अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दामाद और पूर्व व्हाइट हाउस सलाहकार जेरेड कुशनर से जुड़े एक विवादित मीडिया खुलासे को “पूरी तरह झूठा” बताया है। यह विवाद Vanity Fair में प्रकाशित पत्रकार मैथ्यू कोल की आगामी किताब के अंश से शुरू हुआ, जिसमें दावा किया गया है कि ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान कुशनर के फोन की निगरानी से कथित तौर पर मध्य-पूर्व के नेताओं और विदेशी बैंक खातों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जानकारी सामने आई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कुशनर ने इन्हें सिरे से खारिज किया है।
ट्रंप ने 23 अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत में रिपोर्ट को “पूरी तरह गलत” और “फेक न्यूज” बताया। इस प्रतिक्रिया का विवरण Forbes की रिपोर्ट में प्रकाशित हुआ। राष्ट्रपति का सार्वजनिक बचाव ऐसे समय आया है, जब कुशनर और उनके वकील ने भी किताब के अंश में लगाए गए आरोपों को गलत और मानहानिकारक बताया है।
रिपोर्ट में क्या आरोप लगाए गए हैं?
मैथ्यू कोल की आगामी किताब Princes and Thieves: Jared Kushner and Mohamed bin Zayed’s Secret Plot to Remake the Middle East के अंश के मुताबिक, कथित तौर पर रूसी सैन्य खुफिया से जुड़े एक हैकर ने कुशनर के आईफोन तक पहुंच बनाई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि बाद में डच खुफिया अधिकारियों को फोन की गतिविधियों से जुड़े स्क्रीनशॉट देखने का अवसर मिला। इन्हीं कथित जानकारियों के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब और इजरायल से जुड़े खातों तथा संभावित वित्तीय व्यवस्थाओं के आरोप सामने आए।
CBS News की रिपोर्ट के अनुसार, किताब के अंश में दावा किया गया है कि कुशनर ने UAE से जुड़े एक खाते में लॉग-इन किया था, जिसमें अजरबैजान के रास्ते सैकड़ों मिलियन डॉलर पहुंचने की बात कही गई है। रिपोर्ट में अलग-अलग खातों में कुल कम-से-कम 2 अरब डॉलर से जुड़ी कथित व्यवस्था का उल्लेख है। एक खाते में लगभग 750 मिलियन डॉलर और दूसरे खाते में करीब 1 अरब डॉलर के कथित हस्तांतरण का जिक्र किया गया है। ये विवरण किताब के अंश में लगाए गए आरोप हैं, स्थापित वित्तीय तथ्य या किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में इन्हें प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

NDTV की रिपोर्ट भी आरोपों और कुशनर के जवाब का विवरण देती है। The Economic Times में प्रकाशित रिपोर्ट ने भी स्पष्ट किया कि इन दावों को गलत काम के प्रमाणित निष्कर्ष के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।
कुशनर ने आरोपों को बताया निराधार
कुशनर ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि आरोप “पूरी तरह बेतुके” हैं और ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने प्रकाशन से पहले हर दावे का खंडन किया था, लेकिन लेखक ने समर्थन में बैंक स्टेटमेंट, वायर ट्रांसफर रिकॉर्ड, खाता संख्या या लेन-देन की तारीख जैसे सत्यापन योग्य दस्तावेज पेश नहीं किए। उनका कहना है कि पहले कार्यकाल के दौरान वह मीडिया, कांग्रेस की जांचों और विशेष वकील की जांच सहित व्यापक सार्वजनिक जांच के दायरे में रहे और उन्होंने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग किया।
कुशनर का बयान यहां देखा जा सकता है: जेरेड कुशनर का मूल X पोस्ट (22 अक्टूबर 2026)। यह पोस्ट उनके पक्ष का आधिकारिक जवाब है; इसमें दिए गए इनकार को आरोपों की स्वतंत्र जांच का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
कुशनर के वकील चाड मिजेल ने भी आरोपों को गलत और मानहानिकारक बताया तथा कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया। व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने भी रिपोर्ट की आलोचना की। Hindustan Times, WION और Free Press Journal ने भी कुशनर के खंडन और विवाद पर रिपोर्ट प्रकाशित की है।

विवाद के केंद्र में पारदर्शिता और हितों का टकराव
रिपोर्ट में लगाए गए आरोप यदि कभी विश्वसनीय दस्तावेजों से साबित होते हैं, तो वे सरकारी पद पर रहते हुए संभावित वित्तीय हितों, विदेशी संबंधों और नीति-निर्माण में प्रभाव से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर सकते हैं। लेकिन फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टिंग के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि कुशनर ने कानून तोड़ा या किसी विदेशी सरकार से निजी लाभ लिया। ऐसे निष्कर्ष के लिए मूल वित्तीय रिकॉर्ड, संबंधित पक्षों की पुष्टि और स्वतंत्र जांच जरूरी होगी।
विवाद पर Firstpost और Yahoo News ने भी ट्रंप तथा कुशनर के खंडन को प्रमुखता दी है। वहीं The New Republic ने रिपोर्ट के बाद कानूनी कार्रवाई की धमकी पर ध्यान केंद्रित किया है। इन खबरों से विवाद की व्यापकता समझ आती है, लेकिन अलग-अलग प्रकाशनों में एक ही मूल दावे का दोहराव स्वतंत्र पुष्टि के बराबर नहीं है।
इस मामले में एक महत्वपूर्ण संपादकीय सावधानी यह है कि फोन हैक होने, खातों तक पहुंच, कथित धन हस्तांतरण और नीति पर प्रभाव—ये सभी अलग-अलग दावे हैं, जिनके लिए अलग प्रमाण चाहिए। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में आरोपों और खंडन के बीच विवाद जारी है; कोई प्रमाणित न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं है। इसलिए मामले को आरोपों, संबंधित पक्षों के जवाब और आगे उपलब्ध होने वाले दस्तावेजों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
