सपायरी सामग्री, फंगस और खराब भंडारण जैसी कमियां निश्चित रूप से गंभीर हैं और इनके प्रति किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर विभाग की टीमें लगातार खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं। 12 अक्टूबर तक की कार्रवाई में मिठाई कारखानों, खाद्य विनिर्माण इकाइयों और रेस्तरां की जांच की गई। संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए, खराब और एक्सपायरी सामग्री जब्त कर नष्ट कराई गई तथा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई।

बुद्धा कॉलोनी में स्वीट होम के दो कारखानों पर कार्रवाई, लाइसेंस रद्द
पटना की बुद्धा कॉलोनी स्थित मेसर्स स्वीट होम कारखाने के निरीक्षण में एक्सपायरी बेसन, मैदा और आटा पाया गया। विभाग के अनुसार, लगभग 18,335 रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री जब्त की गई। इसमें 70 किलोग्राम एक्सपायरी बेसन भी शामिल था, जिसकी कीमत करीब 6,300 रुपये बताई गई। इस बेसन को कारखाने में ही नष्ट कराया गया।
पनीर, खोवा, मैदा और आटा के कुल चार नमूने जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए। विभाग ने अनियमितताओं के मद्देनजर कारखाने का लाइसेंस रद्द कर दिया।
इसी क्षेत्र में स्थित मेसर्स स्वीट होम कन्फेक्शनरी कारखाने में भी एक्सपायरी कस्टर्ड पाउडर, क्यूमी फ्लेवर सल्फेट और बेकिंग पाउडर मिले। विभाग ने संबंधित सामग्री जब्त कर नष्ट कराई। आटा, बेसन, शुगर-फ्री लिक्विड और काजू-कोकोनट बिस्किट समेत पांच नमूने प्रयोगशाला भेजे गए। इस प्रतिष्ठान का लाइसेंस भी रद्द किया गया।
इन मामलों में सबसे महत्वपूर्ण सवाल खाद्य सामग्री के भंडारण और उसकी उपयोग अवधि की निगरानी का है। खाद्य कारोबार में कच्चे माल की गुणवत्ता उतनी ही जरूरी है, जितनी तैयार उत्पाद की। यदि निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री ही एक्सपायरी हो, तो ग्राहक तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचाने की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठते हैं।

कोजी स्वीट्स का लाइसेंस निलंबित, तीन दिन में मांगा जवाब

बुद्धा कॉलोनी स्थित मेसर्स कोजी स्वीट्स कारखाने में निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने के बाद विभाग ने उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है। संबंधित संचालक से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विभाग ने यहां से गुड़ और चमचम मिठाई के नमूने भी संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
लाइसेंस निलंबन और लाइसेंस रद्द किए जाने में अंतर है। कोजी स्वीट्स के मामले में विभागीय कार्रवाई फिलहाल निलंबन और स्पष्टीकरण मांगने के स्तर पर बताई गई है। इसलिए प्रयोगशाला की रिपोर्ट और आगे की विभागीय कार्रवाई सामने आने से पहले किसी उत्पाद को जांच में असुरक्षित घोषित करना उचित नहीं होगा।
फिर भी, इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन को विभाग गंभीरता से ले रहा है।

शिवम स्वीट्स से एक लाख रुपये की मिठाई जब्त, सभी नष्ट
पटना के रामकृष्ण नगर, ईस्ट लक्ष्मी नगर स्थित मेसर्स शिवम स्वीट्स में जांच के दौरान बड़ी मात्रा में मिठाई जब्त की गई। विभाग के अनुसार, यहां से 630 किलोग्राम कलाकंद, 10 किलोग्राम बर्फी और पांच किलोग्राम लड्डू बरामद किए गए। इनकी कुल अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपये थी। जब्त मिठाइयों को नष्ट करा दिया गया।
कलाकंद, बर्फी, लड्डू और सिल्वर लीफ के कुल चार नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
निरीक्षण में पानी की जांच रिपोर्ट और कारीगरों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं पाए गए। मिठाई बनाने में स्किम्ड मिल्क पाउडर का इस्तेमाल किया जा रहा था। प्रतिष्ठान को आवश्यक सुधार के लिए 14 दिनों का इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है।
यहां एक जरूरी बात समझनी चाहिए। स्किम्ड मिल्क पाउडर का इस्तेमाल अपने आप में खाद्य सुरक्षा उल्लंघन नहीं है। मिठाई निर्माण में दूध से बने पाउडर का उपयोग किया जा सकता है, बशर्ते वह सुरक्षित हो, निर्धारित मानकों के अनुरूप हो और सही तरीके से भंडारित किया गया हो। इसी तरह, पानी की गुणवत्ता की जांच और कर्मचारियों की स्वच्छता भी खाद्य निर्माण प्रक्रिया के अहम हिस्से हैं।


नेहा ट्रेड्स में फंगस और दुर्गंध वाला मिल्क पाउडर मिला
पटना के इंदिरा नगर स्थित मेसर्स नेहा ट्रेड्स में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। विभाग ने यहां से 31 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर, 34 किलोग्राम सूजी, 20 किलोग्राम मिल्क केक मिठाई और 14 किलोग्राम चीनी जब्त कर नष्ट कराई।
डोडा बर्फी, स्किम्ड मिल्क पाउडर और मिल्क केक के कुल तीन नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
विभागीय निरीक्षण में स्किम्ड मिल्क पाउडर में सड़न, दुर्गंध और फंगस की वृद्धि पाई गई। प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। दीवारें और फर्श क्षतिग्रस्त थे, जबकि शौचालय की स्थिति गंदी पाई गई।
खाद्य सामग्री में फंगस या खराब होने के स्पष्ट संकेत मिलना गंभीर चिंता का विषय है। ऐसी सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे कच्चे माल की नियमित जांच करें, नमी और तापमान से जुड़ी भंडारण आवश्यकताओं का पालन करें तथा खराब सामग्री को उपयोग से अलग रखें।

ग्राहकों को भी पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट की स्थिति, निर्माण एवं समाप्ति तिथि और भंडारण संबंधी निर्देश देखने चाहिए। हालांकि, खाद्य सामग्री की सुरक्षा का पूरा भार केवल ग्राहक पर नहीं डाला जा सकता। सुरक्षित उत्पादन, सही भंडारण और बिक्री से पहले गुणवत्ता सुनिश्चित करना कारोबारियों और संबंधित नियामक व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
बिरयानी महल, हरि लाल वेंचर्स और बीकानेर कारखाने में भी जांच
खाद्य संरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल मिठाई की दुकानों तक सीमित नहीं रही। पटना बिरयानी महल, बुद्ध मार्ग में चाट मसाला और दालचीनी के दो नमूने जांच के लिए भेजे गए। निरीक्षण में पानी की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल से संबंधित रिकॉर्ड और कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं मिले। प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया स्थित हरि लाल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड से सादा चमचम मिठाई और गजक के दो नमूने प्रयोगशाला भेजे गए। वहां ड्रेनेज सिस्टम में सुधार, साफ-सफाई और स्वच्छता के मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। प्रतिष्ठान को सुधार के लिए 14 दिनों का इंप्रूवमेंट नोटिस दिया गया है।
इसी औद्योगिक क्षेत्र के बीकानेर कारखाने में वेफर्स के पैकेट पर 13 अक्टूबर 2026 की समाप्ति तिथि अंकित थी। विभाग ने दोबारा इस्तेमाल किए जाने की आशंका को रोकने के उद्देश्य से संबंधित वेफर्स नष्ट कराए। काजू और किशमिश के दो नमूने भी जांच के लिए भेजे गए।

इन मामलों में विभागीय निर्देशों और सुधार नोटिस को अंतिम दोष-निर्धारण नहीं माना जाना चाहिए। प्रयोगशाला रिपोर्ट, संबंधित कारोबारियों का जवाब और नियमानुसार आगे की कार्रवाई से ही प्रत्येक मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
त्योहारों पर मिठाई खरीदते समय ग्राहक इन बातों का रखें ध्यान
खाद्य विभाग की कार्रवाई के बीच ग्राहकों के लिए भी कुछ सावधानियां जरूरी हैं। मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें:
1. दुकान और निर्माण स्थल की साफ-सफाई देखें। मिठाइयां खुले में धूल, मक्खियों या अन्य गंदगी के संपर्क में रखी हों, तो सतर्क रहें।
2. पैक्ड खाद्य पदार्थों की समाप्ति तिथि जांचें। पैकेट फटा हो, उस पर तारीख अस्पष्ट हो या उत्पाद की स्थिति संदिग्ध लगे, तो उसे न खरीदें।

3. खराब होने के संकेतों को नजरअंदाज न करें। असामान्य दुर्गंध, फफूंदी, रंग या बनावट में अप्रत्याशित बदलाव दिखने पर खाद्य सामग्री का सेवन न करें। ध्यान रहे, हर खराब उत्पाद में ये संकेत दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है।
4. खरीदारी का बिल लें। पैक्ड उत्पाद का लेबल और बिल सुरक्षित रखने से शिकायत के समय मदद मिल सकती है।
5. संदिग्ध खाद्य सामग्री की शिकायत करें। उत्पाद, बिल और दुकान से संबंधित उपलब्ध जानकारी के साथ स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी या संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत दें। बिना प्रमाण सोशल मीडिया पर किसी प्रतिष्ठान को दोषी घोषित करने से बचें।
6. भरोसे के साथ-साथ गुणवत्ता भी देखें। पुरानी पहचान या लोकप्रिय नाम अपने आप में खाद्य सुरक्षा की गारंटी नहीं है। हर प्रतिष्ठान को स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों का पालन करना चाहिए।

दुकानदारों और मिलावटखोरों के नाम एक जरूरी संदेश
मिठाई की दुकान चलाना केवल कारोबार नहीं, हजारों परिवारों के भरोसे की जिम्मेदारी भी है। दुकानदार जब एक डिब्बा मिठाई ग्राहक को देता है, तो वह सिर्फ एक उत्पाद नहीं बेचता, बल्कि उस परिवार की खुशियों और स्वास्थ्य से जुड़ा भरोसा भी सौंपता है।
त्योहारों में बिक्री बढ़ना स्वाभाविक है। अधिक मांग के कारण उत्पादन और भंडारण का दबाव भी बढ़ता है। लेकिन ज्यादा मुनाफे की चाह में एक्सपायरी सामग्री का इस्तेमाल करना, खराब खाद्य पदार्थों को बेचना, स्वच्छता की अनदेखी करना या गुणवत्ता से समझौता करना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
याद रखिए, ग्राहक आपकी दुकान से मिठाई खरीदता है, बीमारी नहीं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सेहत पर खराब खाद्य सामग्री का गंभीर असर पड़ सकता है। जिस भोजन को हम अपने परिवार के लिए सुरक्षित नहीं मानेंगे, उसे किसी दूसरे परिवार को बेचना भी नैतिक रूप से गलत है।
ईमानदार कारोबारियों को भी इस संदेश के साथ खड़ा होना चाहिए। समय पर कच्चे माल की जांच, एक्सपायरी उत्पादों को अलग करना, साफ-सुथरी रसोई, सुरक्षित पानी, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और सही भंडारण से न केवल ग्राहकों का भरोसा बढ़ता है, बल्कि कारोबार की प्रतिष्ठा भी मजबूत होती है।

खाद्य सुरक्षा के नियम व्यापार को रोकने के लिए नहीं, बल्कि कारोबारियों और ग्राहकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए हैं। नियमों का पालन करने वाला दुकानदार सम्मान और भरोसे का हकदार है। वहीं, जानबूझकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है।
खाद्य विभाग की कार्रवाई सराहनीय, अब नियमित निगरानी जरूरी
त्योहारी सीजन में खाद्य संरक्षा विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण, नमूनों का संग्रह, खराब सामग्री की जब्ती और नियमानुसार कार्रवाई किया जाना सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर चल रहा अभियान ग्राहकों के हितों की रक्षा की दिशा में सराहनीय प्रयास है।
हालांकि, कार्रवाई का वास्तविक प्रभाव तभी सामने आएगा, जब जांच नियमित रहे, प्रयोगशाला रिपोर्ट समय पर मिले, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो और सुधार के निर्देशों का पालन भी सुनिश्चित किया जाए। जहां नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हो, वहां कानून के अनुरूप जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही, कारोबारियों को मानकों का पालन करने के लिए जरूरी मार्गदर्शन भी मिलता रहना चाहिए।
त्योहारों की असली मिठास तभी बनी रहेगी, जब मिठाई स्वाद के साथ सुरक्षा और भरोसे की कसौटी पर भी खरी उतरेगी। ग्राहक सावधान रहें, ईमानदार दुकानदार गुणवत्ता को अपनी पहचान बनाएं और खाद्य विभाग अपनी निगरानी जारी रखे—यही स्वस्थ और सुरक्षित त्योहार की सबसे मजबूत बुनियाद है।

