मानसून की सुस्ती के बीच कई इलाकों में तेज बारिश ने दी राहत, अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर; कम बारिश से किसानों की चिंता अभी खत्म नहीं
पटना। बिहार में लंबे इंतजार के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिख रहा है। मंगलवार को कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। कहीं तेज बारिश हुई तो कहीं गरज-चमक के साथ बादल बरसे। बेगूसराय में भी बारिश का असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बारिश ने जहां गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत दी है, वहीं कई इलाकों में जलभराव की परेशानी भी सामने आ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार बिहार में आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर बना रह सकता है। खासकर उत्तर और मध्य बिहार के कई हिस्सों में बादल सक्रिय रहने की संभावना है।
कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
18 अगस्त को बिहार के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना की रिपोर्ट के मुताबिक पटना समेत बक्सर, जहानाबाद, नवादा, रोहतास, औरंगाबाद और गया में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। वहीं सीवान, वैशाली और सारण के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया। इन इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।
दूसरी ओर, मौसम की बड़ी तस्वीर देखें तो बिहार के साथ झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के आसपास भी मौसम सक्रिय है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगले कुछ दिनों में भी बिहार के कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है।
बेगूसराय में बारिश ने बदला मौसम
बेगूसराय में मंगलवार को बादल छाए रहे और बारिश की संभावना बनी रही। मौसम पूर्वानुमान में भी जिले में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बताई गई है। तापमान में बहुत बड़ी गिरावट भले न हो, लेकिन बारिश से उमस और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
बारिश के कारण शहरों में सड़कों पर पानी जमा होने और यातायात प्रभावित होने की समस्या भी हो सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना बेहतर रहेगा।
41 फीसदी कम बारिश ने बढ़ाई चिंता
बिहार में इस मानसून सीजन में बारिश की कमी अब भी बड़ी चिंता बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। कई जिलों में बारिश की कमी का असर खेती पर भी पड़ा है। गंगा के आसपास के कई जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। बेगूसराय में भी बारिश की कमी दर्ज की गई थी।
ऐसे में अब हो रही बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान और दूसरी खरीफ फसलों को पानी की जरूरत है। अगर आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला बना रहता है तो खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों को फायदा मिल सकता है। लेकिन अगर बारिश फिर कमजोर पड़ गई तो किसानों की परेशानी दोबारा बढ़ सकती है।
वज्रपात को लेकर भी सावधानी जरूरी
बारिश के साथ बिहार में बिजली चमकने और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, खेत या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। खासकर ग्रामीण इलाकों में किसानों और मजदूरों को मौसम साफ होने तक सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग के मुताबिक बिहार में अभी बारिश का दौर खत्म होने वाला नहीं है। अगले कुछ दिनों तक कई हिस्सों में बादल और बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
यानी बिहार में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बेगूसराय समेत कई जिलों में हुई बारिश से लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन राज्य में बारिश की कमी अभी भी बड़ी चुनौती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में मानसून कितनी मजबूती से बरसता है और क्या यह बारिश राज्य में बनी कमी को कुछ हद तक पूरा कर पाती है।