‘वेलकम’ के बल्लू से घर-घर पहचान बनाने वाले अभिनेता का गुरुवार शाम निधन, सनी देओल और अनुपम खेर समेत फिल्म इंडस्ट्री ने जताया दुख
मुंबई। ‘वेलकम’, ‘आशिकी’, ‘हेरा फेरी’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’ और ‘मुझसे शादी करोगी’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय और खास कॉमिक अंदाज से पहचान बनाने वाले अभिनेता मुश्ताक खान का गुरुवार शाम निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे मुश्ताक खान ने शाम करीब 7 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। सनी देओल, अनुपम खेर, राजपाल यादव और संजय मिश्रा समेत कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुश्ताक खान के बेटे मोहसिन खान के मुताबिक, उनके पिता का जन्म 25 नवंबर 1950 को हुआ था। शुक्रवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मॉडल टाउन स्थित कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में रखा जाएगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लोग उन्हें अंतिम विदाई दे सकेंगे। इसके बाद जुमे की नमाज के बाद जनाजे की नमाज अदा की जाएगी और यारी रोड कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
निधन से दो घंटे पहले मिले थे राजपाल यादव
मुश्ताक खान के निधन की खबर से सबसे ज्यादा भावुक उनके करीबी अभिनेता राजपाल यादव नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि गुरुवार दोपहर ही वे मुश्ताक खान से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। उस वक्त मुश्ताक खान ने उन्हें देखा, हाथ मिलाया और उनकी बातें सुनते हुए प्रतिक्रिया भी दी।
राजपाल यादव ने लिखा कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि जिस शख्स से उन्होंने महज दो घंटे पहले मुलाकात की और हाथ मिलाया था, वह अब उनके बीच नहीं है। उन्होंने मुश्ताक खान को लोकप्रिय इंसान और अभिनेता बताते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
करीब पांच साल पहले पता चला था कैंसर
मुश्ताक खान के बिजनेस पार्टनर शिवम ने बताया कि अभिनेता को करीब पांच साल पहले कैंसर का पता चला था। इलाज के बाद वे ठीक भी हो गए थे। हालांकि, करीब आठ दिन पहले बीमारी दोबारा लौट आई। इसके बाद उन्हें मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शिवम के मुताबिक, इस बार बीमारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी और गुरुवार शाम करीब 7 बजे उनका निधन हो गया।
‘वेलकम’ के बल्लू ने दिलाई खास पहचान
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर कस्बे में जन्मे मुश्ताक खान ने अपने अभिनय सफर की शुरुआत थिएटर से की थी। वर्ष 1980 में फिल्म ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने चरित्र अभिनेता के तौर पर फिल्मों में लगातार काम किया और चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में 250 से अधिक फिल्मों में नजर आए।
1990 के दशक में उन्होंने ‘आशिकी’, ‘सड़क’, ‘साथी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘क्रांतिवीर’, ‘राजा’, ‘मेजर साब’ और ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ जैसी फिल्मों में काम किया। ‘आशिकी’ में दर्जी रफू मास्टर और ‘हम हैं राही प्यार के’ में भगवती प्रसाद मिश्रा के किरदार ने भी उन्हें दर्शकों के बीच पहचान दिलाई।
इसके बाद ‘हेरा फेरी’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘जुड़वा नंबर 1’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी फिल्मों में उन्होंने कॉमिक और सपोर्टिंग किरदार निभाए। हालांकि, वर्ष 2007 में आई ‘वेलकम’ ने उनकी लोकप्रियता को एक अलग मुकाम दिया। फिल्म में बल्लू के किरदार और उनके कॉमिक अंदाज को दर्शकों ने खूब पसंद किया। बाद में वे ‘वेलकम बैक’, ‘स्त्री’ और ‘स्त्री 2’ समेत कई फिल्मों में दिखाई दिए।
फिल्मों के साथ टीवी पर भी किया काम
मुश्ताक खान ने फिल्मों के अलावा टेलीविजन पर भी काम किया। वे ‘अदालत’, ‘चाचा चौधरी’, ‘टेढ़े-मेढ़े सपने’ और ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ जैसे टीवी शो का हिस्सा रहे। हाल के वर्षों में भी वे लगातार सक्रिय रहे और फिल्मों में चरित्र भूमिकाएं निभाते रहे।
परिवार में पत्नी और तीन बच्चे
मुश्ताक खान अपने पीछे पत्नी सलमा खान, दो बेटों और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उनके बड़े बेटे मोहम्मद अरशद खान ने फिल्म इंडस्ट्री से अलग अपना करियर बनाया है, जबकि छोटे बेटे मोहसिन खान फिल्म जगत से जुड़े हैं। मोहसिन अभिनेता नहीं बल्कि निर्देशक और निर्माता हैं। उन्होंने मराठी फिल्म ‘डिलीवरी बॉय’ का निर्देशन किया था।
2024 में हुआ था अपहरण
मुश्ताक खान नवंबर 2024 में उस समय भी सुर्खियों में आए थे, जब उन्हें एक अवॉर्ड समारोह में मुख्य अतिथि बनाने का झांसा देकर कथित तौर पर अगवा कर लिया गया था। बदमाशों ने भरोसा जीतने के लिए उन्हें एडवांस रकम भेजी थी और दिल्ली की फ्लाइट टिकट भी बुक कराई थी।
20 नवंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद एक कैब के जरिए उन्हें मेरठ ले जाया गया। रास्ते में उन्हें दूसरी गाड़ी में बैठाया गया और हथियार दिखाकर अगवा कर लिया गया। इसके बाद उन्हें बिजनौर के एक घर में करीब 12 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। बदमाशों ने फिरौती की मांग की थी। अगले दिन मौका मिलते ही मुश्ताक खान वहां से निकलने में सफल रहे और एक मस्जिद पहुंचकर स्थानीय लोगों से मदद मांगी। बाद में पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
अनुपम खेर ने याद किया साथ बिताया समय
मुश्ताक खान के निधन पर अनुपम खेर ने वीडियो साझा कर दुख जताया। उन्होंने कहा कि दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया था। अनुपम खेर के मुताबिक, मुश्ताक खान बेहद सहज स्वभाव के व्यक्ति थे और उनका सेंस ऑफ ह्यूमर शानदार था। उन्होंने उनके बेटे मोहसिन और पूरे परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
सनी देओल और संजय मिश्रा ने भी दी श्रद्धांजलि
सनी देओल ने भी मुश्ताक खान के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें अच्छा इंसान और बेहतरीन अभिनेता बताया। उन्होंने उनके साथ बिताए समय और उनसे जुड़ी यादों को याद किया।
वहीं, ‘वेलकम’ में उनके साथ काम कर चुके संजय मिश्रा ने मुश्ताक खान को अपने जीवन के एक दौर में अभिभावक जैसा बताया। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें किसी सलाह की जरूरत होती थी, वे मुश्ताक खान से बात करते थे। संजय मिश्रा ने यह भी कहा कि वे बेहतरीन कलाकार थे, लेकिन उन्हें जितना श्रेय मिलना चाहिए था, उतना नहीं मिला।
मुश्ताक खान के निधन के साथ हिंदी सिनेमा ने ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने लंबे समय तक मुख्य भूमिकाओं से अलग रहकर भी अपने छोटे-बड़े किरदारों को यादगार बनाया। पर्दे पर उनकी मौजूदगी और खास कॉमिक अंदाज अब उनकी फिल्मों के जरिए ही दर्शकों के बीच जीवित रहेगा।