मंगल ग्रह पर घूम रहे NASA के Perseverance रोवर ने एक नया अंतरग्रहीय रिकॉर्ड बना दिया है। 11 अक्टूबर 2026 को इसकी कुल यात्रा 45.22 किलोमीटर (28.10 मील) तक पहुँच गई, जिससे इसने NASA के ही पुराने Opportunity रोवर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि तक पहुँचने में Perseverance को लगभग साढ़े पाँच वर्ष लगे, जबकि Opportunity ने करीब 15 साल में अपनी कुल दूरी तय की थी।
NASA के मुताबिक, Perseverance ने यह मील का पत्थर अपने मिशन के 2,006वें Martian day यानी सोल पर हासिल किया। यह उपलब्धि सिर्फ अधिक दूरी तय करने की नहीं, बल्कि दूसरे ग्रह पर रोबोट को सुरक्षित और कुशलता से चलाने वाली स्वायत्त तकनीक की प्रगति का भी संकेत है।
Opportunity का रिकॉर्ड टूटा
Perseverance से पहले मंगल की सतह पर सबसे अधिक दूरी तय करने का रिकॉर्ड Opportunity के नाम था। इस रोवर ने 2004 से 2018 के बीच लगभग 45.16 किलोमीटर (28.06 मील) की यात्रा की थी। Perseverance ने 45.22 किलोमीटर का आँकड़ा पार करके यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
Opportunity का मिशन अपनी निर्धारित अवधि से बहुत अधिक चला था और उसने मंगल की सतह, चट्टानों तथा प्राचीन पर्यावरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। 2018 में धूल भरी वैश्विक आँधी के कारण उसके सौर पैनलों को पर्याप्त प्रकाश नहीं मिल पाया और उससे संपर्क समाप्त हो गया। उसका लंबा अभियान मंगल-अन्वेषण के इतिहास में एक उल्लेखनीय अध्याय बना हुआ है।

Perseverance मंगल पर कहाँ काम कर रहा है?
Perseverance फरवरी 2021 में मंगल पर उतरा था। इसका मुख्य अध्ययन क्षेत्र Jezero Crater है, जहाँ कभी झील और नदी-डेल्टा जैसी परिस्थितियाँ रही होंगी। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस क्षेत्र की कुछ चट्टानें प्राचीन जल-गतिविधि और मंगल के पुराने पर्यावरण के बारे में सुराग दे सकती हैं। रोवर का लक्ष्य प्राचीन सूक्ष्मजीवी जीवन के संभावित संकेतों की तलाश करना और चट्टानों व मिट्टी के नमूने एकत्र करना भी है।
रिकॉर्ड बनाते समय रोवर Jezero Crater के पश्चिमी किनारे के पास “Lac de Charmes” नाम से पहचाने गए क्षेत्र से “Idubi” की ओर बढ़ रहा था। वैज्ञानिक इस इलाके की बहुत पुरानी चट्टानों का अध्ययन करना चाहते हैं। Idubi क्षेत्र में प्राचीन हाइड्रोथर्मल प्रणालियों के संभावित निशान मिलने की उम्मीद है। पृथ्वी पर हाइड्रोथर्मल वातावरण में पानी और गर्म चट्टानों के बीच रासायनिक क्रियाएँ होती हैं; कुछ परिस्थितियों में ऐसे वातावरण जीवन के लिए उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, मंगल पर जीवन का प्रमाण मिलना अभी बाकी है।
AutoNav: रोवर की ‘सोचकर चलने’ वाली तकनीक
इस उपलब्धि में Perseverance की स्वायत्त नेविगेशन प्रणाली AutoNav की अहम भूमिका है। पृथ्वी से मंगल तक रेडियो संकेत पहुँचने में समय लगता है, इसलिए रोवर को हर मोड़ पर तत्काल निर्देश देकर चलाना संभव नहीं होता। AutoNav रोवर को अपने कैमरों से आसपास की तस्वीरें लेने, रास्ते में मौजूद बाधाओं का त्रि-आयामी नक्शा बनाने और सुरक्षित मार्ग चुनने में मदद करता है।
NASA के अनुसार, Perseverance अपनी कुल दूरी का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा AutoNav की सहायता से तय कर चुका है। तुलना के लिए, शुरुआती मंगल रोवर Opportunity और Spirit के समय स्वायत्त नेविगेशन का उपयोग कुल यात्रा के लगभग 5 प्रतिशत हिस्से में होता था। नई प्रणाली के कारण Perseverance रास्ते का आकलन करते हुए आगे बढ़ सकता है और जरूरत पड़ने पर अपने मार्ग में बदलाव कर सकता है।

NASA के मुताबिक, रोवर एक मंगल-दिवस में अधिकतम लगभग 412 मीटर तक चल सकता है। इसके नेविगेशन सिस्टम को हर बार रास्ते का आकलन करने के लिए बड़ी संख्या में मापन बिंदुओं और छवियों का उपयोग करने के लिए बनाया गया है। इस क्षमता से वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को अधिक दूरी तय करने के साथ-साथ वैज्ञानिक रूप से दिलचस्प स्थलों तक पहुँचने में मदद मिलती है।
सिर्फ गति नहीं, बेहतर निर्णय लेने की क्षमता
इस रिकॉर्ड का कारण केवल रोवर की तेज गति या अधिक शक्तिशाली मोटरें नहीं हैं। इसकी खासियत बेहतर कैमरे, ऑनबोर्ड कंप्यूटिंग और स्वायत्त निर्णय लेने की क्षमता का संयोजन है। रोवर को पृथ्वी से गंतव्य और मार्ग-संबंधी लक्ष्य दिए जाते हैं, लेकिन रास्ते में छोटे-छोटे निर्णय लेने का बड़ा हिस्सा वह स्वयं कर सकता है।
Perseverance में Vision Compute Element नाम का एक समर्पित कंप्यूटर है, जो वाहन के चलते समय तस्वीरों का विश्लेषण कर सकता है। इससे दूर दिखाई देने वाली बाधाओं को पहचानकर मार्ग में बदलाव करना संभव होता है। इस प्रकार की तकनीक भविष्य में चंद्रमा और मंगल पर अधिक जटिल रोबोटिक अभियानों के लिए भी उपयोगी हो सकती है।
आगे कितनी दूरी तय कर सकता है Perseverance?
NASA की टीम रोवर की गतिशीलता और लंबे समय तक काम करने की क्षमता का लगातार आकलन कर रही है। इसके ड्राइव मोटरों को मूल रूप से लगभग 20 किलोमीटर की यात्रा के लिए सावधानीपूर्वक रेट किया गया था, लेकिन अब टीम को उम्मीद है कि वे अपने जीवनकाल में कम-से-कम 100 किलोमीटर तक चलने में सक्षम हो सकती हैं। यह एक अनुमान है, निश्चित गारंटी नहीं; वास्तविक दूरी रोवर की स्थिति, सतह, ऊर्जा और वैज्ञानिक प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगी।

लंबी दूरी तय करने से रोवर को अधिक चट्टानी संरचनाओं और संभावित नमूना स्थलों तक पहुँचने का अवसर मिलेगा। फिर भी मिशन का उद्देश्य केवल दूरी का रिकॉर्ड बढ़ाना नहीं है। हर यात्रा को वैज्ञानिक महत्व, सुरक्षित संचालन और नमूने जुटाने की योजना के साथ संतुलित करना पड़ता है।
मंगल पर जीवन की खोज में इस रिकॉर्ड का महत्व
Perseverance की यात्रा यह दिखाती है कि स्वायत्त रोबोटिक तकनीक ग्रहों की खोज को किस तरह आगे बढ़ा सकती है। अधिक भरोसेमंद नेविगेशन से वैज्ञानिकों को दूर-दराज के इलाकों का अध्ययन करने और ऐसे स्थानों तक पहुँचने में मदद मिलती है जहाँ प्राचीन जल या जीवन के अनुकूल परिस्थितियों के संकेत हो सकते हैं। रोवर की चट्टान और मिट्टी के नमूने एकत्र करने की क्षमता भी इस वैज्ञानिक मिशन का अहम हिस्सा है।
हालाँकि, किसी संभावित जैविक संकेत की पहचान और मंगल पर प्राचीन जीवन की पुष्टि अलग-अलग बातें हैं। इसके लिए नमूनों और अन्य आँकड़ों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण आवश्यक होगा। फिलहाल यह रिकॉर्ड रोबोटिक अन्वेषण और मंगल की सतह पर लंबे अभियानों की क्षमता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
निष्कर्ष: NASA के Perseverance रोवर ने 45.22 किलोमीटर की कुल दूरी तय करके दूसरे ग्रह पर किसी वाहन की सबसे लंबी यात्रा का नया रिकॉर्ड बनाया है। Opportunity के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने में AutoNav की स्वायत्त तकनीक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रोवर अब भी Jezero Crater के प्राचीन भूभाग का अध्ययन कर रहा है, ताकि मंगल के जल-इतिहास और वहाँ कभी जीवन के अनुकूल परिस्थितियाँ मौजूद थीं या नहीं, इस बारे में बेहतर समझ हासिल की जा सके।

