मुंगेर: मुंगेर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित लालदरवाजा में बुधवार दोपहर घर के बाहर खेल रहे तीन वर्षीय अभिराज के अपहरण की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सीसीटीवी फुटेज की मदद से महज साढ़े चार घंटे के भीतर बच्चे को आरा से सकुशल बरामद कर लिया गया। मामले में तीन पुरुषों और तीन महिलाओं समेत कुल छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
घर के बाहर खेलते समय कार सवारों ने किया अपहरण
जानकारी के अनुसार, लालदरवाजा निवासी विनोद यादव का तीन वर्षीय बेटा अभिराज बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान कार सवार कुछ लोग उसे कथित तौर पर उठाकर वहां से फरार हो गए।
बच्चे के अचानक गायब होने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। स्वजन ने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की। साथ ही माइकिंग कराकर स्थानीय लोगों से भी बच्चे की खोज में सहयोग करने की अपील की गई।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
घटना की जानकारी मिलते ही मुंगेर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि समय पर सूचना मिलने के बाद भोजपुर पुलिस से संपर्क किया गया और घटना की पूरी जानकारी साझा की गई।
सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई। मुंगेर पुलिस और भोजपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान आरा में कार को रोककर मासूम अभिराज को सकुशल बरामद कर लिया गया।
तीन पुरुष और तीन महिलाएं गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में तीन पुरुषों और तीन महिलाओं समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे के अपहरण के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इस पूरी साजिश का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच मुंगेर और भोजपुर पुलिस मिलकर कर रही है। आरोपितों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पंजाब ले जाने की साजिश की जांच
प्रारंभिक जानकारी में बच्चे को कथित तौर पर तीन लाख रुपये में बेचकर पंजाब ले जाने की साजिश की बात सामने आई है। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क और कथित सौदे से जुड़े तथ्यों की पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस घटना में और कितने लोग शामिल हैं और क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
समय पर कार्रवाई से टली बड़ी वारदात
अगर सीसीटीवी फुटेज से समय रहते सुराग नहीं मिलता और पुलिस तत्काल कार्रवाई नहीं करती, तो बच्चे को पंजाब ले जाया जा सकता था। पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई के कारण मासूम को सकुशल बरामद कर लिया गया।
इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और संभावित मानव तस्करी नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने और संभावित गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए छापेमारी कर रही है।