पटना। बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर लंबे समय से चल रही अभ्यर्थियों की मांग पर गुरुवार को सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि अब BPSC TRE-4 की परीक्षा एक ही चरण में आयोजित की जाएगी। यानी अभ्यर्थियों को अलग-अलग प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा।
TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सबसे बड़ी आपत्ति परीक्षा को दो चरणों में कराने को लेकर थी। छात्रों की ओर से लगातार मांग की जा रही थी कि शिक्षक भर्ती परीक्षा को पहले की तरह एक ही परीक्षा के जरिए कराया जाए। इसी मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे थे। अब सरकार के फैसले के बाद इस मुद्दे पर बड़ी राहत मिली है।
TRE-4 में अब नहीं होगी अलग PT और Mains परीक्षा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि छात्रों की मांगों को देखते हुए TRE-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दूसरे मुद्दों पर भी सहमति बनी है। कुल 10 बिंदुओं पर फैसले लिए गए हैं।
इस फैसले का सीधा फायदा उन अभ्यर्थियों को होगा जो बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं। दो अलग-अलग चरणों में परीक्षा होने की स्थिति में उम्मीदवारों को अतिरिक्त तैयारी और परीक्षा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता। अब एक ही परीक्षा होने से भर्ती प्रक्रिया को लेकर बनी यह बड़ी उलझन दूर हो गई है।
हालांकि, परीक्षा की तारीख को लेकर अभी अलग से आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। TRE-4 का नोटिफिकेशन पहले ही जारी हो चुका है और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलने वाली है।
छात्रों और सरकार के बीच 10 अहम मुद्दों पर बनी सहमति
TRE-4 को लेकर हुए फैसले के साथ सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार से जुड़े कई अन्य मुद्दों पर भी सहमति जताई है। इनमें डोमिसाइल नीति, भर्ती कैलेंडर, परीक्षा में पारदर्शिता और पेपर लीक की जांच जैसे विषय शामिल हैं।
सरकार की ओर से सामने आए प्रमुख फैसलों में शामिल हैं:
- TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा एक ही चरण में आयोजित होगी। PT और Mains अलग-अलग नहीं होंगे।
- BPSC की परीक्षाएं समय पर कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
- लाइब्रेरियन भर्ती जल्द शुरू करने की बात कही गई है।
- संविदा कर्मियों की भर्ती में अंक और वेटेज दिए जाने की स्थिति में अलग कोटा तय करने के लिए हाईलेवल कमिटी बनाई जाएगी।
- भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू करने के मुद्दे पर आगे कार्रवाई होगी।
- भर्ती परीक्षाओं में अधिकतम उम्र सीमा से जुड़े मुद्दे को परीक्षा सुधार समिति के सामने रखा जाएगा।
- भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर उसका पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
- पेपर, OMR शीट और आंसर शीट को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने का प्रस्ताव परीक्षा सुधार समिति के सामने रखा जाएगा।
- BPSC की AEDO, सेनेटरी सहित कुछ परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों की EOU से निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
- सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति
सरकार ने केवल TRE-4 को लेकर फैसला नहीं किया है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की बात भी कही है। रिपोर्टों के मुताबिक इस समिति की अध्यक्षता पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश करेंगे। समिति विभिन्न परीक्षाओं से जुड़ी छात्रों की शिकायतों को सुनने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के सुझाव देने का काम करेगी।
इस कदम का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के बीच बनी शिकायतों और असमंजस को कम करना है। परीक्षा से जुड़े नियम, पारदर्शिता, शिकायतों के समाधान और भर्ती प्रक्रिया में समयबद्धता जैसे मुद्दों पर समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे निर्णय लिए जाने की बात कही गई है।
छात्रों की शिकायतों के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’
बिहार सरकार ने छात्रों की समस्याओं को सीधे दर्ज कराने के लिए पहले ही ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार इस व्यवस्था के जरिए छात्र अपनी शैक्षणिक, छात्रावास और अन्य समस्याएं ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों पर कार्रवाई शुरू होने और समाधान के लिए समयसीमा तय की गई है।
सरकारी जानकारी के मुताबिक शिकायत दर्ज होने के बाद अधिकतम 30 दिनों के भीतर उसके समाधान का प्रयास किया जाएगा। शिक्षण संस्थानों में हर महीने सहयोग शिविर आयोजित करने की व्यवस्था भी की गई है।
TRE-4 अभ्यर्थियों के लिए अब आगे क्या?
TRE-4 को लेकर सबसे महत्वपूर्ण फैसला परीक्षा के पैटर्न पर आया है। अब अभ्यर्थियों को PT और Mains के दो अलग चरणों की तैयारी नहीं करनी होगी। हालांकि उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के लिए BPSC की आधिकारिक अधिसूचना और परीक्षा से संबंधित निर्देशों पर नजर रखनी होगी।
TRE-4 का नोटिफिकेशन 32,388 शिक्षक पदों के लिए जारी होने की रिपोर्ट पहले सामने आ चुकी है। आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होने और 30 सितंबर तक चलने की जानकारी भी दी गई है, जबकि परीक्षा की तारीख बाद में घोषित की जानी है।
कुल मिलाकर, TRE-4 की एकल परीक्षा को लेकर छात्रों की प्रमुख मांग सरकार ने मान ली है। इसके साथ भर्ती प्रक्रिया में डोमिसाइल, परीक्षा कैलेंडर, पारदर्शिता, पेपर लीक की जांच और शिकायतों के समाधान जैसे मुद्दों पर भी सरकार ने कदम उठाने की बात कही है।
अब अभ्यर्थियों की नजर इन फैसलों के जमीन पर लागू होने और BPSC की ओर से TRE-4 की आगे की आधिकारिक प्रक्रिया पर रहेगी।