हाजीपुर/भगवानपुर। वैशाली जिले के भगवानपुर में बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत श्रम विभाग की धावा टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। स्टेशन रोड स्थित न्यू राजू साइकिल स्टोर से 13 वर्षीय बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया। कार्रवाई के बाद दुकान संचालक के खिलाफ भगवानपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
धावा दल ने साइकिल दुकान में की कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, श्रम संसाधन विभाग की ओर से गठित जिलास्तरीय बाल श्रमिक उन्मूलन धावा दल भगवानपुर बाजार क्षेत्र में जांच अभियान पर था। इसी दौरान स्टेशन रोड स्थित न्यू राजू साइकिल स्टोर में एक नाबालिग के काम करने की जानकारी सामने आई।
जांच के दौरान टीम ने 13 वर्षीय बाल श्रमिक को दुकान से मुक्त कराया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसे संबंधित बाल संरक्षण व्यवस्था के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की कार्रवाई की गई।
दुकान संचालक के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी
इस मामले में भगवानपुर की श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी नेहा कुमारी की ओर से दुकान एवं उसके संचालक सज्जन कुमार के खिलाफ भगवानपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
मामले में श्रम विभाग की कार्रवाई के आधार पर बाल श्रम से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में भगवानपुर थाना कांड संख्या 401/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम कराना प्रतिबंधित
श्रम विभाग के अनुसार, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को रोजगार में लगाना प्रतिबंधित है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत ऐसे मामलों में नियोजक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
भगवानपुर में हुई कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है। जिले में बाल श्रम के खिलाफ अभियान के दौरान विभाग की टीमें अलग-अलग प्रतिष्ठानों की जांच कर रही हैं।
बाजार के अन्य दुकानदारों में भी मची हलचल
न्यू राजू साइकिल स्टोर में कार्रवाई की खबर फैलते ही भगवानपुर बाजार के अन्य दुकानदारों में भी हलचल देखी गई। बताया जा रहा है कि बाजार क्षेत्र की कुछ अन्य दुकानों में भी कम उम्र के बच्चों से काम कराए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
ऐसे में श्रम विभाग की इस कार्रवाई के बाद अन्य दुकानों की भी जांच बढ़ने की संभावना है।
जिले में बाल श्रम के खिलाफ लगातार अभियान
बाल श्रम के खिलाफ वैशाली जिले में प्रशासन और श्रम विभाग की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। हाल की कार्रवाई में भगवानपुर और सहदेई बुजुर्ग क्षेत्र से दो बाल श्रमिकों को अलग-अलग प्रतिष्ठानों से मुक्त कराया गया था। विभाग ने संबंधित नियोजकों के खिलाफ प्राथमिकी और अन्य विधिसम्मत कार्रवाई की बात कही थी।
प्रशासन की ओर से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।