गोपालगंज: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की चचेरी भाभी का अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया। गोपालगंज के हथुआ क्षेत्र में हुई इस घटना से परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोगों में शोक की लहर है। बताया गया कि उन्होंने पटना के मेदांता अस्पताल में हृदय रोग से जुड़ा सफल ऑपरेशन कराया था और उपचार के बाद घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
परिवार के अनुसार, तबीयत खराब होने के बाद उन्हें तत्काल हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी स्थिति गंभीर हो गई और रास्ते में उनका निधन हो गया। घटना के बाद परिजन सदमे में हैं। हथुआ क्षेत्र में भी इस निधन की खबर फैलते ही शोक का माहौल बन गया।
ऑपरेशन के बाद घर लौटते समय बिगड़ी तबीयत
बताया गया है कि मृतका ने पटना स्थित मेदांता अस्पताल में हृदय रोग का ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत बेहतर बताई जा रही थी और वह घर लौट रही थीं। हालांकि, यात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन इसी दौरान उनकी मौत हो गई।
हथुआ अस्पताल की मॉर्चरी व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए। शव रखने के लिए अस्पताल में मौजूद मॉर्चरी चैंबर वर्षों से बंद मिला। अचानक हुई मौत के बाद जब शव को सुरक्षित रखने की जरूरत पड़ी तो अस्पताल में मॉर्चरी की व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद आनन-फानन में जिला अस्पताल से मॉर्चरी चैंबर मंगवाने की व्यवस्था करनी पड़ी।

इस घटनाक्रम ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी अस्पताल में मॉर्चरी सुविधा लंबे समय से बंद रहना और जरूरत के समय वैकल्पिक व्यवस्था के लिए दूसरे अस्पताल पर निर्भर होना व्यवस्था की स्थिति को सामने लाता है। हालांकि, मॉर्चरी चैंबर किन कारणों से वर्षों से बंद था, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
परिवार और हथुआ में शोक का माहौल
अचानक हुए निधन की खबर से परिवार में मातम का माहौल है। स्थानीय स्तर पर भी बड़ी संख्या में लोग शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए हैं। जानकारी के अनुसार, अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जाएगा।
घटना ने एक ओर परिवार को गहरा सदमा दिया है, तो दूसरी ओर हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल की बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज कर दी है। स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि अस्पताल में मॉर्चरी चैंबर लंबे समय से बंद था तो उसे चालू कराने के लिए अब तक प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाया गया।
अस्पताल की व्यवस्था को लेकर जवाबदेही का सवाल
अस्पताल की मॉर्चरी व्यवस्था से जुड़ा मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी नजर रहेगी। हालांकि, घटना के दौरान अस्पताल के स्तर पर सामने आई परिस्थितियों और मॉर्चरी चैंबर के बंद रहने की वजह को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल परिवार अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा है और पूरे क्षेत्र में शोक की स्थिति बनी हुई है।

