Patna News, 28 सितंबर 2026। ‘वोट चोरी’ के आरोपों, मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर पटना महानगर कांग्रेस ने सोमवार को प्रदर्शन और मार्च निकाला।
पार्टी के अनुसार, यह कार्यक्रम AICC के निर्देश पर पटना महानगर कांग्रेस एवं पटना जिला ग्रामीण-1 कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
प्रदर्शन पटना महानगर कांग्रेस कार्यालय, नेशनल हॉल, कदम कुआँ से शुरू हुआ और कांग्रेस मैदान होते हुए मुख्य सड़क, कदम कुआँ तक पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद दिनकर गोलंबर स्थित सेंट सीवरेंस स्कूल के पास पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतलों का दहन किया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और निर्वाचन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व पटना महानगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुमार आशीष और पटना जिला ग्रामीण-1 कांग्रेस अध्यक्ष चंदन सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यकर्ताओं ने “वोट चोरी बंद करो”, “लोकतंत्र बचाओ” और “मताधिकार की रक्षा करो” जैसे नारे लगाए।
कुमार आशीष ने लगाए गंभीर आरोप
पटना महानगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुमार आशीष ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ को लेकर पहले ही गंभीर सवाल उठाए थे। उनके अनुसार, सामने आ रहे घटनाक्रम ने इन सवालों को और गंभीर बना दिया है।
कुमार आशीष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की भूमिका को लेकर आरोप लगाए और इसे कथित ‘वोट चोरी’ के मामले से जोड़ा। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़े आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने लोकतंत्र में प्रत्येक मतदाता के वोट की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों के पारदर्शी समाधान की मांग की।
मतदाता सूची की स्वतंत्र जांच की मांग
पटना जिला ग्रामीण-1 कांग्रेस अध्यक्ष चंदन सिंह ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की कथित गड़बड़ी या अनियमितता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पटना महानगर कांग्रेस के प्रभारी अभय कुमार सार्जेंट ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों, संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
कांग्रेस ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा को लेकर कई मांगें रखीं।
1. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग:
कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की।
पार्टी ने कहा कि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
2. मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र जांच:
कांग्रेस ने मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने, हटाने या अन्य बदलावों की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने और जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक करने की मांग की।
3. दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई:
कांग्रेस ने मांग की कि जांच में यदि किसी व्यक्ति, अधिकारी या अन्य संबंधित पक्ष की भूमिका अथवा अनियमितता प्रमाणित होती है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जिला एवं प्रखंड पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस अवसर पर कुमार आशीष, अभय कुमार सार्जेंट, चंदन कुमार, प्रकाश पुजारी गुप्ता, परवेज अहमद, इबरार अहमद रज़ा, नीरज यादव, कमलेश पांडेय, निशात करपेटनी, बिमलेश तिवारी, राजेश रंजन पप्पू, सौरभ सिंहा, बंटी यादव, अभय जायसवाल, मोहम्मद शमीम उद्दीन, सुभाष यादव, शमीम अख्तर, दीपक शर्मा और राम बाबू पाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पृष्ठभूमि: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें CEC के रूप में सूचीबद्ध करती है।
पटना में इससे पहले 25 सितंबर को भी कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया और CEC को लेकर प्रदर्शन किया था, जिसमें पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया था।