गया: गया जंक्शन पर बुधवार देर रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब धनबाद से फिरोजपुर जा रही 13307 अप गंगा-सतलुज एक्सप्रेस के एस-5 कोच से अचानक चिंगारी उठने लगी। घटना इलेक्ट्रिक कपलर के पास हुई, जिससे कुछ यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग तुरंत कोच से बाहर निकल आए। हालांकि रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी और अग्निशमन विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, ट्रेन जब धनबाद रेल मंडल क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी एस-5 कोच के इलेक्ट्रिक कपलर के पास चिंगारी उठने की सूचना रेलवे कंट्रोल को मिली। सूचना मिलते ही गया जंक्शन को हाई अलर्ट पर रखा गया और संबंधित विभागों की टीमों को स्टेशन पर तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
निर्धारित समय के अनुसार ट्रेन रात 1:05 बजे गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंची। ट्रेन रुकते ही टीएक्सआर, गाड़ी प्रदीपन विभाग, आरपीएफ, जीआरपी और स्टेशन प्रबंधन की संयुक्त टीम ने प्रभावित कोच का निरीक्षण शुरू किया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला अग्निशमन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
तकनीकी जांच के दौरान पता चला कि इलेक्ट्रिक कपलर के पास बिजली के तार का कनेक्शन ढीला हो गया था। इसी वजह से चिंगारी निकल रही थी। रेलवे की तकनीकी टीम ने मौके पर ही खराबी को ठीक किया और पूरे कोच की गहन जांच के बाद उसे सुरक्षित घोषित कर दिया।
मरम्मत कार्य में लगभग आधा घंटा लगा। इसके बाद सभी सुरक्षा मानकों की पुष्टि होने पर गंगा-सतलुज एक्सप्रेस को रात 1:32 बजे फिरोजपुर के लिए रवाना कर दिया गया। इस दौरान यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने लगातार उन्हें स्थिति से अवगत कराया, जिससे घबराहट धीरे-धीरे कम हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चिंगारी और हल्का धुआं दिखाई देने के बाद कुछ देर के लिए यात्रियों में अफरातफरी का माहौल बन गया था। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत प्रभावित क्षेत्र को खाली कराया और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। समय रहते कार्रवाई होने से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना की विस्तृत संयुक्त जांच रिपोर्ट तैयार कर वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी। शुरुआती जांच में इसे तकनीकी खराबी का मामला माना गया है। मौके पर जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमन कुमार सिंह, सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी नवीन सिंह समेत रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी और अग्निशमन विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। रेलवे का कहना है कि त्वरित तकनीकी कार्रवाई और समन्वित प्रयासों की बदौलत एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।