जमुई, चकाई: सरकारी स्कूलों के बच्चों के मिड-डे मील (MDM) के चावल की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद चकाई में हड़कंप मच गया। बुधवार देर शाम खास चकाई के दुबे चौक के पास एक डोर-स्टेप डिलीवरी ट्रक से चावल की बोरियां उतारकर ई-रिक्शा पर लोड किए जाने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे पूर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद ने मामले की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी।
सूचना के बाद चकाई थाना पुलिस और प्रखंड प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक पर लदे 23 बोरा चावल जब्त कर वाहन को थाना ले गई। मामले में ट्रक चालक और एक मजदूर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है।
ट्रक से चावल उतारकर ई-रिक्शा में लादने का आरोप
पूर्व एमएलसी संजय प्रसाद के अनुसार, वह क्षेत्र भ्रमण से लौट रहे थे। इसी दौरान दुबे चौक के पास उन्हें MDM डोर-स्टेप डिलीवरी का 407 ट्रक सड़क किनारे खड़ा दिखाई दिया।
उनके मुताबिक, ट्रक से चार-पांच मजदूर चावल की बोरियां उतारकर ई-रिक्शा में लाद रहे थे। संदेह होने पर उन्होंने इस बारे में पूछताछ की। इसी दौरान कुछ मजदूर बोरे लेकर ई-रिक्शा से मौके से निकल गए, जबकि चालक और एक मजदूर को रोक लिया गया।
इसके बाद पुलिस और प्रखंड प्रशासन को सूचना दी गई। अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक और उसमें मौजूद चावल की जांच की।
109 बोरा चावल लेकर निकला था ट्रक
प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनीष आनंद के अनुसार, बुधवार को प्रखंड के अलग-अलग सरकारी स्कूलों में MDM चावल पहुंचाने के लिए ट्रक पर 109 बोरा चावल लोड किया गया था।
अधिकांश विद्यालयों में चावल की आपूर्ति कर दी गई थी, जबकि गंगारायडीह, कोठीया, पंडरिया और हेठ चकाई के विद्यालयों में आपूर्ति बाकी थी।
अधिकारियों के अनुसार, इन स्कूलों के लिए ट्रक में नियमानुसार 37 बोरा चावल मौजूद होना चाहिए था। लेकिन जांच के दौरान ट्रक पर केवल 23 बोरा चावल मिला। ऐसे में बाकी 14 बोरा चावल कहां गया, इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस जांच के बाद दर्ज होगी प्राथमिकी
मामले की जानकारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और MDM प्रभारी को भी दी गई है। चकाई थानाध्यक्ष सर्वजीत कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने और तथ्यों के सामने आने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गरीब बच्चों के अनाज को लेकर उठे सवाल
पूर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद ने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले अनाज में किसी भी तरह की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ट्रक से चावल उतारने की पूरी घटना के पीछे क्या वजह थी और कथित तौर पर गायब 14 बोरा चावल का क्या हुआ।