औरंगाबाद: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हेतमपुर गांव में सर्पदंश की घटना में 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला को मंगलवार रात बेड पर सोने के दौरान विषैले सांप ने डंस लिया था। घटना के बाद परिजन तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराने में लग गए। इस दौरान इलाज में देरी होती गई। बुधवार को हालत गंभीर होने पर महिला को औरंगाबाद सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतका की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के विषैनी गांव निवासी कारू पासवान की पत्नी सुगीया देवी के रूप में हुई है। बताया गया कि सुगीया देवी करीब चार दिन पहले अपने मायके हेतमपुर आई थीं।
बेड पर सोने के दौरान सांप ने डंसा
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात सुगीया देवी घर में बेड पर सो रही थीं। इसी दौरान सांप ने उन्हें डंस लिया। सर्पदंश के बाद परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए तांत्रिक के पास ले गए।
झाड़-फूंक में काफी समय बीत गया और रात गुजर गई। इस दौरान महिला को उचित चिकित्सकीय उपचार नहीं मिल सका।
हालत बिगड़ी तो सदर अस्पताल ले गए
बुधवार को सुगीया देवी की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद परिजन उन्हें आनन-फानन में औरंगाबाद सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी।
इलाज के दौरान सुगीया देवी ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलने के बाद मुफस्सिल थाना पुलिस सदर अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मुफस्सिल थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए स्वजनों को सौंप दिया जाएगा।
बताया गया है कि मृतका के दो पुत्र हैं, जिनमें से एक की शादी हो चुकी है।
सर्पदंश में समय पर इलाज जरूरी
सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या अन्य घरेलू उपायों में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से स्थिति को गंभीर होने से रोकने में मदद मिल सकती है।