मुजफ्फरपुर। बिहार विधान परिषद के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज को प्रत्याशी घोषित करने के अगले ही दिन झटका लगा है। पार्टी की ओर से 24 सितंबर को प्रत्याशी बनाए गए शिक्षक नेता भूषण झा ने शुक्रवार को जन सुराज से अलग होने और चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ने की घोषणा कर दी। यह घोषणा जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की समीक्षा बैठक के बाद की गई।
एक दिन पहले ही मिला था जन सुराज का टिकट
जन सुराज ने 24 सितंबर को बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए अपनी दूसरी सूची जारी की थी। इसमें तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भूषण झा को प्रत्याशी बनाया गया था। इसी सूची में तिरहुत स्नातक सीट से डॉ. विमोहन कुमार और पटना स्नातक सीट से डॉ. अनुज सिंह को भी उम्मीदवार घोषित किया गया था। इसके साथ ही पार्टी ने सभी आठ सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम पूरे कर लिए थे।
भूषण झा इससे पहले कांग्रेस और जदयू में रह चुके हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक वह 2005 से राजनीति में सक्रिय हैं और इससे पहले विधानसभा तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव भी लड़ चुके हैं। जन सुराज में शामिल होने के बाद उन्होंने पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होने की बात कही थी।
समीक्षा बैठक के बाद पार्टी छोड़ने का ऐलान
भूषण झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जन सुराज से अलग होने की जानकारी दी। उनका आरोप है कि शुक्रवार को समीक्षा बैठक के दौरान जब वह अपनी बात रख रहे थे, तब उनके साथ मौजूद शिक्षक साथियों को उनकी बात रिकॉर्ड करने से रोका गया।
भूषण झा के अनुसार, उनकी बात को मीडिया तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की गई और उन पर वही बात कहने का दबाव बनाया गया जो उनसे कहने के लिए कहा गया था। उन्होंने इसे आपत्तिजनक बताते हुए पार्टी के समर्थन के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया।
ये आरोप भूषण झा की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में जन सुराज की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है। हालांकि पार्टी प्रवक्ता नदीम खान ने कहा है कि तिरहुत शिक्षक सीट के उम्मीदवार को लेकर नए सिरे से विचार किया जा रहा है।
शिक्षकों के सुझाव पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात
भूषण झा ने कहा कि शिक्षक साथियों से बातचीत और उनके सुझाव के बाद उन्होंने जन सुराज के समर्थित प्रत्याशी के बजाय निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
इस तरह प्रत्याशी घोषित होने के करीब 24 घंटे के भीतर ही तिरहुत शिक्षक सीट पर जन सुराज के सामने उम्मीदवार बदलने की स्थिति बन गई है। अब पार्टी की ओर से इस सीट के लिए नए नाम पर फैसला लिया जाना बाकी है।
बैठक में प्रत्याशी का नाम नहीं लेने का भी दावा
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, भूषण झा ने यह भी दावा किया कि समीक्षा बैठक के दौरान प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में शिक्षक सीट के प्रत्याशी के रूप में उनका नाम नहीं लिया। उन्होंने बैठक में संगठन के चुनावी तौर-तरीकों को लेकर भी सवाल उठाए। ये बातें भूषण झा के पक्ष से सामने आए दावों के रूप में रिपोर्ट की गई हैं।
तिरहुत शिक्षक सीट पर अब बदलेगा चुनावी समीकरण
बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव होना है, उनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। तिरहुत शिक्षक सीट भी इन्हीं में शामिल है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी, 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे, 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। मतदान 23 अक्टूबर को और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
भूषण झा के निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद अब तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबले की तस्वीर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद और स्पष्ट होगी। जन सुराज की ओर से इस सीट पर नया प्रत्याशी कौन होगा, इस पर भी पार्टी के अगले फैसले का इंतजार है।