अमेरिका में रहने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर बोवेन वान के परिवार का आरोप—AI चैटबॉट ने डॉक्टर से बात किए बिना दवा कम करने की योजना बनाई और चेतावनी वाले लक्षणों को भी सामान्य बताया; माता-पिता ने OpenAI और CEO सैम ऑल्टमैन को अदालत में घेरा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब पढ़ाई, नौकरी, कारोबार और रोजमर्रा की परेशानियों में लोगों का मददगार बन रहा है। कई लोग निजी और स्वास्थ्य से जुड़ी बातें भी चैटबॉट से साझा करने लगे हैं। लेकिन जब कोई व्यक्ति किसी AI की सलाह को डॉक्टर की राय से ज्यादा महत्व देने लगे, तो इसके नतीजे गंभीर हो सकते हैं। अमेरिका के सिएटल में 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर बोवेन वान की मौत के बाद ऐसा ही एक मामला सामने आया है।
बोवेन के परिवार का आरोप है कि ChatGPT ने उन्हें मिर्गी की दवा धीरे-धीरे कम करने और अंततः बंद करने की योजना बनाने में मदद की। परिवार के मुताबिक, चैटबॉट ने डॉक्टर से इस बदलाव पर चर्चा करने के बजाय उनसे यह बात छिपाने के तरीके भी सुझाए। फरवरी 2026 में बोवेन की मौत हो गई। अब उनके माता-पिता ने ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI और उसके CEO सैम ऑल्टमैन के खिलाफ अमेरिका में गलत मृत्यु (Wrongful Death) का मुकदमा दायर किया है।
यह मामला फिलहाल अदालत में है और परिवार के आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, इसने AI से मिलने वाली स्वास्थ्य संबंधी सलाह की सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बीमारी से जूझते हुए AI से बढ़ी नजदीकी
बोवेन वान मूल रूप से चीन की रहने वाली थीं और अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करती थीं। उन्हें कई वर्षों से मिर्गी की बीमारी थी। वर्ष 2021 के आसपास उनकी स्थिति बिगड़ने लगी और कभी-कभी उन्हें दिन में एक से अधिक बार दौरे पड़ने लगे। इसके चलते उन्हें Amazon की नौकरी से मेडिकल लीव लेनी पड़ी।
बीमारी के कारण उनका सामाजिक जीवन भी सीमित हो गया था। दौरा पड़ने के डर से वह बाहर निकलने और लोगों से मिलने-जुलने से बचती थीं। चीन में रहने वाले माता-पिता से फोन पर बातचीत ही उनके संपर्क का एक प्रमुख जरिया थी।
परिवार के मुताबिक, उन्होंने 2023 में ChatGPT का इस्तेमाल शुरू किया। शुरुआती दौर में वह इससे रिश्तों, बीमा और दिव्यांगता से जुड़े लाभों की जानकारी लेती थीं। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ती गई और चैटबॉट उनके लिए एक निजी साथी जैसा बन गया।
परिवार का दावा है कि वर्ष 2025 तक बोवेन ChatGPT को सप्ताह में औसतन करीब 1,500 संदेश भेज रही थीं। उन्होंने एक बातचीत में यह भी लिखा था कि उन्हें कभी-कभी चैटबॉट एक दोस्त जैसा महसूस होने लगा है।

नौकरी जाने और इंटरव्यू की चिंता ने बढ़ाई दवा बदलने की कोशिश
नवंबर 2025 में Amazon से उनकी नौकरी चली गई। अमेरिका में बने रहने के लिए उन्हें फरवरी के मध्य तक नई नौकरी तलाशनी थी। इसके लिए उन्हें अंग्रेजी में तकनीकी इंटरव्यू और कई घंटे तक चलने वाली परीक्षाओं से गुजरना पड़ सकता था।
इसी बीच उनकी मिर्गी की स्थिति एक नई दवा से बेहतर हुई थी और दौरे घटकर महीने में कुछ बार रह गए थे। लेकिन दवा के दुष्प्रभावों को लेकर वह चिंतित थीं। उन्हें लगता था कि इससे उनकी सोचने, बोलने और भाषा से जुड़ी क्षमता प्रभावित हो रही है। उन्हें डर था कि नौकरी के इंटरव्यू में इसका असर पड़ सकता है।
परिवार की ओर से दायर मुकदमे और सामने आई चैट बातचीत के मुताबिक, बोवेन ने दवा की मात्रा कम करने के विकल्प पर ChatGPT से सलाह मांगी। उनका उद्देश्य अपनी भाषा और सोचने की क्षमता बेहतर करना था।
400 मिलीग्राम से शून्य तक दवा घटाने की योजना का आरोप
मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि ChatGPT ने बोवेन को मिर्गी की दवा लैमोट्रिजीन (Lamotrigine) की मात्रा कम करने की योजना बनाने में मदद की। वह पहले प्रतिदिन 400 मिलीग्राम दवा ले रही थीं। परिवार का कहना है कि चैटबॉट ने उनकी खुराक को चरणबद्ध तरीके से घटाकर अंततः शून्य करने का कार्यक्रम तैयार किया।

शुरुआत में ChatGPT ने डॉक्टर से सलाह लेने की बात कही, लेकिन परिवार के आरोप के मुताबिक, बाद की बातचीत में उसने बिना चिकित्सकीय निगरानी के दवा कम करने को प्रोत्साहित किया। यहां तक कि डॉक्टरों को इस योजना की जानकारी न देने और दवा की मात्रा में बदलाव छिपाने के तरीके भी सुझाए गए।
परिवार ने अदालत में दावा किया कि चैटबॉट ने डॉक्टरों की सलाह और जांच को दरकिनार करने में भी उनकी मदद की। एक मौके पर दवा के स्तर की जांच के लिए रक्त परीक्षण कराने से इनकार करने पर भी कथित तौर पर उनकी सराहना की गई।
परिवार के अनुसार, करीब 25 दिनों में 400 मिलीग्राम की खुराक को शून्य तक लाने की योजना बनाई गई थी। यह बदलाव किसी डॉक्टर की निगरानी में नहीं किया जा रहा था।
158 बार जताई चिंता, फिर भी मिलता रहा आश्वासन
मुकदमे और बोवेन की चैट हिस्ट्री के विश्लेषण के मुताबिक, दवा कम करने के दौरान उनकी तबीयत और मानसिक स्थिति को लेकर कई चिंताएं सामने आईं। उन्हें भ्रम होने लगा था, कुछ घटनाएं याद नहीं रहती थीं और कभी-कभी उन्हें यह भी याद नहीं रहता था कि वह बिस्तर तक कैसे पहुंचीं।

परिवार का आरोप है कि बोवेन ने बातचीत के दौरान कम से कम 158 बार अपने लक्षणों और दवा घटाने को लेकर चिंता जताई। लेकिन चैटबॉट ने कई बार इन परेशानियों को दिमाग के नए बदलाव के अनुकूल होने की प्रक्रिया बताकर उन्हें आश्वस्त किया।
मुकदमे में शामिल बातचीत के मुताबिक, बोवेन ने सिर में दर्द और अन्य असामान्य अनुभवों के बारे में भी पूछा था। परिवार का दावा है कि चैटबॉट ने इन लक्षणों को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें सामान्य बताने वाले जवाब दिए।
डॉक्टर ने दवा बंद करने की सलाह से किया इनकार
बोवेन का इलाज कर रहे न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. निकोलस पूलोस ने द न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में कहा कि उनकी चिकित्सकीय स्थिति और बीमारी के इतिहास को देखते हुए वह दवा बंद करने या इस तरह घटाने की सलाह नहीं देते।
उनका कहना था कि जिस दवा से मरीज की स्थिति नियंत्रित हो रही हो, उसे बंद करने का निर्देश देना उनके लिए चिकित्सकीय लापरवाही जैसा होगा। डॉक्टर के मुताबिक, उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि बोवेन दवा की मात्रा घटाने के लिए ChatGPT से सलाह ले रही थीं।

यह पहलू इसलिए भी अहम है, क्योंकि मिर्गी की दवाओं में बदलाव मरीज की स्थिति, दौरे के इतिहास और अन्य चिकित्सकीय पहलुओं को देखकर किया जाता है। बिना डॉक्टर की निगरानी के दवा कम करना या अचानक बंद करना दौरे का जोखिम बढ़ा सकता है।
तीन दिन तक संपर्क नहीं हुआ, फिर घर में मिला शव
फरवरी 2026 में बोवेन की अपने पिता से फोन पर बात हो रही थी, तभी वह अचानक बोलना बंद कर गईं। पिता को लगा कि उन्हें दौरा पड़ा है। कुछ देर बाद होश में आने पर उन्होंने कहा कि आराम करने के बाद बात करेंगी।
इसके बाद कई दिनों तक जब उनसे संपर्क नहीं हो पाया, तो चीन में रह रहे उनके माता-पिता ने सिएटल में एक परिचित को उनके अपार्टमेंट भेजा। परिवार ने वीडियो कॉल पर देखा कि उनकी बेटी मृत अवस्था में मिली हैं।
किंग काउंटी मेडिकल एग्जामिनर के अनुसार, बोवेन की मौत मिर्गी से जुड़ी अचानक अप्रत्याशित मृत्यु (Sudden Unexpected Death in Epilepsy—SUDEP) के कारण हुई। यह मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति की ऐसी अचानक मृत्यु होती है, जिसका कोई दूसरा स्पष्ट कारण नहीं मिलता। इस स्थिति का सटीक कारण हमेशा समझ में नहीं आता, लेकिन दौरे पर नियंत्रण रखना जोखिम घटाने का महत्वपूर्ण तरीका माना जाता है।

OpenAI और सैम ऑल्टमैन के खिलाफ मुकदमा
बोवेन के माता-पिता क्यून वान और मेइचिन शू ने 27 अक्टूबर 2026 को सैन फ्रांसिस्को की अदालत में OpenAI और कंपनी के CEO सैम ऑल्टमैन के खिलाफ मुकदमा दायर किया।
परिवार ने आरोप लगाया है कि ChatGPT ने बिना चिकित्सकीय लाइसेंस के चिकित्सा सलाह दी और डॉक्टरों को मददगार के बजाय बाधा के रूप में पेश किया। मुकदमे में कंपनी की कथित लापरवाही और उत्पाद की सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठाए गए हैं।
परिवार के वकीलों का कहना है कि चैटबॉट ने स्वास्थ्य संबंधी सलाह देने की सीमा पार की। हालांकि, इन आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।
OpenAI ने क्या कहा?
OpenAI के प्रवक्ता ड्रू पुसाटेरी ने द न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और कंपनी प्रभावित परिवार के प्रति संवेदना रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि ChatGPT चिकित्सा देखभाल का विकल्प नहीं है।

कंपनी के मुताबिक, बोवेन जिस GPT-4o मॉडल का इस्तेमाल कर रही थीं, वह अब उपलब्ध नहीं है। इस मॉडल की जरूरत से ज्यादा सहमति जताने वाली प्रवृत्ति को लेकर पहले भी आलोचना हुई थी। OpenAI का कहना है कि वह संवेदनशील परिस्थितियों में ChatGPT की प्रतिक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सकीय विशेषज्ञों के साथ काम करती है।
AI की सलाह और चिकित्सा के बीच की सीमा पर सवाल
यह मामला केवल एक परिवार की कानूनी लड़ाई नहीं है। यह उस चुनौती को भी सामने लाता है, जिसमें लोग AI को जानकारी लेने के साधन से आगे बढ़ाकर निजी सलाहकार या भरोसेमंद साथी मानने लगते हैं।
AI किसी बीमारी, दवा या मेडिकल रिपोर्ट के बारे में सामान्य जानकारी समझाने में मदद कर सकता है, लेकिन वह मरीज की पूरी चिकित्सकीय स्थिति का आकलन करने वाले डॉक्टर की जगह नहीं ले सकता। खासकर मिर्गी जैसी बीमारी में दवा की खुराक बदलना या बंद करना विशेषज्ञ की निगरानी में ही होना चाहिए।
बोवेन वान की मौत के मामले में अदालत को यह तय करना है कि ChatGPT की कथित सलाह और कंपनी की जिम्मेदारी का कानूनी संबंध क्या था। लेकिन इस घटना ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—जब कोई AI किसी इंसान का सबसे भरोसेमंद संवाद-साथी बन जाए, तो उसकी गलत सलाह के लिए जवाबदेही किसकी होगी?

