दिल्ली में अब 100 अटल कैंटीन, ₹5 में मिलेगा खाना
नई दिल्ली: दिल्ली में गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोगों के लिए सरकार की अटल कैंटीन योजना का विस्तार हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को 25 नई अटल कैंटीनों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही राजधानी में संचालित अटल कैंटीनों की कुल संख्या 100 हो गई है।
नई कैंटीनों का शुभारंभ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के मौके पर किया गया। कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू भी मौजूद रहे। नई कैंटीनों का उद्घाटन रिमोट के जरिए किया गया।
सिर्फ ₹5 में मिलेगा पूरा भोजन
अटल कैंटीन योजना की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाला सस्ता भोजन है। सरकार के मुताबिक जरूरतमंद लोगों को ₹5 प्रति प्लेट की दर से भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
रिपोर्टों के मुताबिक एक सामान्य भोजन की थाली में दाल, चावल, चार रोटियां, सब्जी और अचार शामिल है। कैंटीनों का उद्देश्य खास तौर पर मजदूरों, झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को किफायती भोजन उपलब्ध कराना है।
अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के पास कैंटीन
सरकार ने अटल कैंटीनों को ऐसी जगहों पर स्थापित किया है जहां जरूरतमंद लोगों की संख्या अधिक रहती है। कई कैंटीन बड़े अस्पतालों के आसपास और झुग्गी-बस्तियों वाले इलाकों में हैं।
नई कैंटीनों में कुछ AIIMS और LNJP जैसे अस्पतालों के आसपास तथा जनकपुरी और विकासपुरी जैसे इलाकों में शुरू की गई हैं। इससे मरीजों के परिजनों, दैनिक मजदूरों और आसपास रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
एक दिन में करीब एक लाख लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार के अनुसार 100 अटल कैंटीनों के जरिए हर दिन करीब एक लाख जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार ने करीब सात से आठ महीनों में 100 कैंटीनों को संचालन में लाने का लक्ष्य पूरा किया है।
सरकार इस योजना को सिर्फ सस्ता खाना उपलब्ध कराने वाली पहल के तौर पर नहीं देख रही, बल्कि इसे गरीब और मेहनतकश लोगों के लिए सामाजिक कल्याण की योजना के रूप में पेश कर रही है।
किसे सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा?
इस योजना से मुख्य रूप से:
- दैनिक मजदूर
- निर्माण श्रमिक
- झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवार
- आर्थिक रूप से कमजोर लोग
- अस्पतालों में मरीजों के साथ रहने वाले परिजन
जैसे लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
खासकर दिल्ली जैसे महंगे शहर में ₹5 में भोजन उपलब्ध होना कम आय वाले परिवारों के लिए राहत का जरिया बन सकता है।
कैंटीन में भोजन की गुणवत्ता पर भी नजर
इतने बड़े स्तर पर सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के साथ उसकी गुणवत्ता और साफ-सफाई बनाए रखना भी अहम चुनौती है। दिल्ली सरकार की ओर से कैंटीनों में भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक कैंटीनों में डिजिटल टोकन और CCTV निगरानी जैसी व्यवस्थाओं का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
वाजपेयी के नाम पर शुरू हुई योजना
अटल कैंटीन योजना का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है। दिल्ली सरकार ने उनके जन्मदिवस के मौके पर 100 कैंटीन स्थापित करने का संकल्प लिया था।
अब उनकी पुण्यतिथि के मौके पर 25 नई कैंटीन शुरू होने के साथ यह लक्ष्य पूरा होने की घोषणा की गई है।
दिल्ली सरकार की बड़ी कल्याणकारी पहल
सरकार का कहना है कि अटल कैंटीनों के जरिए जरूरतमंद लोगों को कम कीमत में पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
अगर योजना तय मानकों के अनुसार चलती है तो आने वाले समय में यह दिल्ली के मजदूरों और कम आय वाले परिवारों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोगी साबित हो सकती है।