लखीसराय: सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के नवाबगंज गांव में सड़क हादसे में घायल बच्ची की इलाज के दौरान मौत के बाद सोमवार की सुबह माहौल तनावपूर्ण हो गया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित स्वजन और ग्रामीणों ने मुंगेर-लखीसराय एनएच-80 को जाम कर दिया। ग्रामीण सुबह करीब छह बजे से गांव के पास सड़क पर आवागमन रोककर विरोध जता रहे हैं।
सड़क जाम होने के कारण एनएच-80 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ग्रामीणों और स्वजन को समझाने की कोशिश कर रही है।
शनिवार को बाइक की चपेट में आई थी अमिषा
नवाबगंज गांव निवासी विपिन यादव की पुत्री अमिषा कुमारी शनिवार को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। बताया गया कि बाइक की ठोकर लगने के बाद बच्ची को गंभीर चोटें आई थीं।
हादसे के बाद परिजन उसे इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच ले गए, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद बच्ची की हालत में सुधार आएगा, लेकिन रविवार की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शव गांव पहुंचते ही भड़का आक्रोश
अमिषा का शव सोमवार की सुबह जब नवाबगंज गांव पहुंचा तो परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। हादसे में बच्ची की मौत से पहले से ही गमगीन परिवार ने सड़क पर उतरकर विरोध शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने गांव के पास एनएच-80 पर पहुंचकर सड़क को जाम कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। आवागमन बाधित होने से राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाइक चालक पर कार्रवाई की मांग
सड़क जाम कर रहे ग्रामीणों की मुख्य मांग हादसे के जिम्मेदार बाइक चालक के खिलाफ कार्रवाई करने की है। इसके साथ ही ग्रामीण पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग भी कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्ची की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसे में पीड़ित परिवार को सरकारी स्तर पर उचित सहायता मिलनी चाहिए।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
एनएच-80 जाम होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को समझाने और सड़क से जाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल ग्रामीण अपनी मांगों पर कायम हैं। पुलिस की कोशिश है कि बातचीत के जरिए स्थिति को सामान्य कराया जाए और एनएच-80 पर यातायात बहाल किया जा सके।
हादसे के बाद गांव में गम और गुस्सा
अमिषा की मौत के बाद नवाबगंज गांव में शोक का माहौल है। एक ओर परिवार बच्ची की मौत से सदमे में है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण हादसे को लेकर नाराज हैं।