बॉम्बे हाईकोर्ट में अभिनेता ने बिना शर्त माफी के साथ भविष्य में किसी भी विरोध-प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का दिया आश्वासन। सुनेश्चित जवाब देने का मौका मिलने तक FRRO के ‘लीव इंडिया नोटिस’ पर रोक जारी, अब 7 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई।
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस देने का मामला अब बॉम्बे हाईकोर्ट में एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार, 2 नवंबर को सुनवाई के दौरान अदालत ने उनके विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने पर सवाल उठाए और उनसे बिना शर्त माफी मांगने तथा भविष्य में ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होने का आश्वासन देने को कहा। इसके बाद अभिनेता ने अदालत में बिना शर्त माफी पेश की और लिखित आश्वासन दिया कि वह आगे किसी भी विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे।
यह मामला विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) की ओर से जारी उस ‘लीव इंडिया नोटिस’ से जुड़ा है, जिसमें अभिनेता को भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस नोटिस पर लगी अंतरिम रोक को आगे बढ़ा दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को होगी।
अदालत ने पूछा- विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने की क्या जरूरत थी?
बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने इमरान खान के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं, बल्कि ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक हैं। ऐसे में उन्हें भारतीय नागरिकों के समान अधिकारों के आधार पर इस तरह के राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने का दावा नहीं करना चाहिए।

अदालत ने उनसे यह स्पष्ट करने को कहा कि वह प्रदर्शन स्थल पर किस उद्देश्य से पहुंचे थे और क्या उनका प्रदर्शन आयोजित करने वाले लोगों या संगठनों से कोई संबंध था। पीठ ने उनसे भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों में शामिल नहीं होने का स्पष्ट आश्वासन देने को भी कहा।
इसके बाद अभिनेता ने अदालत में बिना शर्त माफी मांगी और भविष्य में किसी भी विरोध-प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का वचन दिया। यह आश्वासन उनके खिलाफ जारी नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया।
क्या है ‘लीव इंडिया नोटिस’, जिसके खिलाफ पहुंचे हाईकोर्ट?
इमरान खान को मुंबई के विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने 14 अक्टूबर 2026 को ‘लीव इंडिया नोटिस’ जारी किया था। इसमें उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था। अभिनेता ने इस नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इसे मनमाना और अनुचित बताया था।
हाईकोर्ट ने 27 अक्टूबर को केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद इस नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक लगा दी थी। सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि अगली सुनवाई तक अभिनेता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

अब 2 नवंबर की सुनवाई के बाद अदालत ने नोटिस पर लगी रोक को आगे बढ़ा दिया है। इसका मतलब है कि फिलहाल इमरान खान को भारत छोड़ना नहीं होगा। अदालत ने उन्हें नोटिस का जवाब देने का अवसर दिए जाने तक यह अंतरिम राहत जारी रखी है। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
मुंबई में किस प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा विवाद 10 अक्टूबर को मुंबई में हुए एक विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विरोध जता रहे थे।
इसी दौरान मुंबई पुलिस ने अभिनेता इमरान खान को प्रदर्शन स्थल के पास से हिरासत में लिया था। इसके बाद उनके खिलाफ कथित तौर पर प्रदर्शन में शामिल होने और OCI नियमों के उल्लंघन की शिकायत की गई। इसी घटनाक्रम के बाद FRRO ने उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया।
हालांकि, इमरान खान ने अपनी याचिका में कहा था कि वह प्रदर्शन में हिस्सा लेने या भीड़ जुटाने के उद्देश्य से वहां नहीं पहुंचे थे। उनका दावा था कि वह वहां से गुजरते समय भीड़ देखकर उत्सुकतावश रुके थे और पुलिस के कहने पर वहां से चले गए थे। उन्होंने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया और उसके आधार पर भारत छोड़ने का निर्देश देने को चुनौती दी है।

अमेरिका के नागरिक हैं इमरान खान, भारत में OCI कार्ड पर रह रहे
अभिनेता इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है। OCI कार्ड भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को भारत में रहने और कुछ विशेष सुविधाएं प्राप्त करने की अनुमति देता है, लेकिन यह भारतीय नागरिकता नहीं है। इसी कानूनी स्थिति को लेकर अदालत में उनके विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के अधिकार पर सवाल उठे हैं।
फिलहाल इस मामले में हाईकोर्ट ने न तो ‘लीव इंडिया नोटिस’ को रद्द किया है और न ही याचिका पर अंतिम फैसला सुनाया है। अदालत ने नोटिस पर अंतरिम रोक जारी रखते हुए इमरान खान को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। अब 7 दिसंबर की सुनवाई में यह तय होगा कि नोटिस को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है।
