पुलिस अधिकारियों को जवाबदेही की चेतावनी देने के बाद बढ़ा विवाद; शुभेंदु अधिकारी ने कसा तंज, इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी से दुर्गापूजा पास मामला भी चर्चा में
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा पास से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद सत्तारूढ़ भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी कि राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करने वालों को भविष्य में जवाब देना पड़ सकता है। इसके जवाब में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उन पर सोडियम-पोटैशियम के असंतुलन का तंज कसा और इलाज के लिए न्यूयॉर्क जाने की सलाह दे दी।
शुभेंदु के इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। विवाद के केंद्र में पुलिस की कार्रवाई, तृणमूल नेताओं के खिलाफ दर्ज मामले और दुर्गापूजा के विशेष प्रवेश पासों की बिक्री से जुड़ी जांच है।
अभिषेक ने पुलिस अधिकारियों को दी जवाबदेही की चेतावनी
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारी राजनीतिक दबाव में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी किसी राजनीतिक निर्देश के तहत झूठे मामलों में लोगों को फंसाने या कार्रवाई करने में भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें आगे चलकर अपनी जिम्मेदारी का जवाब देना पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारियों को राजनीतिक लाभ और बेहतर पदों का भरोसा देकर कार्रवाई कराई जा रही है। अभिषेक का कहना है कि सत्ता और राजनीतिक परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं, इसलिए अधिकारियों को अपने फैसलों और कामकाज की जवाबदेही समझनी चाहिए।
शुभेंदु ने सोडियम-पोटैशियम का जिक्र कर साधा निशाना
अभिषेक के बयान पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अभिषेक की बातों से लगता है कि वह सोडियम-पोटैशियम के असंतुलन से परेशान हैं। शुभेंदु ने तंज कसते हुए कहा कि यदि उन्हें इलाज की जरूरत है तो राज्य सरकार न्यूयॉर्क जाने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) देने को तैयार है।
यह बयान राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बन गया। जहां भाजपा इसे अभिषेक पर पलटवार के रूप में पेश कर रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है। शुभेंदु का बयान एक राजनीतिक तंज है, इसे अभिषेक की किसी वास्तविक स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी से बढ़ा विवाद
इस राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में पूर्व मंत्री और तृणमूल नेता इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी भी है। कोलकाता पुलिस ने 28 अक्टूबर को उन्हें दुर्गापूजा के प्रीव्यू शो और विशेष प्रवेश पासों की बिक्री से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले में गिरफ्तार किया था।

जांच का संबंध मासआर्ट सोसाइटी (MassArt Society) से बताया गया है। आरोप है कि संस्था ने दुर्गापूजा के विशेष प्रीव्यू शो और पंडालों में विशेष प्रवेश के लिए पास बेचकर लोगों से बड़ी रकम जुटाई। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस दौरान संस्था ने यूनेस्को से आधिकारिक जुड़ाव या समर्थन होने का भ्रामक दावा किया था। यूनेस्को की ओर से ऐसे किसी व्यावसायिक समझौते की पुष्टि नहीं होने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में कथित धनशोधन और पैसों के लेनदेन की जांच कर रहा है, जबकि कोलकाता पुलिस की भी अलग जांच चल रही है। इंद्रनील सेन को 29 अक्टूबर को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 10 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजे जाने की खबर है। सेन की ओर से आरोपों को गलत और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया गया है। इसलिए मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
पास बिक्री और पैसों के लेनदेन की जांच
जांच एजेंसियों के मुताबिक, मासआर्ट सोसाइटी के जरिए 2022 से 2025 के बीच दुर्गापूजा प्रीव्यू शो और विशेष प्रवेश पासों के नाम पर रकम जुटाई गई। जांच में संस्था से जुड़े लोगों की भूमिका, पासों की बिक्री से हुई कमाई और उस रकम के इस्तेमाल की पड़ताल की जा रही है।
ED ने इस मामले में पहले कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। जांच एजेंसी ने कथित तौर पर करोड़ों रुपये के लेनदेन और कुछ रकम के दूसरे खातों में हस्तांतरण की बात भी कही है। ये जांच एजेंसी के दावे हैं; संबंधित पक्षों की दलील और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

बंगाल की राजनीति में नया टकराव
इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी और अभिषेक बनर्जी के पुलिस अधिकारियों को दिए बयान ने बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़ रही है, जबकि भाजपा सरकार इसे जांच और कानून के तहत की जा रही कार्रवाई बता रही है।
एक ओर दुर्गापूजा पास मामले की जांच आगे बढ़ रही है, दूसरी ओर अभिषेक और शुभेंदु के बीच बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और दोनों दलों की प्रतिक्रियाएं इस विवाद को और प्रभावित कर सकती हैं।
