पटना। बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच चौथे चरण की विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया के लिए कुल 10,00,550 आवेदन प्राप्त हुए हैं। राज्य में 33 हजार 320 शिक्षक पदों पर होने वाली इस बहाली के लिए आए आवेदनों की संख्या ने आयोग के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बीपीएससी की किसी भी परीक्षा के लिए अब तक इतने आवेदन नहीं आए थे।
अंतिम दिन रात तक बढ़ता रहा आवेदन का आंकड़ा
आवेदन प्रक्रिया के अंतिम दिन मंगलवार शाम पांच बजे तक करीब नौ लाख 90 हजार आवेदन आने की जानकारी थी। इसके बाद भी अभ्यर्थियों की ओर से आवेदन जमा किए जाते रहे और रात 12 बजे तक कुल संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई। अंतिम आंकड़ा 10,00,550 पर दर्ज हुआ। इससे स्पष्ट है कि अंतिम घंटों में भी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी की। भर्ती में उपलब्ध पदों की तुलना में आवेदन करने वालों की संख्या काफी अधिक है।
बीपीएससी की परीक्षाओं में बना नया रिकॉर्ड
टीआरई-4 के आवेदनों ने आयोग की अन्य बड़ी परीक्षाओं के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा के लिए लगभग नौ लाख 97 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे। हालांकि, कदाचार के आरोपों के बाद उस परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। अब टीआरई-4 में 10 लाख 550 आवेदन आने के साथ यह संख्या आयोग की किसी परीक्षा के लिए सबसे अधिक बताई जा रही है।
पिछले तीन शिक्षक भर्ती चरणों से काफी अधिक आवेदन
पिछले तीन चरणों की शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार आवेदन संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पहले चरण यानी टीआरई-1 में करीब आठ लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। दूसरे चरण टीआरई-2 में यह संख्या घटकर लगभग छह लाख रह गई। तीसरे चरण टीआरई-3 में करीब चार लाख 50 हजार आवेदन आए थे। इसके मुकाबले टीआरई-4 में 10 लाख से अधिक आवेदन मिलना भर्ती प्रक्रिया के प्रति अभ्यर्थियों की बड़ी भागीदारी को दर्शाता है।

33,320 पदों के लिए बड़ी प्रतिस्पर्धा
इस भर्ती के तहत राज्य में कुल 33 हजार 320 विद्यालय अध्यापक पदों पर नियुक्ति की जानी है। आवेदन की कुल संख्या को पदों से तुलना करने पर प्रतियोगिता का स्तर काफी ऊंचा दिखाई देता है। हालांकि, कुल आवेदन और अंतिम रूप से परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या अलग हो सकती है। आवेदन प्राप्त होने का आंकड़ा भर्ती प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है; इसके बाद परीक्षा, मूल्यांकन और आयोग की ओर से निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
अदालत के आदेश के बाद बढ़ाई गई थी आवेदन की तारीख
बीपीएससी ने टीआरई-4 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि पहले 26 अक्टूबर निर्धारित की थी। बाद में आयोग ने आवेदन की समय-सीमा बढ़ाई। आयोग के अनुसार, यह बदलाव कोर्ट के आदेश के आलोक में किया गया था। तिथि विस्तार से उन अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय मिला, जो निर्धारित अवधि में आवेदन पूरा नहीं कर पाए थे या जिन्हें प्रक्रिया पूरी करने के लिए और समय की जरूरत थी। विस्तारित अवधि के दौरान आवेदन संख्या में लगातार इजाफा हुआ और अंतिम दिन यह आंकड़ा 10 लाख के पार पहुंच गया।
अब आगे की प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों की नजर
रिकॉर्ड आवेदन के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर भर्ती परीक्षा के अगले चरणों और आयोग की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर रहेगी। उम्मीदवारों को परीक्षा से संबंधित तिथि, प्रवेश पत्र, परीक्षा केंद्र और अन्य निर्देशों के लिए बीपीएससी की आधिकारिक घोषणाओं पर ध्यान देना होगा। आयोग की ओर से जारी सूचना ही आगे की प्रक्रिया के लिए मान्य होगी। फिलहाल 33,320 पदों के लिए 10 लाख से अधिक आवेदन मिलना बिहार की शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में इस चरण की व्यापक प्रतिस्पर्धा को रेखांकित करता है।
