आरा (भोजपुर)। भोजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के तेंदुनी गांव में मां और बेटे की निर्मम हत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कमरे में सो रही 60 वर्षीय रामवती कुंवर और उनके 30 वर्षीय पुत्र सुनील कुमार की धारदार हथियार से गला रेतकर तथा हथौड़ी से वार कर हत्या की गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मृतका के बड़े पुत्र दिनेश कुमार और उसकी पत्नी शांति देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। वहीं, दिनेश ने पुलिस के सामने दावा किया है कि घर में आठ नकाबपोश अपराधी घुसे थे और उन्होंने मां तथा छोटे भाई की हत्या कर दी। पुलिस इस दावे की भी अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।
घर के कमरे से मिले मां और बेटे के शव
घटना मंगलवार देर रात की बताई गई है। बुधवार की सुबह तेंदुनी गांव स्थित घर में दोनों के शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान स्वर्गीय विश्वामित्र सिंह की पत्नी रामवती कुंवर और उनके छोटे पुत्र सुनील कुमार के रूप में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों अपने कमरे में सो रहे थे। उनके गर्दन, पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियार से वार के निशान पाए गए। घटनास्थल से पुलिस ने एक हथौड़ी भी जब्त की है।
बड़े बेटे ने सुनाई आठ नकाबपोशों के घुसने की कहानी
हिरासत में लिए गए दिनेश कुमार का कहना है कि मंगलवार की देर रात करीब डेढ़ बजे आठ नकाबपोश अपराधी घर में घुस आए। उस समय उसकी मां और छोटा भाई कमरे में सो रहे थे। दिनेश के मुताबिक, अपराधियों ने दोनों पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। उसने यह भी कहा कि उन्हें बचाने की कोशिश के दौरान उसके हाथ में चोट लग गई। पुलिस ने उसके हाथ पर जख्म का निशान देखा है। हालांकि, दिनेश के बयान को अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं माना गया है और जांच टीम उसके दावे की पुष्टि के लिए परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटा रही है।
शोर नहीं मचने और सूचना देने में देरी की जांच
पुलिस के अनुसार, घटना के समय घर में बड़े बेटे और बहू के मौजूद रहने की बात सामने आई है। इसके बावजूद आसपास के ग्रामीणों को तत्काल किसी तरह के शोर-शराबे या घटना की जानकारी नहीं मिली। बाद में दिनेश ने डायल-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद जगदीशपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जांचकर्ता यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना के दौरान घर में क्या परिस्थितियां थीं और सूचना दिए जाने से पहले क्या हुआ। इन सवालों के जवाब पूछताछ और साक्ष्य के आधार पर तलाशे जा रहे हैं।

एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य, हथौड़ी जब्त
घटना की जानकारी मिलते ही जगदीशपुर थानाध्यक्ष आशीष कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रवि कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घर और आसपास के हिस्सों का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। घटनास्थल से मिली हथौड़ी को जब्त किया गया है। पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार, हमले के क्रम और संभावित हमलावरों की भूमिका को लेकर जांच कर रही है।
संपत्ति विवाद की आशंका, पर अभी जांच जारी
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संपत्ति विवाद के कारण हत्या किए जाने की आशंका है। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों के बयान तथा भौतिक साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। पुलिस मृतका की बहन के आने का भी इंतजार कर रही है। उनसे पूछताछ में परिवार के संबंधों और किसी संभावित विवाद के बारे में जानकारी मिल सकती है। फिलहाल दिनेश कुमार और उसकी पत्नी शांति देवी हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है।
दोहरी हत्या के बाद गांव और परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर कड़ी की जांच की जा रही है। आठ नकाबपोशों के कथित प्रवेश, दिनेश के हाथ में मिले जख्म, घर के भीतर की परिस्थितियों और संपत्ति विवाद की आशंका—इन सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका भी साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट की जाएगी।
