जमुई: नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार के मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर बिहार सरकार की उद्योग मंत्री और जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने संतोष जताया है।
बुधवार को जिला अतिथि गृह में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और आरोपितों की गिरफ्तारी की गई। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए मामले की लगातार निगरानी की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि बिहार की किसी भी बेटी के साथ अभद्र व्यवहार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होने दी जाएगी और आरोपितों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए जरूरी पहल की जा रही है।
48 घंटे में आठ आरोपितों की गिरफ्तारी का दावा
श्रेयसी सिंह ने कहा कि पुलिस ने घटना के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर मुख्य आरोपित समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को संतोषजनक बताते हुए कहा कि आगे भी जांच में जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मामले में पुलिस ने पहले तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था और जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की थी।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी निगरानी, लगेंगे CCTV
घटना के बाद सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर भी प्रशासन ने कदम उठाने की बात कही है। श्रेयसी सिंह के अनुसार, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक कर संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों को चिह्नित करने पर चर्चा हुई है।
इन स्थानों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के साथ CCTV कैमरे लगाने की योजना बनाई जा रही है। इससे सार्वजनिक जगहों पर निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते नजर रखने में मदद मिलेगी।
न्यायिक स्तर पर भी मामले की निगरानी
मंत्री ने कहा कि केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। आरोपितों को कानून के तहत सजा मिले, इसके लिए न्यायिक स्तर पर भी आवश्यक समन्वय और निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर न्यायिक पदाधिकारियों से भी बातचीत हुई है, ताकि कानूनी प्रक्रिया प्रभावी तरीके से आगे बढ़ सके।
वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने लिया संज्ञान
जमुई की घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस के अनुसार, वीडियो की जांच के बाद FIR दर्ज की गई और POCSO समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू हुई। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
मंत्री ने लोगों से अपील की कि ऐसे मामलों से जुड़े वीडियो को सोशल मीडिया पर आगे प्रसारित करने के बजाय इसकी सूचना सीधे पुलिस या प्रशासन को दी जाए। खासकर नाबालिगों से जुड़े मामलों में उनकी पहचान उजागर करने वाली सामग्री साझा नहीं करनी चाहिए।
अपने बयान को लेकर भी दी सफाई
जमुई मामले पर दिए अपने पहले के बयान को लेकर उठे विवाद पर श्रेयसी सिंह ने कहा कि उनकी बात को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया। उन्होंने दोहराया कि उनका रुख अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रहा है।
उन्होंने कहा कि अपराध करने वाला व्यक्ति किसी भी जाति या राजनीतिक दल से जुड़ा हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उनके इस स्पष्टीकरण पर भी अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
फिलहाल जमुई पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस की कार्रवाई, गिरफ्तार आरोपितों और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर अब नजर रहेगी।