तीन-चार साल से अस्पताल नहीं पहुंचे कई चिकित्सक, किसी ने पढ़ाई तो किसी ने पारिवारिक कारणों का दिया हवाला
Munger News: सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के बीच लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे 10 चिकित्सकों पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग की ओर से पहले ही संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ प्रपत्र-क गठित करने की अनुशंसा की जा चुकी थी। अब उन्हें तामिला भी भेज दिया गया है। इसके बाद संबंधित डॉक्टरों से उनका पक्ष और अनुपस्थिति को लेकर जवाब लिया जाएगा तथा नियमानुसार विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिले के कई स्वास्थ्य केंद्रों में पहले से ही चिकित्सकों की कमी है। ऐसे में लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का मामला विभाग के लिए गंभीर बना हुआ है।
लंबे समय से गैरहाजिर हैं कई डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मुंगेर जिले के अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात रहे कई चिकित्सक लंबे समय से अपने कार्यस्थल पर नहीं पहुंचे हैं। इनमें कुछ डॉक्टरों की अनुपस्थिति तीन से चार साल तक बताई जा रही है।
अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों में असरगंज के डॉ. सुबोध कुमार 3 अगस्त 2022 से ड्यूटी से अनुपस्थित बताए गए हैं। हवेली खड़गपुर के डॉ. पंकज कुमार 14 अगस्त 2022 से अस्पताल नहीं पहुंचे हैं। वहीं सदर अस्पताल के डॉ. हरेंद्र कुमार 11 नवंबर 2022 से अनुपस्थित हैं।
इसी तरह डॉ. आरती कुमारी 4 जनवरी 2023, डॉ. अभिलाषा कुमारी 28 जनवरी 2023 और डॉ. योगेश 4 फरवरी 2023 से ड्यूटी से अनुपस्थित बताए गए हैं।
वहीं डॉ. अब्दुल बहाब 7 अक्टूबर 2025, धरहरा की डॉ. तन्नू प्रिया 14 नवंबर 2025, डॉ. रजनीश रंजन 21 जनवरी 2026 और टेटियाबंबर की डॉ. स्वर्ण किरण सिन्हा 25 मई 2026 से अनुपस्थित बताई गई हैं।
पढ़ाई और पारिवारिक कारणों के आवेदन भी सामने आए
विभागीय स्तर पर सामने आए मामलों में कुछ चिकित्सकों के संबंध में पढ़ाई और पारिवारिक कारणों का हवाला देकर अनुपस्थित रहने की बात भी सामने आई है। हालांकि, लंबे समय तक ड्यूटी से दूर रहने के मामलों में विभाग अब दस्तावेजों और संबंधित चिकित्सकों के जवाब के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा।
यानी तामिला भेजे जाने के बाद अब संबंधित डॉक्टरों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। उनके जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर विभागीय कार्रवाई की अगली प्रक्रिया तय की जाएगी।
प्रपत्र-क के बाद बढ़ी कार्रवाई की रफ्तार
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लंबे समय से अनुपस्थित चिकित्सकों के खिलाफ प्रपत्र-क गठित करने की अनुशंसा पहले ही की गई थी। अब तामिला की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला अगले चरण में पहुंच गया है।
सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि जिले के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थापित कुछ चिकित्सक लंबे समय से अनुपस्थित हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पूर्व में प्रपत्र-क गठित करने की अनुशंसा की गई थी। अब संबंधित चिकित्सकों को तामिला भेजा गया है और इसके बाद नियम के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुंगेर में स्वास्थ्य विभाग हाल के दिनों में स्वास्थ्यकर्मियों की जवाबदेही को लेकर लगातार सख्ती दिखा रहा है। इससे पहले भी लापरवाही और कम उपलब्धि वाले स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ स्पष्टीकरण और वेतन रोकने जैसी कार्रवाई की गई है।
अब जवाब के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
तामिला मिलने के बाद संबंधित चिकित्सकों से उनकी अनुपस्थिति के कारणों और सेवा से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में जवाब लिया जाएगा। इसके बाद विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टरों की मौजूदगी बेहद जरूरी है। ऐसे में वर्षों तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों के मामलों में विभाग की कार्रवाई आने वाले समय में स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था और डॉक्टरों की उपस्थिति पर भी असर डाल सकती है।