Delhi News: आबकारी विभाग ने दिल्ली पुलिस के इनपुट के बाद लिया फैसला; 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए उठाया गया कदम
दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी। आबकारी विभाग ने शहर की मौजूदा स्थिति और कानून-व्यवस्था से जुड़े इनपुट को देखते हुए यह फैसला लिया है। विभाग के मुताबिक, दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर एहतियाती कदम के तौर पर दो दिनों के लिए शराब की बिक्री बंद रखने का आदेश दिया गया है।
प्रदर्शन के बीच क्यों लिया गया फैसला?
शराब की दुकानों को बंद रखने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रदर्शनकारी चुनावी मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों और अलग-अलग संगठनों की ओर से दिल्ली में लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। पिछले दिनों केंद्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में भी लिया था।

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन
इस बीच कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। संगठन ने दिल्ली पुलिस को प्रदर्शन की सूचना भी दी थी और कहा था कि बड़ी संख्या में युवा और समर्थक दिल्ली पहुंचेंगे।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस के मुताबिक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहले से अनुमति जरूरी है और वहां भीड़ की संख्या को लेकर भी नियम लागू हैं। इस मुद्दे पर CJP ने सवाल उठाए हैं।
दो दिन शराब बिक्री पर रोक, वजह सिर्फ ‘ड्राई डे’ नहीं
आबकारी विभाग का यह आदेश किसी सामान्य त्योहार या तयशुदा ड्राई डे की वजह से नहीं है। इस बार मुख्य वजह मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति और प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन हैं। विभाग ने दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट के बाद एहतियात के तौर पर शराब की दुकानों को दो दिन बंद रखने का फैसला किया है।
इसका सीधा मतलब है कि 9 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को दिल्ली में शराब की खुदरा बिक्री उपलब्ध नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान किसी भी संभावित अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पहले से एहतियाती कदम उठाना है।

SIR को लेकर बढ़ रहा है विवाद
पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में चुनावी मतदाता सूचियों के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चल रहा विवाद है। प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और वे CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
वहीं, चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर अलग-अलग पक्षों के अपने दावे हैं। इसलिए शराब की दुकानों को बंद रखने के आदेश को फिलहाल प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया एहतियाती कदम माना जा रहा है।
दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर की शराबबंदी का फैसला ऐसे वक्त आया है, जब राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी है। अब इन दो दिनों के दौरान प्रशासन की प्राथमिकता प्रदर्शन वाले इलाकों में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना होगी।
