राजधानी Ouagadougou में शुरू हुई RAFFINOR-BF की शुरुआती क्षमता 164 टन सालाना; दूसरे चरण में 515 टन तक बढ़ाने की योजना, सोने की पूरी वैल्यू चेन देश के भीतर रखने पर सरकार का जोर
First Gold Refinery: अगर किसी देश की जमीन से निकलने वाला सोना उसी देश में ज्यादा वैल्यू हासिल करे, तो उसकी अर्थव्यवस्था को इसका फायदा मिल सकता है। Burkina Faso ने इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
अफ्रीकी देश Burkina Faso ने अपनी पहली राष्ट्रीय गोल्ड रिफाइनरी शुरू कर दी है। राजधानी Ouagadougou में 28 सितंबर को RAFFINOR-BF का उद्घाटन राष्ट्रपति और सैन्य सरकार के प्रमुख Captain Ibrahim Traoré ने किया। सरकार के लिए यह सिर्फ एक नई फैक्ट्री शुरू होने की खबर नहीं है, बल्कि देश की खनिज संपदा पर ज्यादा नियंत्रण हासिल करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
अब तक Burkina Faso में निकले सोने का एक बड़ा हिस्सा कच्चे या अर्ध-प्रोसेस्ड रूप में बाहर जाता रहा है, जहां आगे उसकी refining और value addition होती है। नई रिफाइनरी के जरिए सरकार चाहती है कि सोने को देश में ही ज्यादा से ज्यादा प्रोसेस किया जाए, ताकि उससे पैदा होने वाली अतिरिक्त आर्थिक वैल्यू का बड़ा हिस्सा Burkina Faso में रहे।
पहले चरण में 164 टन, आगे 515 टन की क्षमता
RAFFINOR-BF को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया गया है। शुरुआती चरण में रिफाइनरी की सैद्धांतिक क्षमता 164 टन सोना सालाना refine करने की है। दूसरे चरण में नई refining lines जोड़कर इसकी क्षमता 515 टन सालाना तक ले जाने की योजना है। यानी 515 टन तत्काल उत्पादन नहीं है, बल्कि भविष्य की प्रस्तावित refining capacity है।
यह अंतर समझना जरूरी है। रिफाइनरी जमीन से सोना निकालने वाली खदान नहीं होती। खदान से निकले अयस्क या doré gold को ज्यादा शुद्ध रूप में बदलना इसका काम होता है। सरकारी जानकारी के मुताबिक, RAFFINOR-BF में सोने को fine gold bars में बदलने की व्यवस्था है और यहां analysis laboratory, secure storage, foundry तथा jewellery unit जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
11 अरब CFA फ्रैंक से ज्यादा का निवेश
इस परियोजना पर 11 अरब CFA फ्रैंक से ज्यादा का निवेश हुआ है। इसे मुख्य रूप से Burkina Faso की सरकारी संस्था SONASP (Société Nationale des Substances Précieuses) और निजी क्षेत्र की साझेदारी से तैयार किया गया है। Reuters और AP के मुताबिक यह रकम करीब 1.9 करोड़ डॉलर के बराबर बैठती है।
सरकार का कहना है कि इस परियोजना का मकसद सिर्फ सोने की refining नहीं, बल्कि mining sector से मिलने वाली value addition, रोजगार और सरकारी आय को देश के भीतर बढ़ाना है।
सोने का उत्पादन भी बढ़ रहा है
Burkina Faso के लिए यह कदम ऐसे समय आया है जब देश में gold mining का उत्पादन बढ़ रहा है। World Gold Council की Q2 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 में Burkina Faso का gold mine production सालाना आधार पर 17% बढ़ा। संगठन ने इसकी वजह कई mining operations में processing throughput बढ़ने को बताया है, जिसमें Kiaka और Bomboré जैसी परियोजनियां शामिल हैं।
AP के अनुसार Burkina Faso ने पिछले साल करीब 94 टन सोने का उत्पादन किया था। ऐसे में 515 टन की प्रस्तावित refining capacity देश के मौजूदा उत्पादन से काफी ज्यादा है। इससे संकेत मिलता है कि भविष्य में सरकार पड़ोसी देशों या क्षेत्रीय बाजार से आने वाले सोने को भी यहां refine करने की संभावना देख रही है।
असली चुनौती सिर्फ सोना निकालना नहीं
Burkina Faso में mining sector के सामने एक बड़ी चुनौती छोटे और पारंपरिक यानी artisanal mining से जुड़े सोने की निगरानी भी है। देश में सोने की तस्करी और अनौपचारिक कारोबार लंबे समय से चिंता का विषय रहे हैं।
सरकार ने 2024 में artisanal और semi-mechanized gold समेत कुछ precious commodities के export permits जारी करने पर तत्काल रोक लगाई थी। उस समय सरकार ने इसे इस क्षेत्र को बेहतर तरीके से regulate और reform करने की दिशा में उठाया कदम बताया था।
यही वजह है कि नई रिफाइनरी को सिर्फ processing plant के तौर पर नहीं देखा जा रहा। इसके जरिए सोने के प्रवाह, उसकी जांच, refining और export को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने की कोशिश भी है।
विदेशी कंपनियों पर भी बढ़ा सरकारी हिस्सा
Burkina Faso ने mining sector में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कानूनों में भी बदलाव किए हैं। 2024 के नए mining framework में नए mining exploitation permits के लिए राज्य की हिस्सेदारी 10% से बढ़ाकर 15% की गई। सरकार ने mining companies में Burkinabè यानी स्थानीय निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने का प्रावधान भी किया है।
इसके साथ ही सरकार ने अपनी सरकारी mining participation company SOPAMIB को operational बनाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं, ताकि राज्य mining companies में हिस्सेदारी लेकर उनसे मिलने वाले आर्थिक लाभ को बढ़ा सके।
सिर्फ Burkina Faso नहीं, पूरा West Africa बदल रहा है
स्थानीय स्तर पर gold refining बढ़ाने की कोशिश सिर्फ Burkina Faso तक सीमित नहीं है। Ghana ने 1 सितंबर 2026 से कुछ export arrangements के तहत unrefined gold doré को देश से बाहर भेजने से पहले Ghana में ही refine करना अनिवार्य किया है। इसका उद्देश्य gold value addition को देश के भीतर रखना है।
Mali में Russia के सहयोग से करीब 200 टन क्षमता वाली gold refinery का निर्माण शुरू हो चुका है। वहीं Côte d’Ivoire ने अपनी पहली national gold refining unit को 2027 की पहली छमाही में चालू करने का लक्ष्य रखा है।
यानी West Africa के कई देश अब सिर्फ जमीन से सोना निकालकर बेचने के बजाय उसकी पूरी value chain पर पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। Burkina Faso की RAFFINOR-BF इसी बदलती रणनीति का नया उदाहरण है।
क्या बदलेगा?
Burkina Faso के लिए असली परीक्षा अब रिफाइनरी शुरू करने के बाद होगी। अगर देश अपने खनन उत्पादन को व्यवस्थित तरीके से इस संयंत्र तक ला पाता है, सोने की traceability यानी उसके स्रोत और कारोबार का रिकॉर्ड बेहतर करता है और refining capacity का इस्तेमाल प्रभावी ढंग से करता है, तो mining sector से देश के भीतर होने वाली value addition बढ़ सकती है।
फिलहाल 164 टन की शुरुआती क्षमता के साथ RAFFINOR-BF शुरू हो चुकी है। आगे 515 टन तक पहुंचने की योजना बताती है कि Burkina Faso सोने को सिर्फ “निकालकर बेचने” वाले मॉडल से आगे बढ़कर “निकालो, refine करो और उसकी ज्यादा वैल्यू देश में रखो” वाले मॉडल की ओर जाना चाहता है।