रोहतास: कोचस थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई ज्वेलरी दुकान लूट के मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के समय इलाके में दिवा गश्ती में तैनात पुलिसकर्मियों पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही का आरोप लगा है। इसके बाद कोचस ज्वेलरी लूटकांड को लेकर एसपी राज ने एक पुलिस पदाधिकारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
न्यू कंचन ज्वेलर्स में हथियार के बल पर लूट
पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर को दोपहर करीब 1 बजकर 55 मिनट पर कोचस थाना क्षेत्र स्थित न्यू कंचन ज्वेलर्स में चार अज्ञात अपराधियों ने हथियार का भय दिखाकर सोने-चांदी के आभूषणों की लूट की थी। घटना दिनदहाड़े हुई और वारदात के समय कोचस थाना की दिवा गश्ती पार्टी इलाके में तैनात थी।
ज्वेलरी दुकान में अपराधियों के पहुंचने और हथियार का भय दिखाकर लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर सवाल उठे। एसपी ने घटना के समय इलाके में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका और ड्यूटी के दौरान बरती गई सतर्कता की समीक्षा की।
गश्ती दल की मौजूदगी के बावजूद हुई वारदात
एसपी के मुताबिक, जिस समय लूट की घटना हुई उस दौरान कोचस थाना की दिवा गश्ती पार्टी क्षेत्र में मौजूद थी। इसके बावजूद अपराधियों ने ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इसे गश्ती दल में प्रतिनियुक्त कर्मियों की ओर से कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही माना गया।

इसी आधार पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। कार्रवाई का उद्देश्य घटना के दौरान पुलिस गश्ती की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करना भी है।
एक दारोगा और दो सिपाही निलंबित
कोचस ज्वेलरी लूटकांड के समय दिवा गश्ती में तैनात पुअनि बुधन सिंह चम्पीया, सिपाही सोनू कुमार और महिला सिपाही संगीता कुमारी को निलंबित किया गया है। तीनों के खिलाफ कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।
निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही, निलंबित पुलिसकर्मियों का मुख्यालय पुलिस केंद्र डेहरी निर्धारित किया गया है। विभागीय कार्रवाई के तहत आगे की प्रक्रिया भी नियमानुसार जारी रहेगी।
लूट की घटना ने पुलिस गश्ती पर उठाए सवाल
दिनदहाड़े हथियार के बल पर ज्वेलरी दुकान में लूट की घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है। कारोबारी प्रतिष्ठानों में इस तरह की वारदात से व्यवसायियों के बीच भी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते हैं। पुलिस की ओर से घटना की आपराधिक जांच के साथ-साथ ड्यूटी में तैनात कर्मियों की जिम्मेदारी की भी समीक्षा की गई।

एसपी की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि पुलिस विभाग ने गश्ती के दौरान हुई इस चूक को गंभीरता से लिया है। हालांकि, लूट में शामिल अपराधियों की पहचान, गिरफ्तारी और लूटे गए आभूषणों की बरामदगी से जुड़ी कार्रवाई अलग जांच का विषय है। उपलब्ध जानकारी में इस मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी या लूटे गए सामान की बरामदगी की पुष्टि नहीं की गई है।
आगे की जांच पर नजर
अब मामले में पुलिस की जांच अपराधियों तक पहुंचने और वारदात से जुड़े साक्ष्य जुटाने पर केंद्रित रहेगी। दूसरी ओर, निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी। कोचस की इस घटना ने एक बार फिर संवेदनशील बाजार क्षेत्रों में नियमित गश्ती और पुलिस की सतर्कता की अहमियत को सामने ला दिया है।
