सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के वसूली मामले में अभिनेत्री को गवाह के तौर पर दर्ज कराना है बयान; सोमवार को पेशी से छूट की अर्जी दी गई, जिसके बाद अदालत ने नया समन जारी किया।
बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने समन के बावजूद पेश नहीं होने पर फटकार लगाई है। यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के वसूली प्रकरण का है। नोरा को इस मामले में आरोपी नहीं, बल्कि गवाह के तौर पर अदालत में अपना बयान दर्ज कराना है। सोमवार, 2 नवंबर को उनकी अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने उन्हें दोबारा समन जारी किया और 6 नवंबर को पेश होने का निर्देश दिया।
पेशी से छूट की अर्जी पर अदालत ने जताई नाराजगी
सोमवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि नोरा फतेही को समन भेजा गया था, लेकिन उनकी पेशी को लेकर पुष्टि नहीं थी। इसके बाद अभिनेत्री के वकील ने व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की।
अदालत ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नोरा मामले में गवाह हैं और उन्हें अदालत में उपस्थित होना चाहिए था। न्यायाधीश ने उनके आचरण को उचित नहीं बताते हुए कहा कि अदालत की कार्यवाही को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। इसके बाद अदालत ने नया समन जारी कर उन्हें 6 नवंबर को उपस्थित होने का आदेश दिया।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि नोरा को 22 अक्टूबर को ईमेल और व्हाट्सऐप के जरिए नोटिस भेजा गया था। उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश भी की गई, लेकिन जवाब नहीं मिला। वहीं, नोरा के वकील ने पेशी से छूट की मांग की थी।
क्या है सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा 200 करोड़ का मामला?
यह मामला दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद रहने के दौरान सुकेश चंद्रशेखर पर कथित तौर पर ठगी और जबरन वसूली का नेटवर्क चलाने के आरोपों से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस के आरोपों के मुताबिक, सुकेश ने खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर पूर्व फोर्टिस प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपये की वसूली की।
आरोप है कि उसने फोन स्पूफिंग के जरिए सरकारी अधिकारी होने का दिखावा किया और अदिति सिंह को उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने में मदद का भरोसा दिया। इसी बहाने उनसे पैसे लिए गए। इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई ने की है। मामले में सुकेश, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत भी आरोप तय किए जा चुके हैं। फिलहाल मामला अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज किए जाने के चरण में है।
जांच एजेंसियों ने नोरा से क्यों की थी पूछताछ?
इस प्रकरण में जांच एजेंसियों ने नोरा फतेही से सुकेश चंद्रशेखर और उसकी पत्नी लीना पॉलोस के साथ कथित संपर्क को लेकर पूछताछ की थी। उनसे महंगे उपहारों और आर्थिक लेन-देन से जुड़े सवाल भी पूछे गए थे। पुलिस की पूरक चार्जशीट में नोरा का नाम गवाह के तौर पर दर्ज है। अदालत में उनकी गवाही इसी मामले से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए होनी है।

नोरा ने पहले एक पॉडकास्ट में इस विवाद पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि इस पूरे प्रकरण के कारण उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशानी हुई और उनके काम पर भी असर पड़ा। उनके मुताबिक, विवाद के बाद उन्होंने कई ब्रांड और काम खो दिए। उन्होंने उन चर्चाओं को भी गलत बताया था जिनमें उनके और सुकेश के बीच रोमांटिक संबंध होने की बात कही जाती रही। अभिनेत्री ने कहा था कि लोग उनके बारे में ऐसी बातें करते रहे, जबकि उनके अनुसार यह सच नहीं था।
अब अदालत ने नोरा फतेही को 6 नवंबर को पेश होकर अपना बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया है। इस मामले में उनकी गवाही और अदालत के अगले आदेश पर सभी की नजर रहेगी।
