मुंगेर में घर में रखे सोने के गहनों की चोरी और उन्हें बेचकर बाइक खरीदने का मामला सामने आया है। हेरुदियारा निवासी नवीन कुमार के घर से करीब 45 ग्राम सोने के गहने चोरी होने की बात सामने आने के बाद परिजनों को घर में अचानक नई बाइक आने पर संदेह हुआ। पूछताछ में नवीन के भतीजे प्रियांशु कुमार और पड़ोस के भतीजे सोनू कुमार पर गहने चोरी करने की बात स्वीकार करने का आरोप है। दोनों ने बताया कि चोरी के गहने मयूर चौक स्थित एक स्वर्ण दुकानदार को बेचे गए।
मामला सामने आने के बाद परिजनों ने कोतवाली थाने की पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मयूर चौक स्थित ज्वेलर्स दुकानदार अमरदीप पोद्दार को थाने लाकर पूछताछ की। दुकानदार पर आरोप है कि उसने करीब 45 ग्राम सोने के गहने 1.82 लाख रुपये में खरीदे, जबकि स्वजन के अनुसार इन गहनों की बाजार कीमत करीब पांच लाख रुपये थी।
नई बाइक पहुंचने पर परिजनों को हुआ संदेह
उपलब्ध जानकारी के अनुसार नवीन कुमार के घर में अचानक नई बाइक पहुंची तो परिवार के सदस्यों को इस पर संदेह हुआ। घर में रखे सोने के गहनों की जानकारी और बाइक खरीदने के बीच संबंध को लेकर भतीजे से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान प्रियांशु कुमार और सोनू कुमार ने घर से करीब 45 ग्राम सोने के गहने चोरी करने की बात स्वीकार की।
दोनों युवकों ने पुलिस और परिजनों को बताया कि चोरी किए गए गहनों को मयूर चौक स्थित स्वर्ण दुकानदार अमरदीप पोद्दार की दुकान में बेचा गया था। इसके बाद परिजनों ने मामले की जानकारी कोतवाली थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस दुकानदार को थाने लेकर आई और उससे मामले के संबंध में पूछताछ की।

1.82 लाख रुपये में गहने खरीदने का आरोप
पुलिस की पूछताछ के दौरान दुकानदार ने दोनों युवकों से गहने खरीदने और इसके बदले 1.82 लाख रुपये देने की बात स्वीकार की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार युवकों ने इसी रकम का इस्तेमाल बाइक खरीदने में किया। इस तरह घर से गहने गायब होने और नई बाइक आने के बीच का संबंध सामने आया।
स्वजन का दावा है कि चोरी किए गए गहनों की बाजार कीमत करीब पांच लाख रुपये थी। ऐसे में लगभग 45 ग्राम सोने के गहनों को 1.82 लाख रुपये में खरीदे जाने को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि गहनों की वास्तविक बाजार कीमत और खरीद-बिक्री की परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया से होगी।
दुकानदार के पुराने आपराधिक इतिहास का भी उल्लेख
मामले की पुलिस जांच में दुकानदार अमरदीप पोद्दार के पूर्व आपराधिक इतिहास की बात भी सामने आने की जानकारी दी गई है। बताया गया कि वह चोरी के जेवर खरीदने के मामले में पहले भी दो बार जेल जा चुका है। स्थानीय सराफा कारोबारियों ने ऐसे मामलों को पूरे स्वर्ण व्यवसाय की छवि के लिए नुकसानदायक बताया है।
इस मामले में पुलिस की भूमिका अब चोरी के गहनों की खरीद-बिक्री से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच करने की है। चोरी किए गए गहनों की बरामदगी, उनकी वास्तविक कीमत, खरीद के समय दुकानदार को उनकी जानकारी थी या नहीं और मामले में किस-किस की भूमिका रही, इन पहलुओं पर आगे की कार्रवाई की स्थिति उपलब्ध स्रोत में स्पष्ट नहीं की गई है।

आवेदन मिलने पर प्राथमिकी की बात
कोतवाली थानाध्यक्ष राजीव कुमार तिवारी ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष से आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना ने घर में रखे कीमती गहनों की सुरक्षा और चोरी के सामान की खरीद-बिक्री पर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस की जांच और पीड़ित पक्ष के आवेदन के बाद होने वाली कानूनी कार्रवाई से मामले की आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।
