गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में सोमवार को पंचम दीक्षा समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने किया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस समारोह में शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कुलपति के स्वागत भाषण के बाद स्वर्ण पदक वितरण कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
इस वर्ष विश्वविद्यालय की ओर से 61 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 95 स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया जा रहा है। स्वर्ण पदक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह अवसर उनकी वर्षों की मेहनत, लगन और शैक्षणिक उपलब्धियों की पहचान के रूप में सामने आया। पदक प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरे पर उपलब्धि का उत्साह साफ नजर आया।
1662 विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही उपाधियां
सीयूएसबी के पंचम दीक्षा समारोह में केवल स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में डिग्री पूरी कर चुके विद्यार्थियों को भी उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। विश्वविद्यालय के अनुसार, वर्ष 2023 और 2024 में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की पढ़ाई पूरी करने वाले कुल 1662 विद्यार्थियों को उपाधियां दी जा रही हैं।

दीक्षा समारोह विद्यार्थियों के लिए उनके शैक्षणिक जीवन के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी समारोह में शामिल होकर इस उपलब्धि के साक्षी बन रहे हैं। विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और उनके परिवारों के बीच उत्साह का माहौल बना हुआ है।

केंद्रीय मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष भी रहे मौजूद
समारोह में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार विधानसभा अध्यक्ष डा. प्रेम कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। विश्वविद्यालय के इस महत्वपूर्ण आयोजन में शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और अन्य अतिथियों की मौजूदगी रही।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मान देने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। विश्वविद्यालय के लिए भी यह आयोजन महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें अलग-अलग पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जा रहा है।
मेहनत और शैक्षणिक उत्कृष्टता का सम्मान
स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह उपलब्धि केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अध्ययन का परिणाम है। इन विद्यार्थियों ने अपने-अपने पाठ्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों में योगदान दिया है।

वहीं, उपाधि प्राप्त करने वाले 1662 विद्यार्थियों के लिए दीक्षा समारोह उनके छात्र जीवन से पेशेवर और शोध के अगले चरण की ओर बढ़ने का अवसर है। स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के साथ पीएचडी पूरी करने वाले शोधार्थियों को भी इस समारोह में उपाधियां प्रदान की जा रही हैं।

सीयूएसबी का यह दीक्षा समारोह विद्यार्थियों की उपलब्धियों को सम्मान देने के साथ-साथ उन्हें भविष्य में अपनी शिक्षा और कौशल का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित करने वाला अवसर बन रहा है। 61 विद्यार्थियों को 95 स्वर्ण पदकों का सम्मान और 1662 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान किया जाना समारोह की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए यादगार क्षण पैदा किए हैं। मेधावी विद्यार्थियों को मिला सम्मान आने वाले छात्रों के लिए भी बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन और उत्कृष्टता हासिल करने की प्रेरणा का माध्यम बनेगा।
