पटना: मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पटना जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (NCB), पटना की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने कर्मभूमि एक्सप्रेस के सामान्य कोच से एक विदेशी महिला यात्री को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 3.050 किलोग्राम चरस जैसी दिखने वाली संदिग्ध वस्तु बरामद की गई है।
बताया गया कि बरामद पदार्थ को छह अलग-अलग बंडलों में ब्राउन रंग के प्लास्टिक से लपेटकर रखा गया था। संयुक्त टीम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत संदिग्ध पदार्थ को जब्त कर महिला को आगे की कार्रवाई के लिए NCB के हवाले कर दिया।
ऑपरेशन नार्कोस के तहत हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ऑपरेशन नार्कोस के तहत की गई। शुक्रवार को RPF को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 12545 रक्सौल-एलटीटी कर्मभूमि एक्सप्रेस के सामान्य कोच में एक महिला यात्री संदिग्ध मादक पदार्थ लेकर यात्रा कर रही है।
सूचना मिलने के बाद RPF पोस्ट पटना जंक्शन के प्रभारी निरीक्षक साकेत कुमार के नेतृत्व में RPF और NCB की संयुक्त टीम गठित की गई।
पटना जंक्शन पर ट्रेन रुकते ही शुरू हुई जांच
कर्मभूमि एक्सप्रेस करीब 1:48 बजे पटना जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या चार पर पहुंची। इसके बाद संयुक्त टीम ने ट्रेन के सामान्य कोचों की सघन जांच शुरू की।
मुखबिर की निशानदेही के आधार पर टीम ने एक संदिग्ध महिला यात्री को ट्रेन से नीचे उतारा और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से छह बंडल बरामद किए गए।
जांच करने पर बंडलों के अंदर चरस जैसी दिखने वाली संदिग्ध वस्तु मिली। सभी छह बंडलों को मौके पर तराजू से तौला गया, जिनका कुल वजन 3.050 किलोग्राम पाया गया।
रक्सौल से मनमाड़ ले जाने की थी योजना
गिरफ्तार महिला की पहचान अकलिमा खातून, उम्र करीब 50 वर्ष, पत्नी नाइमुद्दिन मियां, निवासी विश्रामपुर, डाकघर विश्रामपुर, थाना कलेया, जिला बारा, नेपाल के रूप में बताई गई है।
पूछताछ के दौरान महिला ने कथित तौर पर बताया कि वह इस पदार्थ को रक्सौल से मनमाड़, महाराष्ट्र ले जाने वाली थी। महिला के अनुसार, एक बार सामान रक्सौल से मनमाड़ पहुंचाने के लिए उसे करीब 10 हजार रुपये मिलने थे।
NCB को सौंपा गया मामला
RPF के अनुसार, बरामद संदिग्ध पदार्थ और गिरफ्तार महिला को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए NCB, पटना की टीम को सौंप दिया गया है।
मामले में NDPS Act के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित मादक पदार्थ की तस्करी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और महिला को यह सामान किसने उपलब्ध कराया था।
बरामद पदार्थ की अंतिम प्रकृति और उससे संबंधित कानूनी स्थिति जांच एवं निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर स्पष्ट होगी।