दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में हवा के बीच मचे हड़कंप के बाद जब विमान सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर उतरा, तब यात्रियों ने पहली बार राहत की सांस ली। जिस विमान में कुछ देर पहले जिंदगी और मौत का संघर्ष चल रहा था, उसके सुरक्षित जमीन पर पहुंचते ही यात्रियों को मेडिकल सहायता और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
विमान में कुल 174 यात्री सवार थे। घटना के बाद विमान को तबूक डायवर्ट किया गया था। वहां पहुंचने के बाद घायल यात्रियों और क्रू मेंबर्स को मेडिकल सहायता दी गई। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को भी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके इलाज की शुरुआत हुई। भारतीय दूतावास लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रहा था।
लेकिन तबूक में सिर्फ मेडिकल इंतजाम ही नहीं किए गए। विमान में मौजूद यात्रियों को खाना और दूसरी जरूरी चीजें भी उपलब्ध कराई गईं। यात्रियों ने बाद में बताया कि सऊदी मेडिकल स्टाफ और अधिकारियों ने मुश्किल घड़ी में उनकी मदद की और उनके साथ गर्मजोशी से पेश आए। एक यात्री ने बताया कि उतरने के बाद उन्हें मेडिकल स्टाफ, खाना और जरूरत की दूसरी चीजें उपलब्ध कराई गईं।
यह पहल इसलिए भी चर्चा में आई क्योंकि विमान में ज्यादातर यात्री इजराइली थे और सऊदी अरब तथा इजराइल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसके बावजूद इमरजेंसी की स्थिति में सऊदी अधिकारियों ने विमान को उतरने की अनुमति दी और यात्रियों की मदद की।
घटना के बाद यात्रियों के सामने एक और सवाल था—अब घर कैसे लौटेंगे? जिस विमान से वे तेल अवीव जा रहे थे, वह खुद जांच और घटना के कारण तबूक में था। ऐसे में Flydubai ने यात्रियों को वापस इजराइल पहुंचाने के लिए दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था की।
इस दौरान यात्री तबूक में ही रहे। कुछ लोग अपने परिवारों से संपर्क कर घटना की जानकारी देते रहे, तो कुछ अस्पताल और मेडिकल टीमों के संपर्क में थे। कई यात्रियों के लिए यह इंतजार भी आसान नहीं था, क्योंकि वे अभी-अभी उस अनुभव से निकले थे जिसमें विमान अचानक हजारों फीट नीचे चला गया था।
आखिरकार यात्रियों के लिए राहत का अगला बड़ा पल तब आया, जब उन्हें दूसरी फ्लाइट से इजराइल रवाना किया गया। कुछ घंटे पहले जिन लोगों को अपनी जान का डर था, अब उनके सामने अपने घर पहुंचने की उम्मीद थी।
तबूक में हुई इस मदद के बाद इजराइली अधिकारियों की ओर से भी सऊदी अरब के मेडिकल स्टाफ और प्रशासन के प्रति आभार जताया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने दिखाया कि एक बेहद तनावपूर्ण स्थिति के बाद यात्रियों को सुरक्षित संभालना भी ऑपरेशन का उतना ही अहम हिस्सा था।
अब कहानी का अगला अध्याय था—इजराइल पहुंचने पर इन यात्रियों का किस तरह स्वागत हुआ और परिवारों ने उन्हें देखते ही क्या किया?