Gopalganj Flood: गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड में शीतलपुर-पकहा के पास जमींदारी बांध टूटने के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और राहत कार्य में जुटे कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
मौके पर पहुंचकर एसपी ने लिया हालात का जायजा
बांध टूटने के बाद पानी आसपास के निचले इलाकों में फैल गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और राहत-बचाव टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं। एसपी विनय तिवारी ने मौके पर पहुंचकर पानी के बहाव, बांध की स्थिति और राहत कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
बांध टूटने के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, प्रभावित पंचायतों में सामुदायिक रसोई, राहत सामग्री और मेडिकल टीमों की व्यवस्था की गई है।
खुद जियो बैग उठाकर कामगारों तक पहुंचाया
राहत और बचाव अभियान के दौरान एसपी विनय तिवारी का एक अलग अंदाज देखने को मिला। बांध की मरम्मत और पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करने के लिए लगाए जा रहे जियो बैग को उन्होंने खुद उठाया और कामगारों तक पहुंचाया।
एसपी को खुद बोरी उठाकर राहत कार्य में शामिल होते देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी, पुलिसकर्मी, कामगार और ग्रामीण भी चौंक गए। उन्होंने राहत कार्य में लगे कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाया और पूरी तत्परता के साथ काम जारी रखने को कहा।
बांध टूटने के बाद कई इलाकों में बढ़ा बाढ़ का संकट
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच शीतलपुर-पकहा क्षेत्र में जमींदारी बांध टूटने से बैकुंठपुर में बाढ़ का संकट गहरा गया है। रिपोर्टों के अनुसार, बांध टूटने के बाद आसपास के कई गांव प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हुए हैं।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। अधिकारियों की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
तटबंधों की निगरानी और पुलिस गश्त बढ़ाई गई
बाढ़ की स्थिति के बीच संवेदनशील तटबंधों पर निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस प्रशासन की ओर से अधिकारियों और जवानों को लगातार क्षेत्र में मौजूद रहने तथा स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। एसपी ने भी राहत कार्य के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में शामिल होते हैं, तो इससे बचाव अभियान में लगे कर्मचारियों और कामगारों का मनोबल बढ़ता है।
फिलहाल प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और बांध की मरम्मत, पानी के बहाव को नियंत्रित करने तथा प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का काम जारी है।