बिहारशरीफ। बिहारशरीफ में सरकारी बस कर्मचारियों ने अपनी मांगों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण पटना रूट पर चलने वाली 40 से ज्यादा सरकारी बसों का परिचालन प्रभावित हुआ है। बसें खड़ी रहने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर पटना आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बस कर्मचारियों का आरोप है कि प्राइवेट बस संचालकों की ओर से उनके साथ लगातार दबंगई की जाती है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार विवाद की स्थिति में उनके साथ मारपीट तक की गई है। इसके बावजूद उनकी शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती गई। अब कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
पटना रूट पर सबसे ज्यादा असर
बिहारशरीफ से पटना आने-जाने के लिए बड़ी संख्या में लोग सरकारी बसों पर निर्भर रहते हैं। रोज नौकरी, पढ़ाई और दूसरे जरूरी कामों से लोग दोनों शहरों के बीच सफर करते हैं। ऐसे में अचानक बसों का परिचालन बंद होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल के कारण पटना रूट की 40 से अधिक बसें प्रभावित बताई जा रही हैं। बसों के नहीं चलने से यात्रियों को निजी बसों, ऑटो और दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे सफर का खर्च भी बढ़ सकता है और भीड़ की समस्या भी सामने आ सकती है।
कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी बसों के संचालन के दौरान उन्हें प्राइवेट बस संचालकों की ओर से परेशान किया जाता है। उनका आरोप है कि रूट पर बसों को लेकर विवाद होता है और कई बार मामला मारपीट तक पहुंच जाता है। कर्मचारियों ने इसे लेकर सुरक्षा की मांग की है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी ड्यूटी करना चाहते हैं, लेकिन अगर ड्यूटी के दौरान ही सुरक्षा का भरोसा नहीं होगा तो काम करना मुश्किल है। उनका कहना है कि प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाना चाहिए, ताकि चालक और दूसरे कर्मचारी बिना डर के बस चला सकें।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी
सरकारी बसों की हड़ताल का सीधा असर यात्रियों पर पड़ा है। सुबह से ही बस का इंतजार करने वाले लोगों को परेशानी हुई। कुछ यात्रियों को निजी बसों और दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा। वहीं, जिन यात्रियों को समय पर पटना पहुंचना जरूरी था, उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यात्रा की रही।
बिहारशरीफ और पटना के बीच रोजाना बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। सरकारी बसों की संख्या ज्यादा होने के कारण इनका बंद होना परिवहन व्यवस्था पर असर डालता है। यात्रियों का कहना है कि अगर हड़ताल लंबी चली तो परेशानी और बढ़ सकती है।
समाधान की मांग पर अड़े कर्मचारी
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाए। वे चाहते हैं कि प्राइवेट बस संचालकों के साथ होने वाले विवाद को रोकने के लिए प्रशासन ठोस व्यवस्था करे। कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और मारपीट या दबंगई की शिकायतों पर कार्रवाई हो।
कर्मचारियों का कहना है कि सिर्फ आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्हें ऐसा भरोसा चाहिए कि भविष्य में ड्यूटी के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर प्रशासन तुरंत उनकी मदद करेगा।
पहले भी बस संचालन को लेकर उठते रहे हैं विवाद
बिहार में सरकारी और निजी बसों के संचालन को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं। रूट, परमिट और यात्रियों को लेकर निजी और सरकारी परिवहन से जुड़े लोगों के बीच टकराव की शिकायतें सामने आती रही हैं। बस संचालकों की अलग-अलग मांगों को लेकर बिहार में हड़ताल की घोषणाएं भी होती रही हैं।
फिलहाल बिहारशरीफ में सरकारी बस कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण पटना रूट की बस सेवा प्रभावित है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी सुरक्षा और दूसरी समस्याओं पर ठोस समाधान नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। अब प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से कर्मचारियों की मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर यात्रियों और बस कर्मचारियों दोनों की नजर है।