पटना: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी पुलिस मुठभेड़ मामले में बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को घोषणा की कि दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी निर्णय लिया गया है। सरकार ने यह फैसला मामले की चल रही न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भरत तिवारी मामले की न्यायिक जांच जारी है और जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने पीड़ित परिवार को सहायता देने का निर्णय लिया है। हालांकि, सरकार की ओर से फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि परिवार को कितनी आर्थिक सहायता दी जाएगी और सरकारी नौकरी किस पद पर दी जाएगी।
न्यायिक जांच के बीच सरकार का फैसला
भोजपुर के बिलौटी गांव में हुई पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद से ही मामले को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। परिवार और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका दावा था कि घटना के हालात को लेकर कई सवाल हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विवाद बढ़ने के बाद बिहार सरकार ने मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया था। जांच के दौरान आयोग ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए। मामले में सामने आए वीडियो और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी अलग-अलग स्तर पर सवाल उठते रहे हैं।
परिवार को आर्थिक सहारा देने का फैसला
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के बाद अब भरत तिवारी के परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला भी किया गया है।
सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब मामले की अंतिम न्यायिक रिपोर्ट अभी सामने आनी बाकी है। अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर राहत से जुड़ा फैसला लिया गया है, जबकि जांच के अंतिम निष्कर्ष के बाद आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
घटना के बाद उठे थे कई सवाल
भरत तिवारी की मौत के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर बिहार में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस तेज हुई थी। विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष से जुड़े कुछ नेताओं ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी पहले कहा था कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा था कि यदि किसी पुलिसकर्मी ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मामले को लेकर भोजपुर में महापंचायत भी हुई थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई थी।
अंतिम रिपोर्ट पर टिकी नजर
सरकार की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी देने की घोषणा के बाद अब सबकी नजर न्यायिक जांच की अंतिम रिपोर्ट पर है। अंतिम रिपोर्ट में घटना से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारी को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल सरकार ने अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर परिवार को राहत देने का फैसला किया है। आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की घोषणा से परिवार को तत्काल सामाजिक और आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है, जबकि मामले की पूरी तस्वीर न्यायिक जांच की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी।